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त्रिपुराः सुप्रीम कोर्ट ने एचडब्ल्यू न्यूज़, दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई

त्रिपुरा में हुई हिंसा के संबंध में मस्जिदों पर हमले और तोड़फोड़ के मामलों को कवर कर रहीं एचडब्ल्यू न्यूज़ नेटवर्क की इन दो महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ एक स्थानीय विहिप नेता की शिकायत पर 14 नवंबर को एफ़आईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में दावा किया गया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से मिलने के दौरान पत्रकारों ने हिंदू समुदाय और त्रिपुरा सरकार के ख़िलाफ़ भड़काऊ बातें कही थीं.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो पत्रकारों पर हमले के आंकड़े नहीं रखता: सरकार

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो पत्रकारों पर हमले के संदर्भ में विशिष्ट आंकड़े नहीं रखता. गृह मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क़ानून का कड़ाई से क्रियान्वयन करने के लिए 2017 में राज्य सरकारों को एक परामर्श जारी किया गया था.

पेगासस: सुप्रीम कोर्ट की समिति ने जांच के लिए याचिकाकर्ताओं से फोन जमा करने को कहा

याचिकाकर्ताओं को भेजे एक ईमेल में कहा गया है कि जिस डिवाइस में कथित रूप से पेगासस स्पायवेयर डाला गया था, उसे नई दिल्ली में जमा कराया जाए. हालांकि यह नहीं बताया गया है कि आखिर इसे किस जगह पर जमा करना है.

एप्पल का पेगासस के ख़िलाफ़ मुक़दमा भारत सरकार के लिए शर्मिंदगी का सबब बन सकता है

वॉट्सऐप या फेसबुक के उलट एप्पल विवादित नहीं है और मोदी सरकार द्वारा इसे काफी ऊंचे पायदान पर रखा जाता है. इस पृष्ठभूमि में अब तक पेगासस के इस्तेमाल को नकारती आई भारत सरकार के लिए एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम में हुई सेंधमारी के संबंध में कंपनी के निष्कर्षों को नकारना बहुत मुश्किल होगा.

एप्पल ने पेगासस स्पायवेयर की निर्माता कंपनी इज़रायल के एनएसओ ग्रुप पर मुक़दमा दायर किया

तकनीकी कंपनी एप्पल ने उत्तरी कैलिफोर्निया अदालत में इज़रायल के एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुक़दमा दायर किया है. एप्पल ने एक बयान में कहा है कि एनएसओ ग्रुप ने अपने पेगासस स्पायवेयर के ज़रिये एप्पल यूज़र्स की डिवाइसों को निशाना बनाया है. एप्पल का यह क़दम अमेरिकी सरकार द्वारा एनएसओ ग्रुप को ब्लैकलिस्ट करने के कुछ हफ़्तों बाद आया है.

त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं की कवरेज को लेकर गिरफ़्तार महिला पत्रकारों को ज़मानत

त्रिपुरा में हो रही हिंसा के संबंध में मस्जिदों पर हमले और तोड़फोड़ के मामलों को कवर कर रहीं एचडब्ल्यू न्यूज़ नेटवर्क की इन दो महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ एक स्थानीय विहिप नेता की शिकायत पर राज्य के कुमारघाट थाने में एफ़आईआर दर्ज की गई है. शिकायत में दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से मिलने के दौरान पत्रकारों ने हिंदू समुदाय और त्रिपुरा सरकार के ख़िलाफ़ भड़काऊ बातें कही थीं.

त्रिपुरा में पत्रकार पर यूएपीए लगाया जाना मीडिया को ख़ामोश करने की कोशिश: आईडब्ल्यूपीसी

इंडियन वूमंस प्रेस कोर ने त्रिपुरा में एक पत्रकार समेत कइयों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किए जाने को लेकर राज्य पुलिस की आलोचना करते हुए इन्हें तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि वह पत्रकारों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई से स्तब्ध है और यह राज्य सरकार द्वारा हिंसा को नियंत्रित करने में अपनी विफलता से ध्यान हटाने का एक प्रयास है.

