Food Items

Mumbai: A security personnel stands guard during the RBI's bi-monthly policy review, in Mumbai, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_6_2019_000048B)

आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दर को पूर्ववत रखा, वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 9.5 प्रतिशत किया

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि प्रमुख ब्याज दरों- रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा गया है और आर्थिक वृद्धि को मज़बूत बनाने में मदद के लिए मौद्रिक नीति में नरम रुख़ जारी रहेगा.

प्रवासी कामगारों के लिए सामुदायिक रसोई, खाद्यान्न और परिवहन की व्यवस्था करें सरकारें: अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खाद्यान्न देते हुए प्रशासन उन प्रवासी कामगारों को पहचान पत्र दिखाने पर ज़ोर न दे, जिनके पास फ़िलहाल दस्तावेज़ नहीं हैं. पीठ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों को यह निर्देश भी दिया कि वे कोविड-19 के कारण फंसे प्रवासी कामगारों में से जो घर जाना चाहते हैं, उनके लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था करें.

बैंकों ने प्रशासन को लिखा, लॉकडाउन के चलते रेहड़ी विक्रेताओं को दिए लोन एनपीए में बदल रहे हैं

कोविड-19 लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को उनकी आजीविका फिर शुरू करने के लिए सस्ते कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्‍वनिधि की शुरुआत की गई थी. अब कुछ बैंकों ने स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर लोन वसूलने में मदद करने को कहा है.

लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद भी 11 राज्यों के लोग भूख की समस्या से पीड़ित: सर्वे

भोजन का अधिकार अभियान द्वारा कराए गए सर्वे में अनुसूचित जाति, जनजाति और मुस्लिमों समेत धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के लोग शामिल थे. सर्वे के अनुसार लगभग 56 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें लॉकडाउन से पहले कभी भी भोजन छोड़ना नहीं पड़ा था. हालांकि सितंबर और अक्टूबर में 27 प्रतिशत लोगों को बिना भोजन के सोना पड़ा.

मनरेगा: पांच महीने में 64 फ़ीसदी बजट ख़त्म, काम मांगने वाले 1.55 करोड़ लोगों को नहीं मिला काम

पीपुल्स एक्शन फॉर एम्प्लॉयमेंट गारंटी नाम के एक समूह ने मनरेगा पर एक रिपोर्ट जारी कर तेज़ी से ख़त्म होती आवंटित राशि की ओर ध्यान दिलाते हुए सरकार से आवंटन तथा कार्य दिवस तत्काल बढ़ाने की मांग की है.

आत्मनिर्भर भारत: प्रवासी मज़दूरों के लिए आवंटित खाद्यान्न में से सिर्फ 33 फीसदी का वितरण हुआ

केंद्र द्वारा ‘सफल’ घोषित की गई इस योजना के तहत आठ लाख टन खाद्यान्न वितरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार इसमें से सिर्फ 2.65 लाख टन राशन का वितरण हुआ है.

कृषि के लिए 1 लाख करोड़ का पैकेज इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की हक़ीक़त पर पर्दा डालने की कोशिश है

देश का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पैसे के लिए मोहताज है, लेकिन सरकार हवाई क़िले बनाकर देश को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के एक्सप्रेस-वे पर दौड़ाने का स्वांग रच रही है. कृषि क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान इसी स्वांग का हिस्सा है.

मौजूदा वित्त वर्ष के चार महीने में ही मनरेगा के आवंटित फंड का क़रीब 50 फ़ीसदी ख़र्च

कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इस साल मनरेगा का बजट बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था. सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि अब तक इसमें से 48,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ख़र्च हो चुकी है. ऐसे में कई ग्राम पंचायतों के पास मनरेगा के तहत काम कराने के लिए पैसे नहीं बचे हैं.

खेती न केवल खाद्य उत्पादक मशीन है, बल्कि सभी के लिए रोज़गार की नींव है: एमएस स्वामीनाथन

साक्षात्कार: कोरोना के दौर में राहत देने के लिए मोदी सरकार द्वारा ‘ऐतिहासिक कृषि सुधार’ के नाम से तीन कृषि अध्यादेश लाए गए हैं, लेकिन किसान ही इनके ख़िलाफ़ हैं. कई सालों से चले आ रहे कृषि संकट पर प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन कहते हैं कि किसानों के प्रति रवैये में बदलाव लाने की ज़रूरत है.

क्यों किसान मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि अध्यादेशों का विरोध कर रहे हैं

किसानों को इस बात का भय है कि सरकार इन अध्यादेशों के ज़रिये न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की स्थापित व्यवस्था को ख़त्म कर रही है और यदि इन्हें लागू किया जाता है तो किसानों को व्यापारियों के रहम पर जीना पड़ेगा.

आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सिर्फ 28 फ़ीसदी प्रवासी मज़दूरों को ही राशन मिला

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत भी जून महीने में कम से कम 15.58 करोड़ लाभार्थियों को राशन नहीं मिला है. कम वितरण के कारण अब केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्रवासी मज़दूरों को राशन देने की समयसीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 तक कर दी है.

New Delhi: Union Minister for Consumer Affairs, Food and Public Distribution, Ram Vilas Paswan briefs the Media on the issues related to his Ministry, in New Delhi on Monday. PTI Photo / PIB(PTI4_23_2018_000070B)

राज्‍यों की अन्न वितरण योजना बढ़ाने की मांग पर केंद्र ही अंतिम निर्णय लेगा: रामविलास पासवान

साक्षात्कार: कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में गरीबों को मदद देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की गई थी, जिसे ज़मीन पर उतारने का ज़िम्मा उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को मिला था. इस बारे में मंत्री रामविलास पासवान से बातचीत.

सख़्त लॉकडाउन से तबाह हुई अर्थव्यवस्था: उद्योगपति राजीव बजाज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बातचीत में उद्योगपति राजीव बजाज ने कहा कि कठोर और खामियों वाला लॉकडाउन यह सुनिश्चित करता है कि वायरस अभी भी मौजूद रहेगा. यानी आपने वायरस की समस्या को हल नहीं किया. संक्रमण के ग्राफ को समतल करने के बजाय जीडीपी के ग्राफ को समतल कर दिया गया.

केंद्रीय कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र, एक कृषि बाजार’ बनाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी

कैबिनेट ने साढ़े छह दशक पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दे दी ताकि अनाज, दलहन और प्याज सहित खाद्य वस्तुओं को नियमन के दायरे से बाहर किया जा सके.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज: मई महीने में करीब 14.5 करोड़ लोगों को अतिरिक्त राशन नहीं मिला

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज से यह भी पता चलता है कि सरकार को अप्रैल और मई महीने में जितनी दाल बांटनी चाहिए थी, उसका सिर्फ 40 फीसदी ही बांटा गया है.