पूर्वोत्तर के उग्रवादियों से बात, लेकिन कश्मीरियों से केंद्र का आतंकी जैसा व्यवहार: महबूबा

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने अपने पिता और पीडीपी संस्थापक मुफ़्ती मोहम्मद सईद की पुण्यतिथि पर कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों में आतंकवादियों से बात में शामिल है, जबकि जम्मू-कश्मीर में आपने आम लोगों को आतंकवादी क़रार दिया है. उन्हें गिरफ्तार कर जेलें भर दी हैं. उन्होंने पूछा कि कोई अपने नागरिकों के साथ ऐसा करता है क्या?

जम्मू कश्मीर: महबूबा को सेना की हिरासत में मारे गए नागरिकों के परिजनों से मिलने से रोका गया

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में बीते 21 दिसंबर को आतंकी हमले में 4 जवानों की मौत के बाद सेना ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था. बाद में इनमें से 3 लोगों के शव मिले थे. पीडीपी नेताओं ने कहा कि मुफ्ती को पार्टी के अन्य सहयोगियों को पुलिस ने पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए टोपा पीर गांव की ओर जाने की अनुमति नहीं दी.

जम्मू कश्मीर: सरपंच ने पुष्टि की, मारे गए नागरिक वीडियो में जवानों की प्रताड़ना सहते दिख रहे हैं

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में बीते 21 दिसंबर को एक आतंकी हमले में 4 जवानों की मौत के बाद सेना ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था. बाद में 3 लोगों के शव उस जगह के नज़दीक पाए गए थे, जहां आतंकवादियों ने सेना पर हमला किया था. एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सेना के जवान नागरिकों को यातनाएं देते देखे जा सकते हैं.

ज़मीनी हक़ीक़त ने जम्मू-कश्मीर में केंद्र की शांति की ‘फ़र्ज़ी कहानी’ को झुठला दिया है: महबूबा

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में आतंकी हमले में 4 जवानों के शहीद होने के बाद पूछताछ के लिए सेना द्वारा उठाए गए तीन नागरिकों की मौत की घटना पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रचारित सामान्य स्थिति को बनाए रखने के लिए यहां के निर्दोष लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.

अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कैसे समझा जाए?

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के तरीके को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने के फैसले की बारीकियां समझने के लिए ज़रूरी है कि यह समझा जाए कि अनुच्छेद 370 था क्या और इसे हटाया कैसे गया.

अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों ने दुख व्यक्त किया

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को बरक़रार रखने के शीर्ष अदालत के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए केंद्रशासित प्रदेश के राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि फैसले वाले दिन उन्हें नज़रबंद कर दिया गया था. नेताओं ने कहा कि यह फैसला अप्रत्याशित नहीं था.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में देरी के लिए चुनाव आयोग भाजपा से निर्देश ले रहा: उमर अब्दुल्ला

करगिल में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में देरी के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी दोषी ठहराया. अब्दुल्ला ने आयोग से चुनाव न कराने के कारणों को बताने के लिए कहा है.

कश्मीर: आपराधिक साज़िश और जबरन वसूली के आरोप में पत्रकार को गिरफ़्तार किया गया

श्रीनगर में वरिष्ठ पत्रकार और टीवी डिबेटर माजिद हैदरी को एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद अदालत के निर्देश पर गिरफ़्तार किया गया है. सूबे के राजनीतिक दलों- पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कार्रवाई की निंदा की है.

मुस्लिमों पर ग़ुलाम नबी आज़ाद का बयान आरएसएस-भाजपा की भाषा से मिलता-जुलता है: महबूबा मुफ़्ती

डेमोक्रेटिक आज़ाद पार्टी और पूर्व कांग्रेस नेता के अध्यक्ष ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि भारत में सभी मुसलमान मूल रूप से हिंदू थे, जिन्होंने कुछ समय पहले ही इस्लाम अपना लिया है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि आज़ाद की टिप्पणियां ख़तरनाक और विभाजनकारी हैं.

जम्मू कश्मीर प्रशासन चुनिंदा तरीके से कश्मीरी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहा है: महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की यह प्रतिक्रिया जम्मू कश्मीर बैंक द्वारा अपने मुख्य प्रबंधक सज्जाद अहमद बज़ाज़ को कथित तौर पर ‘राज्य की सुरक्षा के लिए ख़तरा’ होने के आरोप में बर्ख़ास्त करने के एक दिन बाद आई है.

अनुच्छेद 370 निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 2 अगस्त से दैनिक आधार पर सुनवाई होगी

अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को ख़त्म कर जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कम से कम 23 याचिकाएं दाख़िल की गई है. बीते 10 जुलाई को एक नया हलफ़नामा दाख़िल कर सरकार ने अपने फैसले का बचाव किया है.

जम्मू कश्मीर को अब केवल न्यायपालिका का ही सहारा है

महबूबा मुफ़्ती लिखती हैं, 'जम्मू कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के साझा मूल्यों पर जिस देश से जुड़ने का फैसला किया, उसने हमें निराश कर दिया है. अब, केवल न्यायपालिका ही है जो हमारे साथ हुई ग़लतियों और नाइंसाफ़ी को सुधार सकती है.'

कश्मीर में मस्जिद में घुसकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाने के आरोपी मेजर को हटाया गया: रिपोर्ट

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा ज़िले के जदूरा गांव के लोगों का आरोप था कि 23-24 जून की दरमियानी रात सेना के कुछ जवानों ने मस्जिद में घुसकर मुअज़्ज़िन समेत नमाज़ियों को ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया. अब ख़ुद को घटना का चश्मदीद बताने वाले एक शख़्स ने द टेलीग्राफ से कहा कि रविवार को सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने ग्रामीणों से माफ़ी मांगी है.

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