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क्या सावरकर ने वे सच छिपाए थे, जो ये किताब बता रही है?

वीडियो: हाल ही में राजकमल प्रकाशन से अशोक कुमार पांडेय की किताब ‘सावरकर: काला पानी और उसके बाद’ प्रकाशित होकर आई है. इस किताब में कई ऐसी सच्चाइयों को बयान किया गया है, जिसका उल्लेख कम ही किया जाता है. लेखक का कहना है कि किसी के बारे में जानने के लिए यह नहीं पढ़ना चाहिए कि दूसरों ने उन पर क्या लिखा है, बल्कि वह पढ़ा जाना चाहिए, जो उन्होंने ख़ुद लिखा है. इससे उनके मूल विचारों का पता चलता है.

क्या राम के नाम पर अयोध्या कॉरपोरेटी विकास की मिसाल बनती जा रही है…

राम मंदिर क्षेत्र के पास रसूख़दारों द्वारा ज़मीनों की ख़रीद-फ़रोख़्त के गोरखधंधे में घिरी अयोध्या की एक चिंता यह भी है कि सत्ता समर्थित मूल्यहीन भव्यता के हवाले होती-होती वह राम के लायक भी रह पाएगी या नहीं?

अयोध्या: राम मंदिर के पास विधायकों, महापौर, अधिकारियों के परिजनों ने ज़मीनें खरीदीं- रिपोर्ट

इसमें से पांच मामलों में लेन-देन को लेकर हितों के टकराव का मामला उत्पन्न होता है, क्योंकि महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट ने जो ज़मीन बेची है, वह दलितों से ज़मीन खरीदते समय कथित अनियमितताओं को लेकर जांच के दायरे में है. इस मामले की जांच वही अधिकारी कर रहे हैं, जिनके रिश्तेदारों ने ज़मीन खरीदी है.

‘अगर अयोध्या आंदोलन नहीं होता तो मोदी वो नेता नहीं बन पाते, जो वो आज हैं’

वीडियो: वरिष्ठ पत्रकार और लेखक नीलांजन मुखोपाध्याय की नई किताब ‘द डिमोलिशन एंड द वर्डिक्ट: अयोध्या एंड द प्रोजेक्ट टू रिकन्फिगर इंडिया’ हाल ही में आई है. इस किताब के ज़रिये राम जन्मभूमि-अयोध्या आंदोलन के भारत की राजनीति और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नीलांजन से महताब आलम की बातचीत.

देश के 15 प्रधानमंत्रियों की बात करती है रशीद किदवई की ये किताब

वीडियो: हाल ही में जाने-माने लेखक, पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की पहली हिंदी किताब प्रकाशित होकर आई है, जिसका नाम है, भारत के प्रधानमंत्रीः देश, दशा, दिशा. इसमें देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की एक विवेचना पेश की गई है. इस किताब के ज़रिये रशीद किदवई से बातचीत.

दिल्ली: हाईकोर्ट ने सलमान ख़ुर्शीद की किताब पर प्रतिबंध लगाने की याचिका सुनने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की हालिया किताब की बिक्री और प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर विचार करने से मना करते हुए कहा कि यह ‘एक मौक़ापरस्त याचिकाकर्ता’ हैं जिन्होंने प्रचार के लिए याचिका दायर की.

बहुसंख्यक विचारों से मेल खाने पर ही अभिव्यक्ति की आज़ादी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए: कोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद की किताब पर रोक लगाने की याचिका ख़ारिज करते हुए की थी. फ़ैसले के विस्तृत आदेश में कोर्ट ने कहा कि असहमति का अधिकार जीवंत लोकतंत्र का सार है. संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर सिर्फ किसी के लिए अप्रिय होने की आशंका के आधार पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती.

नैनीताल स्थित घर में तोड़फोड़ के बाद सलमान ख़ुर्शीद ने कहा, यह हिंदू धर्म नहीं हो सकता

कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद द्वारा अपनी किताब ‘सनराइज़ ओवर अयोध्याः नेशनहुड इन आर टाइम्स’ में कथित तौर पर ‘हिदुत्व’ की तुलना जिहादी आतंकी संगठनों से की गई है, जिसके बाद विवाद छिड़ गया है. भाजपा के अलावा ख़ुर्शीद को इस किताब के कारण अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा है.

