जब सांप्रदायिकता और पत्रकारिता में भेद मिट जाए, तब इसका विरोध कैसे करना चाहिए?

जब पत्रकारिता सांप्रदायिकता की ध्वजवाहक बन जाए तब उसका विरोध क्या राजनीतिक के अलावा कुछ और हो सकता है? और जनता के बीच ले जाए बग़ैर उस विरोध का कोई मतलब रह जाता है? इस सवाल का जवाब दिए बिना क्या यह समय बर्बाद करने जैसा नहीं है कि 'इंडिया' गठबंधन का तरीका सही है या नहीं.

कोल्हापुर में छात्र सांप्रदायिक भीड़ में तब्दील हो रहे हैं: फैक्ट-फाइंडिंग टीम

महाराष्ट्र में कोल्हापुर के कई शैक्षणिक संस्थानों में हाल ही में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है. पुलिस पर उन शिक्षकों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज करने का दबाव है, जो दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादी समूहों पर सवाल उठाते हैं. ऐसे कई संगठनों को इस क्षेत्र में मजबूत आधार मिल रहा है, जिससे मुस्लिम समुदाय पर हिंसक हमलों सहित क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा मिला है. 

हरियाणा: नूंह में लगाई गई आग का ज़िम्मेदार कौन है?

नूंह के मेव मुसलमान सदियों से क्षेत्र के हिंदुओं के साथ घनिष्ठ संबंध और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन साझा करते आए हैं, लेकिन 2017 के बाद से शुरू हुईं लिंचिंग की घटनाओं और नफ़रत के चलते होने वाली हिंसा ने इस रिश्ते में दरार डाल दी है.

कर्नाटक: सरकारी स्कूल की शिक्षक ने मुस्लिम छात्रों से ‘पाकिस्तान जाने’ को कहा

कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले का मामला. शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षक का तबादला कर दिया है. इस बारे में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि शिक्षक मंजुला देवी बीते 31 ​अगस्त को 5वीं कक्षा में पढ़ा रही थीं, तभी दो मुस्लिम छात्र आपस में झगड़ने लगे. शिक्षक ने दोनों को डांटा और कथित तौर पर उनसे कहा कि यह उनका देश नहीं है.

नूंह सांप्रदायिक हिंसा के बाद मेवात में किसान और खाप पंचायतें नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुट

31 जुलाई को नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से किसानों ने हरियाणा में सांप्रदायिकता का मुक़ाबला करने के लिए क्षेत्र में तीन बड़ी बैठकें की हैं. इसके अलावा खाप पंचायतों की इसी तरह की 20 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं. किसान संगठनों का कहना है कि आगामी राज्य और संसदीय चुनावों से पहले लोग ‘ध्रुवीकरण को रोकने के लिए एकजुट’ हो गए हैं.

गुड़गांव: चाय की दुकान पर मुस्लिमों को जगह छोड़कर जाने की धमकी वाले पोस्टर लगे, एफ़आईआर दर्ज

गुड़गांव के सेक्टर 69 की एक चाय की दुकान की दीवार पर ये आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए गए थे, जिनमें मुसलमानों से सोमवार तक जगह छोड़ने वरना परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी. हालांकि दुकान के मालिक ने कबाड़ का काम करने वाले एक व्यक्ति पर इसका संदेह जताया है, जिससे कुछ दिन पहले उनका विवाद हुआ था.

हरियाणा: नूंह प्रशासन का विहिप को 28 अगस्त को यात्रा निकालने की अनुमति से इनकार

नूंह प्रशासन ने 28 अगस्त को प्रस्तावित विश्व हिंदू परिषद की 'ब्रज मंडल यात्रा' को आधिकारिक तौर पर अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके पहले 31 जुलाई को दक्षिणपंथी संगठनों की यात्रा के दौरान नूंह और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी.

