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उत्तर प्रदेश: स्मार्ट सिटी के तमगे के बावजूद झांसी बदहाल क्यों है

ग्राउंड रिपोर्ट: झांसी बुंदेलखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है, जो स्मार्ट सिटी में भी शुमार है. लेकिन शहर और इससे सटे गांवों में पानी की भारी किल्लत और पलायन की समस्या क्षेत्र की समस्याओं की बानगी भर हैं.

यूपी चुनाव: ‘हमारा विकास नहीं हुआ तो हमारा साथ भी भूल जाए भाजपा’

वीडियो: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा क्षेत्र में आने वाले गढ़ी चौखंडी गांव के रहवासियों ने खुली नालियों, कच्ची सड़क, पानी और सीवेज संबंधी समस्याएं उठाई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन और नए-पुराने वादे

75वें स्वतंत्रता दिवस पर नरेंद्र मोदी ने सौ लाख करोड़ रुपये वाली महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का ऐलान कर विकास और रोजगार के संकट के समाधान का सब्ज़बाग दिखाया, तो भूल गए कि वे देश के सालाना बजट से भी बड़ी ऐसी ही योजना इससे पहले के स्वतंत्रता दिवस संदेशों में भी घोषित कर चुके हैं.

केन-बेतवा लिंक: विकास की बाट जोहते ग्रामीण अब विस्थापन के मुहाने पर खड़े हैं…

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में 10 गांवों को विस्थापित किया जाना है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही तमाम बुनियादी सुविधाओं के बिना चल रही उनकी ज़िंदगी को यह प्रोजेक्ट यातनागृह में तब्दील कर देगा. उन्हें यह डर भी है कि तमाम अन्य परियोजनाओं की तरह उन्हें उचित मुआवज़ा नहीं मिलेगा.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खातों, आतंकवाद, जन कल्याण, पर्यावरण जैसे मुद्दों पर बात की. यह संयुक्त राष्ट्र में मोदी का दूसरा संबोधन था.

क्या मोदी सरकार का आख़िरी बजट वास्तव में भारत की तरक्की की कहानी बयां करता है?

3000 करोड़ रुपये की मूर्ति, 1 लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन उस देश की सबसे पहली ज़रूरतें हैं, जहां छह करोड़ बच्चे कुपोषित हैं, शिक्षकों के दस लाख पद ख़ाली हैं, सवा तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं और 20 करोड़ लोग रोज़ भूखे सोते हैं.

क्या विकास का वर्तमान मॉडल हमारे सामाजिक मूल्यों का विनाश कर रहा है?

वर्तमान समय में संस्थाएं गोल हासिल करने वाली वाली कंपनी और व्यक्ति, टारगेट हासिल करने वाला एजेंट बनकर रह गया है.

मोदी सरकार को आर्थिक वृद्धि की ‘सनक’ से बाहर आकर विकास के सही मायने समझने की ज़रूरत: ज्यां द्रेज

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को औद्योगिक घरानों या राज्य सरकारों के भरोसे छोड़ दिया है.

Stockholm: Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian Community in Stockholm, Sweden on Tuesday. PTI Photo / PIB(PTI4_18_2018_000045B)

मोदी सरकार: तिलिस्म टूटने और मायाजाल बिखरने के चार साल

देश को बदलते-बदलते प्रधानमंत्री ख़ुद बदलकर मौनमोदी हो गए हैं. कथित गोरक्षक किसी को मार डालें, कोई बच्ची बलात्कारियों की वहशत का शिकार हो जाए या डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी रिकॉर्ड तोड़ दे, वे अपना मौन तभी तोड़ते हैं, जब उन्हें अपने मन की बात कहनी होती है.

मोदी सरकार के चार साल: झूठ और धर्मांधता की संस्कृति फैलाने के लिए सरकार जश्न मना सकती है

हर सरकार के दौर में एक राजनीतिक संस्कृति पनपती है. मोदी सरकार के दौर में झूठ नई सरकारी संस्कृति है. जब प्रधानमंत्री ही झूठ बोलते हैं तो दूसरे की क्या कहें. दूसरी संस्कृति है धर्मांधता की.

मध्य प्रदेश में 3 बच्चियां जलकर नहीं मरीं, व्यवस्था ने उनकी हत्या की है

यदि सरकारों ने बच्चों की प्रारंभिक देखरेख और सुरक्षा पर ध्यान दिया होता, तो आज राखी, मीनू और सीता ज़िंदा होतीं.

पश्चिम बंगाल: वरिष्ठ भाजपा नेता तृणमूल कांग्रेस में शामिल

2016 में भाजपा में शामिल हुए कर्नल दीप्तांशु चौधरी ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता विकास की बजाय जनता के बीच दरार पैदा करना है.

मानव विकास सूचकांक के मामले में श्रीलंका और मालदीव से पीछे भारत

साल 2016 के मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में भारत फिसलकर एक अंक नीचे चला गया है. 188 देशों की सूची में वह 131वें नंबर पर है.