Marathi Films

लता मंगेशकर: वक़्त से परे अगर मिल गए कहीं…

स्मृति शेष: लता मंगेशकर की अविश्वसनीय सफलता के पीछे उनकी आवाज़ की नैसर्गिक निश्छलता और सरलता का बहुत बड़ा हाथ है. जिस प्रकार उनकी आवाज़ हर व्यक्ति, समुदाय और वर्ग के लोगों को समान रूप से प्रभावित करने में सफल होती है वह इस बात का सूचक है कि वो आवाज़ अपने दैहिक कलेवर से उठकर आत्मा में निहित मानवीयता को स्पंदित करने में सक्षम हो जाती है.

प्रख्यात पार्श्व गायिका लता मंगेशकर का निधन

भारत में लता मंगेशकर को व्यापक रूप से सबसे महान और सबसे सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में से एक माना जाता था. भारतीय संगीत उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’, ‘स्वर कोकिला’ और ‘क्वीन ऑफ मेलोडी’ जैसी उपाधियां भी दी गई थीं.

अभिनेता रमेश देव का 93 साल की आयु में निधन

रमेश देव ने 1962 में आई फिल्म ‘आरती’ में एक खलनायक की भूमिका निभाकर हिंदी सिनेमा में अपनी यात्रा शुरू की थी. इसके बाद उन्होंने अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा और हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ यादगार भूमिकाएं कीं. उनके नाम कई लोकप्रिय फिल्में दर्ज हैं, जिनमें कल्ट क्लासिक- ‘आनंद’, ‘आप की कसम’, ‘मेरे अपने’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं.

मराठी सिनेमा में सलमान-शाहरुख नहीं, कथानक अहम होता है: सुमीत राघवन

अभिनेता सुमीत राघवन ने कहा कि मराठी फिल्म में कथानक महत्वपूर्ण है, जिसमें दर्शकों को थियेटर तक लाने का माद्दा होता है.