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फेक न्यूज़, अफ़वाहों के मामलों में 214 फीसदी की बढ़ोतरी: एनसीआरबी

एनसीआरबी के मुताबिक़, साल 2020 में फेक न्यूज़ के 1,527 मामले रिपोर्ट किए गए, जो साल 2019 में आए 486 और साल 2018 के 280 मामलों की तुलना में काफ़ी अधिक हैं.

मद्रास हाईकोर्ट के प्रेस परिषद गठन के आदेश के प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैंः मीडिया संगठन

मद्रास हाईकोर्ट ने फेक न्यूज़ और फ़र्ज़ी पत्रकारों की समस्या से निपटने के लिए 19 अगस्त को तमिलनाडु सरकार को तीन महीने के भीतर प्रेस परिषद के गठन का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने इस प्रस्तावित परिषद को व्यापक अधिकार दिए हैं, जिसमें राज्य के प्रेस क्लबों, पत्रकार संघों या यूनियन को मान्यता देने का अधिकार भी शामिल है. पत्रकार संगठनों का कहना है कि इससे प्रेस की स्वतंत्रता बाधित हो सकती है.

देश में समाचार चैनलों का एक वर्ग हर चीज़ को सांप्रदायिकता के पहलू से दिखाता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वेब पोर्टल किसी भी चीज़ से नियंत्रण नहीं होते हैं. ख़बरों को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है और यह एक समस्या है. अंतत: इससे देश का नाम बदनाम होता है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिल्ली में तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम और कोविड-19 के प्रसार पर इसके प्रभाव को लेकर फ़र्ज़ी और सांप्रदायिक खबरें प्रसारित करने के ख़िलाफ़ दाख़िल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की.

अधिनायकवादी सरकारें प्रभुत्व कायम करने के लिए झूठ पर निर्भर रहती हैंः जस्टिस चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक व्याख्यान के दौरान कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि लोकतंत्र में कोई राष्ट्र राजनीतिक कारणों से झूठ में लिप्त नहीं होगा. वियतनाम युद्ध में अमेरिका की भूमिका ‘पेंटागन पेपर्स’ के प्रकाशित होने तक सामने नहीं आई थी. कोरोना वायरस के संदर्भ में भी हमने देखा है कि दुनियाभर में देशों द्वारा संक्रमण दर और मौतों के आंकड़ों में हेरफेर करने की कोशिश की प्रवृत्ति सामने आई है.

एमपीः पाकिस्तान समर्थक नारेबाज़ी के आरोप में 10 लोग गिरफ़्तार, चार पर लगाया गया रासुका

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर का मामला. आरोप है कि बीते 19 अगस्त को उज्जैन में मुहर्रम के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कहना है कि फ़र्ज़ी ख़बर के आधार पर ‘क़ाज़ी साहब ज़िंदाबाद’ को ‘पाकिस्तान ज़िदाबाद’ बताकर कई लोगों पर मुक़दमे दायर हो गए हैं. मध्य प्रदेश पुलिस को कार्रवाई करने के पूर्व वास्तविकता का पता लगा लेना चाहिए था.

डिजिटल मंच कई बार पूरी तरह अनियंत्रित होते हैं, ध्यान रहे कि ग़लत सूचनाओं को जगह न मिले: कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सौहार्द्र समिति की ओर से जारी समन के ख़िलाफ़ फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक अजित मोहन की याचिका ख़ारिज करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि दिल्ली फरवरी 2020 जैसे दंगे दोबारा नहीं झेल सकती. फेसबुक ने जहां लोगों को आवाज़ दी है, वहीं हमें इस तथ्य को भी नहीं भूलना चाहिए कि यह विध्वंसकारी संदेशों और विचारधाराओं का मंच भी बन गया है.

कोविड महामारी के बीच समाचारों पर भरोसा बढ़ा है, पर भारत में औसत से नीचे: रिपोर्ट

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘रॉयटर्स इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा किए सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में पुराने प्रिंट ब्रांड और सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो अधिक भरोसेमंद हैं, जबकि प्रिंट मीडिया, सामान्य तौर पर समाचार चैनलों की तुलना में अधिक भरोसेमंद माने गए.

