Indian Medical Association

कोविड-19: एलोपैथी के ख़िलाफ़ बयान को लेकर डॉक्टरों की याचिका पर रामदेव को नोटिस

ऋषिकेश, पटना और भुवनेश्वर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के तीन रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अलावा कई अन्य संगठनों ने आरोप लगाया है कि रामदेव जनता को गुमराह कर रहे थे और ग़लत तरीके से यह पेश कर रहे थे कि एलोपैथी कोविड-19 से संक्रमित कई लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार थी. उन्होंने कथित तौर कहा था कि एलोपैथिक डॉक्टर मरीज़ों की मौत का कारण बन रहे थे.

कोविड की तीसरी लहर आना अपरिहार्य, तीर्थ-पर्यटन के लिए इंतज़ार किया जा सकता है: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना संक्रमण को लेकर बरती जा रही ढिलाई के मद्देनज़र कहा है कि पर्यटकों का आगमन, तीर्थयात्राएं, धार्मिक उत्साह ज़रूरी हैं, लेकिन इसके लिए कुछ और महीने इंतज़ार किया जा सकता है. आईएमए ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है.

एलोपैथी विवाद: आईएमए की प्राथमिकियों पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे रामदेव

रामदेव द्वारा एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताने को लेकर विभिन्न राज्यों में उनके ख़िलाफ़ शिकायतें दर्ज की गई हैं. रामदेव ने कुछ प्राथमिकियों को एक साथ मिलाकर दिल्ली स्थानांतरित करने के साथ अंतरिम राहत के तौर पर आपराधिक शिकायतों की जांच पर रोक लगाने का अनुरोध किया है.

उत्तराखंड: आयुर्वेदिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाइयां लिखने की मंज़ूरी देने की योजना

उत्तराखंड के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे अवैध ठहराया. संगठन ने कहा है कि एलोपैथी के बारे में जाने बिना आयुर्वेदिक डॉक्टर एलोपैथिक दवाएं कैसे लिख सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की इस सबंध में स्पष्ट राय है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर एलोपैथी की प्रैक्टिस नहीं कर सकते, क्योंकि वे इसके योग्य नहीं हैं.

हरियाणा: मुख्यमंत्री ने कोविड फंड से क़रीब 3 करोड़ के पतंजलि उत्पादों की खरीद को मंज़ूरी दी

देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चिंता जताई थी कि कोरोनिल सहित कोविड-19 के लिए अस्वीकृत दवाओं का उपयोग करने से मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है. इस तथ्य के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा पतंजलि उत्पादों की खरीद को स्वीकृति दी गई.

एलोपैथी पर टिप्पणी मामले में रामदेव के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ में भी मामला दर्ज

आईएमए की छत्तीसगढ़ इकाई के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि रामदेव की भ्रम पूर्ण जानकारी और वक्तव्य के कारण आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रयोग से ठीक हो रहे 90 फीसदी से ज़्यादा मरीज़ आशंका की स्थिति में आ जाएंगे.

भूटान के बाद नेपाल ने भी कोरोनिल पर बैन लगाया, भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया इनकार

नेपाल में कोरोनिल किट के वितरण पर रोक के बाद आयुर्वेद और वैकल्पिक चिकित्सा विभाग ने कहा कि कोरोनिल की खरीद के दौरान उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था. साथ ही यह कोरोना वायरस को ख़त्म करने वाली दवाओं के बराबर नहीं है. इससे पहले भूटान ने इस दवा के वितरण पर पाबंदी लगाई थी.

आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर डॉक्टरों को सुरक्षा देने की मांग की

आईएमए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में यह भी कहा कि महामारी संबंधी फेक न्यूज़ और स्वास्थ्य मंत्रालय की मंज़ूरी के बिना किसी भी व्यक्ति द्वारा कोविड-19 संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए तथाकथित ‘चमत्कारिक दवाओं’ को बढ़ावा देकर आम जनता को मूर्ख बनाने के प्रयासों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए.

रामदेव के एलोपैथी बयान के विरोध में डॉक्टर करेंगे देशव्यापी प्रदर्शन, बंगाल में भी शिकायत दर्ज

एलोपैथी पर योग गुरु रामदेव की टिप्पणी से नाराज़ रेजिडेंट डॉक्टरों के एसोसिएशन के परिसंघ ने कहा है कि वे एक जून को देशभर में प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने रामदेव से बिना शर्त के सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने को भी कहा है. इसी बयान पर आईएमए की पश्चिम बंगाल इकाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है.

एलोपैथी विवाद: टीवी पर रामदेव को डांटने वाले डॉ. जयेश लेले का क्या कहना है…

वीडियो: रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने बयान को भले ही वापस ले लिया, लेकिन विवाद अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. बीते दिनों इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. जयेश लेले ने एक टीवी बहस के दौरान रामदेव को फ़टकार लगाई थी. डॉ. लेले से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

New Delhi: Baba Ramdev during Bharatatma Ashokji Singhal Vedik Puraskar 2018 award function, in New Delhi, Tuesday, Sept. 25, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI9_25_2018_000186B)

एलोपैथी बयान पर रामदेव के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज, पतंजलि ने कहा- मानहानि नोटिस का क़रारा जवाब देंगे

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली के आईपी स्टेट थाने में दर्ज करवाई गई शिकायत में कहा कि रामदेव ने कोविड-19 की स्थिति का लाभ उठाने के लिए एलोपैथिक दवाओं और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अन्य संबद्ध उपचार तकनीकों के बारे में भ्रामक और ग़लत बयानबाज़ी की है.

आईएमए की मांग, रामदेव पर राजद्रोह का केस हो, रामदेव ने कहा- उनके बाप भी नहीं कर सकते अरेस्ट

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि कोविड-19 के एलोपैथिक इलाज के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार वाला अभियान चलाने के लिए रामदेव पर तत्काल राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए. संगठन ने रामदेव को मानहानि का नोटिस भी भेजा है. इस बीच रामदेव का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो कथित तौर पर कह रहे हैं कि उनके बाप भी उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकते हैं.

आईएमए की उत्तराखंड इकाई ने रामदेव को हज़ार करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (उत्तराखंड) ने रामदेव से एलोपैथी बयान पर लिखित माफ़ी की मांग की और कहा कि 15 दिन के अंदर ऐसा न होने पर 50 लाख रुपये प्रति आईएमए सदस्य की दर से उनसे हज़ार करोड़ रुपये का मुआवज़ा मांगा जाएगा. एसोसिएशन ने यह भी कहा कि रामदेव सभी अपमानजनक आरोपों का खंडन करते हुए वीडियो बनाकर उन सभी मंचों पर डालें, जहां पिछला क्लिप प्रसारित हुआ था.

डॉक्टर-मरीज़ों की खिल्ली उड़ाकर क़ानून से ऊपर क्यों हैं रामदेव?

वीडियो: बीते दिनों रामदेव एलोपैथी को ऐसी स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था. इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कहा था कि रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. इस संबंध में हर्षवर्धन ने रामदेव को एक पत्र लिखा था, जिसके बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था.