Jawaharlal nehru university

जेएनयू: प्रदर्शनों को लेकर विद्यार्थियों पर 15 हज़ार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का आरोप

आरोप है कि छात्रों पर लगाया गया 10,000 से 15,000 रुपये तक का जुर्माना साल 2018 में हुए एक प्रदर्शन को लेकर है, जब अटेंडेंस अनिवार्य करने के ख़िलाफ़ विद्यार्थी सेमिनार कक्ष में जमा हो गए थे. जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर रजनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जुर्माना लगाना कोई नई बात नहीं है. उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जाती है.

जेएनयू ने कई कैंटीन और ढाबा मालिकों को 30 जून तक परिसर ख़ाली करने का निर्देश दिया

दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में कई कैंटीन और ढाबों के मालिकों से लाखों रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने और 30 जून तक विश्वविद्यालय परिसर को खाली करने का निर्देश दिया है. इसका विरोध करते हुए आइसा ने आरोप लगाया कि प्रशासन चाहता है कि ये कैंटीन मालिक परिसर ख़ाली कर दें, क्योंकि वे यहां बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाने की योजना बना रहे हैं.

दिल्ली: हिंदू सेना ने जेएनयू के मुख्यद्वार के पास भगवा झंडे और पोस्टर लगाए

हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने भगवा जेएनयू के पोस्टर लगाए थे. वॉट्सऐप पर वायरल कथित वीडियो में गुप्ता को कहते सुना जा सकता है कि जेएनयू परिसर में ‘भगवा का नियमित अपमान किया जा रहा है. हमारी चेतावनी है कि आप सुधर जाइए. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.’

जेएनयूः एबीवीपी द्वारा रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहार बनाने से रोकने के बाद हिंसा, केस दर्ज

आरोप है कि विश्वविद्यालय के कावेरी छात्रावास में रविवार को एबीवीपी के सदस्यों ने मेस में मांसाहार बनाने से रोकने के बाद हुई हिंसा में छह छात्र घायल हो गए. एबीवीपी ने दावा किया है कि वामपंथी छात्रों ने उनकी रामनवमी पूजा बाधित की. जेएनयू छात्रसंघ समेत कई छात्र संगठनों की शिकायत पर अज्ञात एबीवीपी सदस्यों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. 

जेएनयू: शोध पर्यवेक्षक को बदलने के विरोध में शोधार्थी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने इन शोधार्थियों से इस आधार पर अपना शोध पर्यवेक्षक बदलने को कहा कि उनका शोध पर्यवेक्षक तीन साल से भी कम समय में सेवानिवृत्त हो जाएगा. इन शोधकर्ताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि विश्वविद्यालय का यह फैसला अवैध, अनावश्यक और दुर्भावनापूर्ण है.

जेएनयू के बारे में ग़लत धारणा को बदलना चाहती हूंः नवनियुक्त कुलपति

जेएनयू की पहली महिला कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने पिछले महीने एम. जगदीश कुमार के स्थान पर कुलपति का पदभार संभाला है. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के बारे में नकारात्मक धारणा को बदलकर इसे बेहतर बनाना होगा. वास्तव में जेएनयू असहमति और विविधता का प्रतिनिधित्व करता है.

जेएनयू कुलपति का दावा- मेरा कभी कोई ट्विटर एकाउंट नहीं रहा, मेरे ख़िलाफ़ साज़िश की गई

जेएनयू की नवनियुक्त कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित की नियुक्ति के बाद उनके कुछ पुराने ट्वीट विवादों में हैं. अब डिलीट कर दिए गए ट्विटर एकाउंट के बारे में पंडित ने कहा कि जेएनयू के किसी व्यक्ति ने साज़िशन इसे बनाया था. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कि जेएनयू के किसी शख़्स को यह कैसे पता रहा होगा कि उन्हें संस्थान का कुलपति बनाया जाएगा और कैसे उनकी नियुक्ति से पहले ट्विटर एकाउंट बना होगा.