अगर धार्मिक यात्रा फिर से निकाली गई तो हथियारों की अनुमति नहीं दी जाएगी: नूंह पुलिस प्रमुख

बीते 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह शहर में विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू दक्षिणपंथी समूहों द्वारा निकाली गई एक धार्मिक यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई थी. अब कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने घोषणा की है कि वे नूंह में धार्मिक यात्रा ‘फिर से शुरू’ करेंगे.

हरियाणा: नूंह हिंसा भड़काने के आरोपी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी गिरफ़्तार

​हरियाणा की नूंह पुलिस ने गोरक्षक राजकुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी बीते 31 अगस्त को हुई सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ़्तार किया है. इस हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी. मामले में गोरक्षक मोनू मानेसर भी आरोपी हैं. दोनों पर दक्षिणपंथी समूहों की यात्रा से पहले मुस्लिम बहुल ज़िले नूंह में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप है.

‘आज़ादी के सात दशकों में उन सिद्धांतों पर काम नहीं किया गया जिनके बल पर देश आज़ाद हुआ था’

साक्षात्कार: इतिहासकार, शिक्षाविद और नारीवादी उमा चक्रवर्ती देश की आज़ादी के समय छह साल की थीं. शिक्षा, समाज सेवा, फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में व्यापक काम कर चुकीं उमा का कहना है कि आज धर्म के आधार पर हो रही लिंचिंग, दंगे आदि स्वतंत्रता आंदोलन और उससे जुड़े वादों के साथ धोखा हैं.

निरंतर विभाजित किए जा रहे भारत में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का आयोजन पाखंड है

‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ को राजनीतिक एजेंडा कहना ज़्यादा बेहतर है. जहां इसके सरकारी आयोजन से जुड़ी प्रदर्शनी की सामग्री में विभाजन की त्रासदी में मुसलमानों से जुड़ा कोई दुखद पहलू प्रदर्शित नहीं किया गया है, वहीं आयोजक अतिथियों को 'अखंड भारत' के नक़्शे वाले स्मृति चिह्न भेंट करते दिखे.

15 अगस्त 1947 के भारत के मुक़ाबले आज देश कहीं अधिक विभाजित है

हिंदुस्तान में जगह-जगह दरारें पड़ रही हैं या पड़ चुकी हैं. यह कहना बेहतर होगा कि ये दरारें डाली जा रही हैं. पिछले विभाजन को याद करने से बेहतर क्या यह न होगा कि हम अपने वक़्त में किए जा रहे धारावाहिक विभाजन पर विचार करें और उसे रोकने को कुछ करें? 

हरियाणा की खापों, कृषि संघों ने महापंचायत में मोनू मानेसर की गिरफ़्तारी की मांग की

नूंह में हुई हिंसा के बाद राज्य के कई क्षेत्रों में फैले सांप्रदायिक तनाव के बीच हरियाणा की लगभग 30 खापों, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं, कई किसान संघों और विभिन्न धर्मों के लोगों ने हिसार में महापंचायत में हिस्सा लिया, जहां शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई.

क्यों मध्य प्रदेश में कांग्रेस को हिंदुत्व का बुखार चढ़ गया है?

राष्ट्रीय स्तर पर एक तरफ कांग्रेस वर्तमान हिंदुत्ववादी राजनीति के ख़िलाफ़ लड़ने का दम भरती है, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश में इसके वरिष्ठ नेता कमलनाथ हिंदुत्व के घोर सांप्रदायिक चेहरों की आरती उतारते और भरे मंच पर उन्हें सम्मानित करते नज़र आते हैं.

नूंह हिंसा से जुड़ी घटनाएं बताती हैं कि दंगा हुआ नहीं बल्कि करवाया गया

वीडियो: नूंह में हुई सांप्रदायिक झड़पें और उसके बाद राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में हुई हिंसा से पहले इसके लिए हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा माहौल तैयार किया गया था, जिसकी पुष्टि कई मीडिया रिपोर्ट्स करती हैं. तमाम वीडियोज़ सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं, जिनसे सवाल उठता है कि अगर सरकार चाहती, तो ऐसा नहीं होता.

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