अमेरिका ने पेगासस स्पायवेयर बनाने वाले इज़रायल के एनएसओ ग्रुप को ‘ब्लैकलिस्ट’ में डाला

अमेरिकी के वाणिज्य विभाग ने इस ‘ब्लैकलिस्ट’ में चार कंपनियों को शामिल किया है, जिसमें एनएसओ के अलावा इज़रायल की ही एक कंपनी- कैंडिरू भी शामिल है. विभाग की इस लिस्ट में शामिल की गई कंपनियों को अमेरिकी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर मुहैया कराने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है.

पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय देश के लोकतंत्र को फिर मज़बूत करने का माद्दा रखता है

पेगासस जासूसी का मामला एक तरह से मीडिया, सिविल सोसाइटी, न्यायपालिका, विपक्ष और चुनाव आयोग जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों पर आख़िरी हमले सरीख़ा था. ऐसे में कोई हैरानी की बात नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फ़ैसले ने कइयों को राहत पहुंचाई, जो हाल के वर्षों में एक अनदेखी बात हो चुकी है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

मुस्लिम बुज़ुर्ग पर हमला: यूपी सरकार की याचिका पर ट्विटर के पूर्व प्रबंध निदेशक को नोटिस

उत्तर प्रदेश की ग़ाज़ियाबाद पुलिस द्वारा एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ कथित तौर पर मारपीट, उनकी दाढ़ी खींचने और उन्हें ‘जय श्री राम’ कहने के लिए मजबूर करने से संबंधित एक वीडियो वायरल होने को लेकर ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी को जारी किए गए नोटिस को कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. ट्विटर ने अगस्त में माहेश्वरी को अमेरिका स्थानांतरित कर दिया था.

जम्मू कश्मीर: प्रेस काउंसिल की जांच टीम के दौरे के दौरान भी जारी रहा पत्रकारों का उत्पीड़न

भारतीय प्रेस परिषद ने जम्मू कश्मीर में पत्रकारों को डराने-धमकाने के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग समिति का गठन किया है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने परिषद और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर कश्मीरी पत्रकारों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया था.

जेएनयू प्रोफेसर ने चार पत्रकारों पर किया मानहानि का मुक़दमा, 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग

द प्रिंट की पत्रकार मोहना बसु ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि स्वतंत्र रिव्यू वेबसाइट ‘पबपीयर’ ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक गोवर्धन दास द्वारा लिखे लगभग दर्जनभर शोधपत्रों में संभावित हेरफेर की बात कही है. पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रह चुके दास ने बसु और वेबसाइट के संपादक शेखर गुप्ता समेत चार पत्रकारों के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दायर किया है.

प्रेस स्वतंत्रता को निशाना बनाने वालों को दंडित किया जाना चाहिए: इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट

इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि प्रेस की स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ जब तक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह दमनकारी अभियान चलता रहेगा, जो आगे चलकर तेज़ ही होगा और स्वतंत्र ख़बरों के भविष्य और दुनियाभर में लोकतंत्र को जोख़िम में डालेगा.

त्रिपुरा: पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा द्वारा हमले का आरोप लगाया, कहा- यहां संविधान लागू नहीं होता

चार बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे माकपा नेता माणिक सरकार ने कहा है कि राज्य में भाजपा सभी ‘लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और अमन पसंद नागरिकों’ पर हमले कर रही है. सरकार ने यह आरोप भी लगाया कि वाम मोर्चे के 16 विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में जाने से रोका जा रहा है.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंडमान के पत्रकार के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर बेतुका बताते हुए रद्द की

मामला अंडमान निकोबार द्वीप समूह का है, जहां पुलिस ने पिछले साल एक स्वतंत्र पत्रकार को कोविड-19 वायरस की रोकथाम को लेकर अपनाई जा रही अजीबोग़रीब क्वारंटीन नीति से संबंधित एक ट्वीट पर हिरासत में लिया था. पत्रकार ने ट्विटर पर अंडमान प्रशासन को टैग करते हुए सवाल किया था कि जिन परिवारों ने केवल कोविड मरीज़ों से केवल फोन पर बात की है, उन्हें क्वारंटीन के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है.