जेएनयू: नई वीसी ने ट्विटर पर किया था नरसंहार के आह्वान व छात्रों-किसानों पर हमले का समर्थन

जेएनयू की नवनियुक्त कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने कई मौकों पर बिना किसी हिचकिचाहट अपनी हिंदुत्व दक्षिणपंथी विचारधारा को सार्वजनिक किया है. नियुक्ति के बाद उनके पुराने ट्वीट शेयर किए जाने का सिलसिला बढ़ने के बाद उनका ट्विटर एकाउंट डिलीट कर दिया गया है.

शांतिश्री पंडित जेएनयू की पहली महिला कुलपति नियुक्त की गईं

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर 59 वर्षीय शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को पांच वर्षों के लिए जेएनयू के कुलपति नियुक्त किया गया है. पंडित जेएनयू की छात्रा रही हैं, जहां से उन्होंने एमफिल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की उपाधि हासिल की है.

जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार को यूजीसी का अध्यक्ष बनाया गया

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एम. जगदीश कुमार को पांच साल की अवधि के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वहीं, जेएनयू के छात्र संघ और शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय के कुलपति को यूजीसी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कुमार को सरकार का एजेंडा लागू करने के लिए पुरस्कृत किया गया है.

जेएनयू ने पीएचडी उम्मीदवारों के बीच भेदभाव के आरोपों को ख़ारिज किया

जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने आरोप लगाया था कि पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए मौखिक परीक्षा में शामिल हुए कई उम्मीदवारों को संवैधानिक रूप से अनिवार्य आरक्षण नीति का उल्लंघन करते हुए कम अंक दिए गए, ख़ासतौर पर उन विद्यार्थियों को जो हाशिये पर रहने वाले वर्गों से आते हैं.

जेएनयू शिक्षक संघ ने सेवानिवृत्त फैकल्टी सदस्यों की पेंशन तत्काल जारी करने की मांग की

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने उन सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य लाभों को तत्काल जारी करने की मांग की, जिनका बकाया वाइस चांसलर के आदेश पर प्रशासन ने रोक दिया था. शिक्षक संघ का कहना है कि प्रशासन मामले पर अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है.

जेएनयू में नौ केंद्र प्रमुखों की नियुक्ति का फ़ैसला कुलपति ने बिना अधिकार के लिया: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि कुलपति एम. जगदीश कुमार के पास केंद्रों या विशेष केंद्रों के अध्यक्षों की नियुक्ति का अधिकार नहीं है, क्योंकि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के विधान में नियुक्ति का अधिकार कार्य परिषद को दिया गया है. हाईकोर्ट ने इसके साथ ही जेएनयू के नौ केंद्रों के प्रमुखों के ‘कोई भी बड़ा फ़ैसला’ लेने पर भी रोक लगा दी है.

जेएनयू ने कश्मीर पर वेबिनार को ‘आपत्तिजनक और भड़काऊ’ बताते हुए रद्द किया

बीते शुक्रवार को आयोजित होने वाले इस वेबिनार में 2019 के बाद कश्मीर में प्रतिरोध व असंतोष की नई चुनौतियों पर चर्चा होनी थी. जेएनयू के वीसी जगदीश कुमार ने कहा कि यह उकसाने वाला विषय है और फैकल्टी सदस्यों ने आयोजन की योजना बनाने से पहले प्रशासन की अनुमति नहीं ली थी. आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस वेबिनार के पोस्टर जलाकर कार्रवाई की मांग की थी.

आतंकवाद रोधी पाठ्यक्रम को लेकर बेवजह हो रहा है विवाद: जेएनयू कुलपति

बीते 17 अगस्त को जेएनयू की अकादमिक परिषद द्वारा तीन नए पाठ्यक्रमों को मंज़ूरी दी गई, जिसमें एक आतंकवाद रोधी पाठ्यक्रम है. जेएनयू के शिक्षकों और छात्रों के एक वर्ग ने पाठ्यक्रम शुरू करने पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि इसमें बताया गया है कि ‘जिहादी आतंकवाद’, ‘कट्टरपंथी-धार्मिक आतंकवाद’ का एकमात्र रूप है.