Covid19

कोविड टीके के प्रतिकूल प्रभावों से हुई मौतों के लिए सरकार को ज़िम्मेदार नहीं ठहरा सकते: केंद्र

कोविड टीकाकरण के कथित प्रतिकूल प्रभावों से दो लड़कियों की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस संबंध में केंद्र सरकार ने अदालत में पेश हलफ़नामे में कहा है कि टीकों के इस्तेमाल से मौत के मामलों के लिए सरकार को मुआवज़े के लिए जवाबदेह ठहराना क़ानूनन सही नहीं है.

कोविड महामारी के दौरान जान गंवाने वाले 73 फीसदी डॉक्टरों को मुआवज़ा नहीं मिला: रिपोर्ट

एक मीडिया रिपोर्ट में सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के हवाले से बताया गया है कि 30 मार्च 2020 से 30 सितंबर 2022 तक कोविड-19 महामारी के दौरान अपना सेवाएं देते हुए जान गंवाने वाले 428 डॉक्टरों के परिवारों को 214 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया गया है, जबकि आईएमए के मुताबिक महामारी की पहली दो लहरों में जान गंवाने वाले डॉक्टरों की संख्या 1,596 थी.

कोविड-19: दो साल तक ऑनलाइन क्लास लेने के बाद छात्रों का ऑफ़लाइन परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन

इस बार कई विश्वविद्यालयों ने मई-जून 2022 में समाप्त हो रहे सेमेस्टर के लिए ऑफ़लाइन परीक्षा कराने का फ़ैसला किया है, लेकिन हॉस्टल प्रबंधन, परीक्षा शेड्यूल और हाइब्रिड क्लास टाइमटेबल को लेकर थोड़ी बहुत स्पष्टता के साथ अधिकांश राज्यों में छात्र इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं.

पिछले डेढ़ साल से प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र प्रदर्शन के लिए क्यों मजबूर हैं

सिविल सेवा और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी का गढ़ माने जाने वाले दिल्ली के मुखर्जी नगर में छात्र प्रदर्शन के साथ क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं. इनकी मुख्य मांग है कि इन्हें सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका दिया जाए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हलफ़नामा दाख़िल कर कहा है कि ऐसा करना संभव नहीं है.

कोविड की दूसरी लहर के दौरान गंगा में फेंके गए शवों का कोई डेटा नहींः केंद्र सरकार

केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि गंगा नदी में फेंके गए संभावित कोविड-19 शवों की संख्या के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. जलशक्ति राज्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और उनके मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकारों से रिपोर्ट मांगी है.

गंगा मिशन के प्रमुख ने स्वीकार किया कि महामारी के बीच गंगा में लाशें फेंकी गई थीं

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा द्वारा लिखी गई एक किताब में गंगा पर पड़े महामारी के भयावह प्रभाव की व्याख्या की गई है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नदी को बचाने के लिए पिछले पांच सालों में जो कार्य किए गए थे, उन्हें नष्ट किया जा रहा है. कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान शव मिलने की ख़बर पर यूपी सरकार की ओर से कहा गया था कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में शवों को गंगा में प्रवाहित करने की परंपरा रही है.

दिल्ली: सलमान ख़ुर्शीद की किताब के प्रकाशन व बिक्री पर रोक के लिए याचिका दायर

दक्षिणपंथी समूह हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की किताब ‘सनराइज़ ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हुए दावा किया है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले किताब लाने का उद्देश्य अल्पसंख्यकों का ध्रुवीकरण और वोट हासिल करना है.

कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस से करने पर विवाद

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की नई किताब ‘सनराइज़ ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ में कथित तौर पर हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हरम जैसे कट्टरपंथी समूहों से की गई है, जिसे लेकर भाजपा और उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे उनके राज्य में इस किताब पर प्रतिबंध लगवाएंगे. 

यूपी: कोरोना से जान गंवाने वाली पार्षद को जारी किया गया दूसरी डोज़ लगने का टीकाकरण प्रमाणपत्र

मेरठ के कैंट बोर्ड की वार्ड छह की सदस्य मंजू गोयल को 20 मार्च को कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक दी गई थी. इसके बाद वे कोरोना संक्रमित हुईं और उनका निधन हो गया. उनके बेटे ने बताया कि शुक्रवार दोपहर उनके मोबाइल पर टीके की दूसरी खुराक लगने का मैसेज आया और पोर्टल पर प्रमाणपत्र भी जारी किया गया.

चीनः वुहान में फिर लौटा कोरोना, कई शहरों में बड़े पैमाने पर टेस्ट प्रक्रिया शुरू

चीन के वुहान शहर में दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया.

कर्नाटकः माहवारी में महिलाओं कोविड टीका न लगाने का आरोप, प्रशासन ने इनकार किया

कर्नाटक के रायचूर, बेलगावी और बीदर ज़िलों के टीकाकरण केंद्रों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां केंद्रों पर मौजूद स्टाफकर्मी माहवारी के दौरान यहां आने वाली महिलाओं को बिना टीका लगाए वापस भेज दिया. उनका कहना था कि ऐसे में टीका लगाने से महिलाओं में नकारात्मक प्रभाव सामने आते हैं.

कोविड से मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत आर्थिक मदद की एक निश्चित राशि तय करने का निर्देश केंद्र को नहीं दे सकती लेकिन सरकार कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक मदद की राशि का न्यूनतम मानदंड हर पहलू को ध्यान में रखते हुए निर्धारित कर सकती है. इससे पहले वायरस से जान गंवा चुके लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने की मांग पर केंद्र ने असमर्थता जताई थी.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

गंगा में मिले शवों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- मानवाधिकार आयोग जाएं

एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोरोना मृतकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नीति बनाने, दाह संस्कार, कोविड प्रभावित शवों को दफनाने और एंबुलेंस सेवाओं के लिए अधिक शुल्क को नियंत्रित करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी.

सुनवाई से इनकार करना एक आरोपी को दिए गए अधिकार और स्वतंत्रता का उल्लंघन है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष एक वर्ष से अधिक समय तक एक आरोपी की ज़मानत याचिका को सूचीबद्ध नहीं किए जाने पर हैरानी जताते हुए कहा कि महामारी के दौरान जब अदालतें सभी मामलों को सुनने और विचार करने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे में ज़मानत के लिए इस तरह के आवेदन का सूचीबद्ध न होना, न्याय प्रशासन की हार है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- कोविड-19 से हुईं प्रत्येक मौत पर नहीं दे सकते चार लाख का मुआवज़ा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि कोविड-19 से जान गंवा चुके हर व्यक्ति के परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान नहीं कराई जा सकती, क्योंकि आपदा प्रबंधन क़ानून में केवल भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में ही मुआवज़े का प्रावधान है. सरकार ने शीर्ष अदालत को कार्यकारी नीतियों से दूर रहने के अपने पहले के फैसले की भी याद दिलाई और कहा कि न्यायपालिका केंद्र की ओर से निर्णय नहीं ले सकती है.