बंगाल: भाजपा ने पत्रकार की फोटो को हिंसा में मृत पार्टी कार्यकर्ता बताया, आपत्ति के बाद दी सफाई

भाजपा ने इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी के फोटो का इस्तेमाल करते हुए दावा किया वह पश्चिम बंगाल के सीतलकुची में मारे गए उनके पार्टी कार्यकर्ता मानिक मोइत्रा हैं. बाद में भाजपा ने अपनी सफाई में कहा कि पत्रकार की तस्वीर गलती से वीडियो में शामिल हो गई.

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह फै़लाने पर मामला दर्ज

सोशल मीडिया पर सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह के संबंध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अज्ञात आरोपी के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी महाजन के निधन की ग़लत ख़बर अपने ट्विटर खाते पर साझा कर दी थी. बाद में उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर माफ़ी मांगी है.

हार्वर्ड की स्टडी में नहीं हुई यूपी सरकार के प्रवासी संकट प्रबंधन की तारीफ़, मीडिया का दावा ग़लत

फैक्ट चेक: अप्रैल के पहले हफ़्ते में मीडिया द्वारा एक अध्ययन के हवाले से दावा किया गया कि हार्वर्ड स्टडी ने अन्य राज्यों की तुलना में प्रवासी संकट को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने के लिए यूपी सरकार की सराहना की है. पड़ताल बताती है कि हार्वर्ड ने ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया.

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने नहीं सराहा यूपी का कोविड प्रबंधन, मीडिया रिपोर्ट्स का ग़लत दावा

फैक्ट चेक: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यूपी सरकार के कोविड-19 प्रबंधन को अग्रणी बताने का दावा किया गया. यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ये कोई तुलनात्मक अध्ययन नहीं था बल्कि यूपी सरकार के अफसरों के साथ मिलकर राज्य की कोविड-19 की तैयारी और इसे संभालने संबंधी व्यवस्थाओं पर तैयार की गई रिपोर्ट थी.

कोविड-19: भोपाल में सोशल मीडिया पर झूठी ख़बरें एवं संदेश फैलाने वालों के ख़िलाफ़ होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश में बुधवार को कोविड-19 संक्रमण के 9,720 मामले सामने आए और 51 लोगों की मौत हो गई. जो एक दिन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 363,352 तक पहुंच गई.

New Delhi: AIUDF (All India United Democratic Front) leader Badruddin Ajmal at Parliament House during its Monsoon session, in New Delhi on Wednesday, August 1, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_1_2018_000150B)

दक्षिणपंथी समूह ने एआईयूडीएफ प्रमुख द्वारा भारत को ‘इस्लामी राष्ट्र’ बनाने के दावे की झूठी ख़बर चलाई

भाजपा समर्थक एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा एआईयूडीएफ के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल के पुराने भाषण को प्रसारित करते हुए अजमल के ‘इस्लामिक राष्ट्र’ बनाने की बात कहने का दावा किया जा रहा है. साल 2019 में यूट्यूब पर अपलोड किए भाषण के मूल वीडियो में वे इस दावे के बिल्कुल विपरीत बात कह रहे हैं.

दिशा रवि के वकील का लाखों रुपये फीस लेने का दावा ग़लत, कर रहे हैं निशुल्क पैरवी

फैक्ट चेक: दिल्ली पुलिस ने युवा पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए किसान आंदोलन समर्थक टूलकिट संबंधी मामले में गिरफ़्तार किया है. रवि के ‘ईसाई’ होने के भ्रामक प्रचार के बाद अब उनके वकील की फीस को लेकर झूठे दावे किए जा रहे हैं.

लगातार पांचवां साल, जब विश्व में कम से कम 250 पत्रकार हिरासत में: कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स

कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर इस महीने की शुरुआत में कम से कम 274 पत्रकारों को जेल जाना पड़ा जिनमें 36 महिला पत्रकार हैं. पत्रकारों को जेल में रखने के मामले में चीन सबसे ऊपर है.