दिल्ली: सलमान ख़ुर्शीद की किताब के प्रकाशन व बिक्री पर रोक के लिए याचिका दायर

दक्षिणपंथी समूह हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की किताब ‘सनराइज़ ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हुए दावा किया है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले किताब लाने का उद्देश्य अल्पसंख्यकों का ध्रुवीकरण और वोट हासिल करना है.

कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस से करने पर विवाद

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की नई किताब ‘सनराइज़ ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ में कथित तौर पर हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हरम जैसे कट्टरपंथी समूहों से की गई है, जिसे लेकर भाजपा और उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे उनके राज्य में इस किताब पर प्रतिबंध लगवाएंगे. 

व्यंग्य में छिपी बातें अब राजनीति और समाज में खुलेआम हो रही हैंः ज्ञान चतुर्वेदी

वीडियो: व्यंग्य के रूप में हिंदी साहित्य में हम हरिशंकर परसाई, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल जैसे नामों को हम देखते आए हैं. वर्तमान में इन नामों की परंपरा को आगे सहेजने वालों में ज्ञान चतुर्वेदी जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. 70 के दशक में धर्मयुग पत्रिका से अपनी व्यंग्य यात्रा शुरू करने वाले ज्ञान चतुर्वेदी ने अपनी रचनाओं के ज़रिये इस विश्वास को आधार भी दिया है. हाल ही में उनकी किताब नेपथ्य लीला आई है. इस पर उनसे बातचीत.

मुस्लिम मोहल्लों को आज भी मिनी पाकिस्तान समझा जाता है

वीडियो: अक्सर मुसलमानों के हित की बात करने वाले हर व्यक्ति को कह दिया जाता है कि तुम भी पाकिस्तान चले जाओ और साथ में इन बचे-खुचे मुसलमानों को भी ले जाओ, क्योंकि पाकिस्तान इन्होंने ही बनवाया था. कुछ ऐसी ही बातें नई किताब ‘कॉन्टेस्टेड होमलैंड्स: पॉलीटिक्स ऑफ स्पेस एंड आइडेंटिटी’ कहती है. जैसे- मुस्लिम मोहल्लों को आज भी ‘मिनी पाकिस्तान’ समझा जाता है. इसकी लेखक नाज़िमा परवीन ने किस अनुभव के चलते ये बातें कहीं हैं. हमने इस वीडियो में उनसे जानने की कोशिश की.

राजस्थान: कुलपतियों को राज्यपाल की जीवनी के साथ बिल भी दिए जाने पर विवाद, राजभवन ने दी सफाई

राजभवन में एक जुलाई को आयोजित राज्यपाल कलराज मिश्र की जीवनी के विमोचन कार्यक्रम में शामिल राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के वाहनों में प्रकाशक ने पुस्तक की प्रतियां रख दीं और उनका बिल उनके वाहन चालकों को थमा दिया था. राजभवन ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि पुस्तक के विपणन और इससे संबंधित किसी व्यावसायिक गतिविधि में उसकी कोई भूमिका नहीं है.

मुसलमानों का अनदेखा किया गया सच है, ‘बॉर्न अ मुस्लिम’

वीडियो: कुछ ही समय पहले पत्रकार ग़ज़ाला वहाब की एक किताब आई है, ‘बॉर्न अ मुस्लिम- सम ट्रूथ्स अबाउट इस्लाम इन इंडिया’. इस सिलसिले में ग़ज़ाला से विशेष बातचीत.

क्या आरएसएस बदल रहा है?

वीडियो: हाल ही में आई किताब ‘रिपब्लिक ऑफ हिंदुत्व’ के लेखक बद्री नारायण बता रहे हैं कि आरएसएस किस तरह से ज़मीन पर काम करता है. पहले के और अभी के आरएसएस में क्या-क्या बदल गया है. इस किताब और आरएसएस से जुड़े कई मुद्दों पर प्रोफेसर अपूर्वानंद ने उनसे बातचीत की.