Hospitals

(फोटो: पीटीआई)

कोविड की दूसरी लहर में अब तक तीन सौ के क़रीब डॉक्टरों की जान गई: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बताया कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अब तक देशभर के 269 चिकित्सक अपनी जान गंवा चुके हैं. संक्रमण के चलते बिहार में सर्वाधिक 78 डॉक्टरों की मौत हुई है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 37 और दिल्ली में 28 डॉक्टरों की मौत हुई है.

1504 Cov Bull.00_22_49_10.Still017

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड की दूसरी लहर नियंत्रण में है, लेकिन हक़ीक़त कुछ और है

वीडियो: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति इतनी बुरी है कि भाजपा के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि वह बहुत अधिक कहने से डरते हैं, क्योंकि इससे उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह का आरोप लग सकता है. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि महामारी की दूसरी लहर नियंत्रण में है.

Lucknow: UP Chief Minister Yogi Adityanath talks to the media at Central Hall of Assembly in Lucknow, Wednesday, Dec. 19, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2018_000091)

उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों में चिकित्सा व्यवस्था ‘राम भरोसे’: इलाहाबाद हाईकोर्ट

मेरठ ज़िला अस्पताल में भर्ती एक मरीज़ की मौत के बाद शव का निस्तारण ‘अज्ञात’ में कर देने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की. अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं है और अगर महामारी की तीसरी लहर आती है तो उत्तर प्रदेश इसके लिए तैयार है.

(फोटो: रॉयटर्स)

वाराणसी: मरीज़ों से सरकारी दर से अधिक शुल्क वसूलने को लेकर 14 अस्पतालों को नोटिस

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि संबंधित अस्पतालों के अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित से अधिक शुल्क क्यों ले रहे हैं. ऐसा न करने पर उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

गोरखपुर के कोविड कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (साभार: सीएमओ)

उत्तर प्रदेश: कोविड की दूसरी लहर और स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझते पूर्वांचल के अस्पताल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह ज़िले गोरखपुर और आस-पास के तीन ज़िलों- देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में कोरोना की दूसरी तीव्र लहर के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बुरे हाल हैं. प्रदेश सरकार स्थिति नियंत्रण में होने की बात कह रही है, लेकिन ख़ुद सरकारी आंकड़े इसके उलट इशारा कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने लगा कोविड का क़हर, कई गांवों में रोज़ उठ रहे हैं अर्थियां-जनाज़े

कोरोना की पहली लहर देश के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत प्रभावित नहीं कर पाई थी, लेकिन दूसरी लहर शोक का सागर लेकर आई है. बीते एक पखवाड़े में पूर्वांचल के गांवों में हर दिन कई लोग बुखार, खांसी व सांस की तकलीफ़ के बाद जान गंवा रहे हैं. जांच के अभाव में इन्हें कोरोना से हुई मौतों के तौर पर दर्ज नहीं किया गया है.

बलिया के अस्पताल में कमरे में बंद वेंटिलेटर्स. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

यूपी: कोविड के क़हर से ज़िंदगियां बचाने को जूझ रहे कई शहरों के अस्पताल में बेकार पड़े हैं वेंटिलेटर

देशभर में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मरीज़ों को समय पर वेंटिलेटर न मिलने की बात सामने आ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के दर्जन भर से अधिक ज़िलों के अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी या ऑक्सीजन का उचित दबाव न होने जैसी कई वजहों के चलते उपलब्ध वेंटिलेटर्स ही काम में नहीं आ रहे हैं.

राप्ती पुल की रेलिंग पर लगा बैनर. (साभार: सोशल मीडिया)

यूपी: विरोध के बाद गायब हुए गोरखपुर के श्मशान घाट पर फोटो-वीडियो लेने की पाबंदी के बैनर

30 अप्रैल को गोरखपुर के राजघाट अंत्येष्टि स्थल के पास एक पुल की जालियों को फ्लैक्स से ढकते हुए नगर निगम ने आदेश दिया कि अंत्येष्टि की फोटो और वीडियो लेना क़ानूनन ठीक नहीं है और ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी. मुखर विरोध के बाद अगले दिन ये फ्लैक्स फटे हुए मिले और नगर निगम की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: कोर्ट ने केंद्र से अस्पतालों में भर्ती के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने के बारे में पूछा

भर्ती के मामलों में अस्पतालों द्वारा मरीज़ों से की जा रही मनमानी और अन्यायपूर्ण व्यवहार के मद्देनज़र सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. अदालत को बताया गया था कि कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ अस्पताल स्थानीय पते का प्रमाण मांग रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: #रिज़ाइनमोदी को अस्थायी तौर पर ब्लॉक करने के बाद फेसबुक ने फ़िर बहाल किया

फेसबुक ने बृहस्पतिवार की सुबह एक बयान जारी करते हुए कहा कि उसने ग़लती से उस हैशटैग को बाधित किया, जिसमें प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े (#ResignModi) की मांग की जा रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह मोदी सरकार के आदेश पर नहीं किया गया.

भाजपा सांसद गौतम गंभीर. (फोटो: पीटीआई)

गौतम गंभीर के कोविड की दवाइयां मुफ़्त बांटने पर कोर्ट ने पूछा, क्या उनके पास इसका लाइसेंस है

पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर द्वारा उनके क्षेत्र में कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवा निशुल्क बांटे जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या वे ऐसी दवाइयां बांट सकते हैं और क्या वे इन्हें खरीद सकने के पात्र हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों से कोविड संबंधी और अधिक पोस्ट हटाने के लिए कहा: रिपोर्ट

केंद्र की मोदी सरकार के अनुरोध पर ट्विटर पहले ही भारत में ऐसे क़रीब 50 ट्वीट्स पर रोक लगा चुका है, जो कोविड-19 महामारी की स्थिति को संभालने में सरकार के तरीकों की आलोचना कर रहे थे. अब इन ट्वीट्स को भारत में नहीं देखा जा सकता.

(फोटो: रॉयटर्स)

सरकार के अनुरोध पर ट्विटर ने कोविड-19 प्रबंधन की आलोचना करने वाले कुछ ट्वीट्स प्रतिबंधित किए

ट्विटर ने भारत में ऐसे क़रीब 50 ट्वीट्स पर रोक लगा दी है जो कोविड-19 महामारी की स्थिति को संभालने में नरेंद्र मोदी सरकार के तरीकों की आलोचना कर रहे थे. अब इन ट्वीट्स को भारत में नहीं देखा जा सकता.

गौतम गंभीर के कार्यालय के बाहर दवा लेने के लिए खड़े लोग. (फोटो साभार: एनएनआई)

कोविड-19: क्या दवाइयों की किल्लत के बीच भाजपा सांसद गौतम गंभीर का दवा बांटना ग़ैर क़ानूनी है

दिल्ली में कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवा फैबीफ्लू की कमी के बीच पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने घोषणा की कि उनके संसदीय क्षेत्र के लोग उनके दफ़्तर से निशुल्क यह दवा ले सकते हैं. जानकारों के मुताबिक़, बिना ड्रग लाइसेंस के नेताओं का इस तरह दवा बांटना ग़ैर क़ानूनी है.

(फोटो: पीटीआई)

​कोविड-19: यूपी की राजधानी लखनऊ के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, श्मशान घाटों पर बढ़ा दबाव

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. कोरोना संक्रमित लोगों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल पा रहे है. ऑक्सीजन की कमी की भी ख़बरें आ रही हैं. साथ ही कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर करने के आरोप भी योगी सरकार पर लग रहे हैं.