Farmer’s Plight

New Delhi: Swaraj India President Yogendra Yadav addresses a press conference regarding Delhi's Lok Sabha elections, in New Delhi, Saturday, April 20, 2019.(PTI Photo/Kamal Singh) (PTI4_20_2019_000103B)

आंदोलन को कुचलने के लिए कोविड का इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही सरकार: किसान नेता

किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि कोरोना वायरस पर सरकार का पाखंड उजागर हो गया है. मंत्री और नेता चुनावी रैलियां कर रहे हैं. उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी किसान विरोध स्थलों पर टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं. ऑक्सीमीटर और एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है.

(फोटोः पीटीआई)

सरकार को कोरोना वायरस से लड़ना चाहिए, मेहनती किसानों और मज़दूरों से नहीं: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा है कि ऐसे समय में जब महामारी एक बार फ़िर पैर पसार चुकी है, तब केंद्र सरकार को उन किसानों और मज़दूरों की फ़िक्र करते हुए तत्काल प्रभाव से इस स्थिति से निपटना चाहिए, जिन्हें उसने पिछले साल लॉकडाउन लगाते हुए नज़रअंदाज़ कर दिया था.

बीते साल नवंबर माह से किसान दिल्ली की ​तीन सीमाओं- सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

किसान प्रदर्शन स्थलों पर सरकार को टीकाकरण शुरू करना चाहिए: संयुक्त किसान मोर्चा

केंद्र के तीन विवादित कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारी किसानों किसानों से कहा है कि वे मास्क पहनें और कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करें. मोर्चा ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावी रैलियों में वह कोरोना वायरस को नज़रअंदाज़ कर रही है.

राकेश टिकैत. (फोटो: पीटीआई)

सरकार आमंत्रित करती है तो किसान बातचीत के लिए तैयार, मांग में कोई बदलाव नहीं: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी की ओर से जारी बयान में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत वहीं से बहाल होगी, जहां 22 जनवरी को ख़त्म हुई थी. मांग भी वहीं हैं कि तीनों काले क़ानूनों को निरस्त किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया क़ानून बनाया जाए.

New Delhi: Actor Deep Sidhu, accused in the violence on Republic Day during a farmers tractor rally, arrested by Delhi Police special cell in New Delhi, Tuesday, Feb. 9, 2021. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02 09 2021 000137B)

लाल किला मामले में दीप सिद्धू ने कहा- झंडा फहराना अपराध नहीं, लेकिन फेसबुक लाइव करके गलती की

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान बहुत से प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किले तक पहुंच गए थे और वहां एक धार्मिक झंडा लगा दिया था. आरोप है कि ऐसा करने के लिए पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने उकसाया था.

अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार किसानों को बदनाम कर आंदोलन पटरी से उतारना चाहती है

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसान प्रवासी श्रमिकों को उनके खेतों में काम करने के लिए ड्रग्स दे रहे हैं, ताकि उनसे लंबे समय तक काम लिया जा सके. इसके जवाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा लगातार आतंकवादी, शहरी नक्सली और ग़ुंडे बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पंजाब: किसानों पर अधिक काम लेने के लिए प्रवासी मज़दूरों को ड्रग्स देने का केंद्र ने लगाया आरोप

गृह मंत्रालय ने साल 2019-2020 में बीएसएफ द्वारा इस तरह की खोज का हवाला देते हुए पंजाब सरकार को एक पत्र भेजा है. हालांकि कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों इसकी निंदा की है. इनका कहना है कि उन्हें खालिस्तानी और आतंकवादी कहने के बाद केंद्र सरकार एक और सांप्रदायिक कार्ड खेल रही है.

दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों विरोध में किसानों के प्रदर्शन का चार महीने हो गए हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान मई में संसद तक पैदल मार्च करेंगे: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने अगले दो महीनों के लिए अपनी योजनाओं की घोषणा की. किसान नेताओं ने 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे को अवरुद्ध करने की बात कही है. आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई है, उनके सम्मान में छह मई को कार्यक्रम होगा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने रिपोर्ट सौंपी

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 11 जनवरी को तीन नए विवादास्पद कृषि क़ानूनों के क्रियान्वयन पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी थी और गतिरोध का समाधान करने के लिए चार सदस्यीय समिति नियुक्त की थी. हालांकि किसानों के विरोध और समिति को सरकार समर्थन बताने के बाद एक सदस्य ने समिति से ख़ुद को अलग कर लिया था.

दिल्ली के लाल किला परिसर में प्रदर्शनकारी किसान. (फोटो: पीटीआई)

लाल क़िला हिंसा: आरोपी को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा- मौजूदगी संलिप्तता का प्रमाण नहीं

केंद्र के नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में एक शख़्स को ज़मानत देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि उस समय आरोपी की मौजूदगी और लाल क़िले की दीवार पर चढ़ जाने के आधार पर उसकी हिरासत को सही नहीं ठहरा सकते.

Long shot

सिंघू बॉर्डर: किसान के साथ छात्रों, महिलाओं, बुज़ुर्गों और सेना के पूर्व जवानों का प्रदर्शन जारी

वीडियो: सिंघू बॉर्डर पर नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान विरोध शुरू हुए चार महीने पूरे हो गए. सिंघू बॉर्डर पर छात्र, बुज़ुर्ग और महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इनका कहना है कि जब तक कृषि क़ानून वापस नहीं होंगे, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. मोनिका ग्यामलानी और चिन्मय ग्यामलानी की रिपोर्ट.

झारखंड की राजधानी रांची में विपक्षी दल के सदस्यों में भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया. (फोटो: पीटीआई)

किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर ‘भारत बंद’ का मिला-जुला असर

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली के सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर जारी प्रदर्शन के चार महीने पूरे होने पर सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक बंद का आह्वान किया था.

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किसान आंदोलन और डेटिंस्ट से एक्टिविस्ट बनीं नवकिरण

वीडियो: नवकिरण ने मेडिकल की पढ़ाई करके एक बड़े प्राइवेट अस्पताल में डेंटिस्ट के तौर पर कई सालों तक काम किया है. नवकिरण अब कृषि क़ानून के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर चल रहे आंदोलन का हिस्सा हैं. वे किसान आंदोलन को समर्पित अख़बार ट्रॉली टाइम्स के संपादकीय समूह में भी शामिल हैं.

An automated tractor is seen working on a field during a trial in Xinghua, Jiangsu province, China October 29, 2018. Picture taken October 29, 2018. REUTERS/Hallie Gu

उत्तर प्रदेश: फ़सल नष्ट होने से कथित तौर पर परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले का मामला. अधिकारियों ने परिजनों के हवाले से बताया कि किसान पर साहूकारों का तीन लाख रुपये क़र्ज़ भी था.

New Delhi: Women at Singhu border during farmers' ongoing protest against farm reform laws, in New Delhi, Monday, Feb. 1, 2021. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI02_01_2021_000195B)

किसान मोर्चा ने कहा, कृषि क़ानूनों में से एक को लागू करने की अनुशंसा वापस ले संसदीय समिति

खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सरकार से विवादित कृषि क़ानूनों में से एक आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 को लागू करने की सिफ़ारिश की है. इस समिति में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, एनसीपी और शिवसेना सहित 13 दलों के सदस्य शामिल हैं.