Dharma Sansad’

यूपी: उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘धर्म संसद’ का किया बचाव, इंटरव्यू बीच में ही छोड़ा

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि जब धर्माचार्यों की बात करो, तो धर्माचार्य केवल हिंदू धर्माचार्य नहीं होते हैं, मुस्लिम भी होते हैं और ईसाई भी? और कौन-कौन क्या बातें कर रहा है, उन बातों को एकत्र करके सवाल करिए. हर सवाल का जवाब दूंगा.

धर्म संसद: नफ़रत फ़ैलाने वाले भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र एवं अन्य को नोटिस जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों हरिद्वार और दिल्ली में हुए ‘धर्म संसद’ में कथित रूप से मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने और उनके नरसंहार का आह्वान करने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश देने संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रहा है. अदालत ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में इसी तरह के कार्यक्रमों को लेकर अपनी चिंताओं के संबंध में प्रतिवेदन स्थानीय प्राधिकरण को देने की भी अनुमति दी.

उत्तराखंड: विपक्ष, पूर्व अफ़सरों ने राज्यपाल को लिखा- सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के प्रयास रोकें

उत्तराखंड के विपक्षी नेताओं, सौ से अधिक पूर्व सेना, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) गुरमीत सिंह को एक ज्ञापन भेजकर उनसे ‘राज्य में हो रही हिंसक गतिविधियों और देश विरोधी कार्यों’ पर रोक लगाने की गुज़ारिश की है.

‘धर्म संसद’ में नफ़रत भरे भाषण को लेकर कार्रवाई संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को राज़ी

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा दायर याचिका में बीते दिसंबर महीने में हरिद्वार में हुए ‘धर्म संसद’ के दौरान मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषणों की एक विशेष जांच दल द्वारा स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.

प्रवासी भारतीयों ने ‘धर्म संसद’ में नफ़रत भरे भाषण देने वालों की गिरफ़्तारी की मांग की

विभिन्न वैश्विक संगठनों के एक समूह द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि पिछले महीने हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर भड़काऊ भाषणों पर दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जर्मनी, स्कॉटलैंड, फिनलैंड और न्यूज़ीलैंड में प्रवासी समूहों ने अपना रोष जताया है.

एफ़आईआर और एसआईटी जांच के विरोध में ‘​हरिद्वार धर्म संसद’ के आयोजक ‘प्रतिकार सभा’ करेंगे

बीते दिसंबर महीने में हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ में कथित तौर मुस्लिमों के खिलाफ नफरत भरे बयान देने के अलावा उनके नरसंहार का आह्वान किया था. इस मामले में क​ट्टर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद समेत कई अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए गए हैं. इस बीच यूपी के अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ पर रोक लगाने की मांग की गई है.

देश में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर बढ़ रहे हमलों के बीच जवाबदेही क़ानूनों की ज़रूरत है

21 दिसंबर को किसान और आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा का बाड़मेर से अपहरण किया गया और  बेरहमी से पीटने के बाद लगभग मरणासन्न हालत में उनके घर के पास फेंक दिया गया. लगातार आरटीआई एवं अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमले जवाबदेही क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं.

हरिद्वार धर्म संसद में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण मामले में दूसरी एफ़आईआर दर्ज

दूसरी एफ़आईआर में धर्म संसद के आयोजक यति नरसिंहानंद गिरि, जितेंद्र नारायण त्यागी पूर्व नाम वसीम रिज़वी, सागर सिंधुराज महाराज, धरमदास, परमानंद, साध्वी अन्नपूर्णा, आनंद स्वरूप, अश्विनी उपाध्याय, सुरेश चव्हाण और प्रबोधानंद गिरि को नामज़द किया गया है. 17-19 दिसंबर 2021 को हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में कथित तौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा और उनके नरसंहार का आह्वान किया गया था.

उत्तराखंड: हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में नफ़रत फैलाने वाले भाषण की जांच के लिए एसआईटी गठित

उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है. उन्होंने कहा कि अगर जांच में पुख़्ता सबूत मिलते हैं, तो मामले में गिरफ़्तारी होगी. हरिद्वार में बीते दिनों एक ‘धर्म संसद’ में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण दिए गए और उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया था.

पूर्व सेना प्रमुखों, नौकरशाहों की राष्ट्रपति, पीएम से हेट स्पीच देने वालों पर कार्रवाई की मांग

हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं और कट्टरपंथियों द्वारा आयोजित ‘धर्म संसद’ में कथित तौर पर मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों को ख़िलाफ़ खुलकर नफ़रत भरे भाषण दिए गए, यहां तक कि उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया. इसके बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इसी तरह का आयोजन हुआ था.

New Delhi: A view of the Supreme Court, in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo / Vijay Verma)(PTI5_17_2018_000040B)

नफ़रत भरे भाषणों के सिलसिले में याचिका दाख़िल कर अदालत की निगरानी में जांच की मांग

उत्तराखंड के हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं द्वारा एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था, जिसमें मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण देने के साथ उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया था. इसी तरह दिल्ली में हिंदु युवा वाहिनी के एक कार्यक्रम में सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके ने कहा था कि वह भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए ‘लड़ने, मरने और मारने’ के लिए तैयार हैं.

धर्म संसद आयोजकों पर कोई भी कार्रवाई की जाए, चुनावी लाभ भाजपा को ही मिलेगा

यति नरसिंहानंद ने बताया है कि तथाकथित धर्म संसदें हर छह माह पर आयोजित की जाती रही हैं. तो फिर आगामी एक माह में तीन ‘धर्म संसदें’ आयोजित करने के पीछे क्या रहस्य है, वो भी दो बार उस उत्तर प्रदेश में, जहां विधानसभा चुनाव आसन्न हैं?

हरिद्वार ‘धर्म संसद’ के ख़िलाफ़ दिल्ली में प्रदर्शन; हिंदुत्ववादी नेताओं की गिरफ़्तारी की मांग

वीडियो: उत्तराखंड के हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं और कट्टरपंथियों द्वारा एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था, जिसमें कथित तौर पर मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों को ख़िलाफ़ खुलकर नफ़रत भरे भाषण दिए गए, यहां तक कि उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया है.

मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने के सिलसिले में दो और लोगों के ख़िलाफ़ केस

उत्तराखंड के हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच आयोजित ‘धर्म संसद’ में  हिंदुत्ववादी नेताओं और कट्टरपंथियों द्वारा मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने के सिलसिले में 23 दिसंबर को दर्ज प्राथमिकी में जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को नामजद किया गया था. अब उसमें स्वामी धरमदास और साध्वी अन्नपूर्णा के नाम जोड़े गए हैं.

हरिद्वार धर्म संसद: नफ़रत के फैलते कारोबार के आगे पुलिस क्यों लाचार है

हरिद्वार में हुई तथाकथित धर्म संसद में कही गई अधिकांश बातें भारतीय क़ानूनों की धारा के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं, लेकिन अब तक इसे लेकर की गई उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई दिखाती है कि वह क़ानून या संविधान नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के लिए काम कर रही है.