क्या भारत में पेट्रोल-डीज़ल की तरह अब रोटी खाना भी महंगा होने जा रहा है?

वीडियो: भारत द्वारा कीमतों को नियंत्रण में रखने के प्रयास में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतें 14 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.

घरेलू स्तर पर बढ़ते दाम को नियंत्रित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक

सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है. दोनों देश गेहूं के प्रमुख निर्यातक रहे हैं. कांग्रेस ने इस क़दम को ‘किसान विरोधी’ क़रार देते हुए कहा कि सरकार ने गेहूं की पर्याप्त खरीद नहीं की जिसके कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई.

किसानों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए, एमएसपी पर क़ानून बनाए सरकार: सत्यपाल मलिक

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों ने केवल दिल्ली में अपना धरना समाप्त किया है, लेकिन तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ उनका आंदोलन अभी भी जीवित है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में जिस रफ़्तार से बेरोज़गारी और महंगाई बढ़ रही है उससे देश में संकट खड़ा होने वाला है.

सरकार ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान घटाकर 10.5 करोड़ टन किया

केंद्र सरकार ने जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन के अनुमान को 5.7 प्रतिशत घटाकर 10.5 करोड़ टन कर दिया है. पहले गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 13.2 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया था. अनुमान में गिरावट का कारण गर्मी की जल्द शुरुआत होने की वजह से फसल उत्पादकता प्रभावित होना है.

किसान मोर्चा की विचारधारा पूरे देश में तेज़ी से फैल रही है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा: राकेश टिकैत

वीडियो: न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसान आंदोलन के भविष्य को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैट से द वायर के इंद्र शेखर सिंह की बातचीत.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति तीनों कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के ख़िलाफ़ थी: रिपोर्ट

केंद्र द्वारा निरस्त किए गए तीन कृषि क़ानूनों पर विचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. बीते साल सौंपी गई उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई थी. अब समिति के एक सदस्य अनिल घानवत ने इसे जारी करते हुए कहा कि 85.7 प्रतिशत किसान संगठन क़ानूनों के समर्थन में थे.

सरकार विधानसभा चुनावों के बाद एमएसपी समिति गठित करने के लिए प्रतिबद्ध: कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह के इस बयान पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का यह नया पैंतरा है. पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि अपशब्द कहे, अपमानित किया, लाठियां बरसाईं, कीलें बिछवाईं, सड़कें खुदवाईं, किसान नहीं झुके तो साजिशें कीं! फिर थक हारकर ‘काले क़ानून’ वापस लिए. चुनाव हारने का डर है, तो अब एक और पैंतरा?

अगर किसानों की आय दुगनी हो गई है तो वे हर दिन आत्महत्या क्यों कर रहे हैं: बीजद सांसद

बीजू जनता दल के राज्यसभा सदस्य प्रसन्न आचार्य ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2019 में देश में 42,480 किसानों और दिहाड़ी मज़दूरों ने आत्महत्या की, जो पिछले साल की तुलना में छह प्रतिशत अधिक मामले थे. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की मांग के अनुरूप न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिए क़ानून बनाने के बारे में कोई घोषणा नहीं की है.

किसानों के हितों और 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने के बारे में बजट मौन: देवेंद्र शर्मा

कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि पिछले लगभग पांच सालों से किसानों की आय दोगुनी करने की बात जोर-शोर से कही जाती रही है कि वर्ष 2022 तक इस ​मंज़िल को हासिल करने की सरकार की योजना है, लेकिन बजट में इस बहुप्रचारित ‘दावे’ पर चुप्पी साध ली गई है. उन्होंने कहा कि अगर देखा जाए तो नरेगा सहित तमाम मदों में कमी ही की गई है और कृषि प्रणाली में जान फूंकने जैसा कोई प्रयास नहीं दिखता है.

कृषि बजट में ‘तकनीक आधारित मॉडल’ को बढ़ावा, किसानों की मांगों की अनदेखी

बजट में एमएसपी भुगतान के लिए 2.37 लाख करोड़ रुपये के आवंटन के साथ गेहूं व धान किसानों को निश्चित आय का आश्वासन दिया गया है, पर इसके अमल के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. किसान नेताओं ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनकी आय दोगुनी करने के वादे पूरे नहीं किए हैं.

सदन में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, आरटीआई अप्रभावी, मनरेगा से भ्रष्टाचार बढ़ रहा

झारखंड से  भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि आरटीआई से हर ब्लॉक में सिर्फ़ बिचौलिये पैदा हुए हैं. चर्चा के दौरान एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मनरेगा योजना को और सशक्त करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर बेहतर तरीके से काम करने की ज़रूरत है. बेरोज़गारी की वजह से इस योजना की स्पष्ट ज़रूरत है.

किसान आंदोलन के दौरान किसी भी किसान की मौत पुलिस कार्रवाई से नहीं हुई: सरकार

इसके उलट इस साल पांच फरवरी को राज्यसभा में इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि देश के विभिन्न राज्यों में आंदोलनरत किसानों की मौत के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दो व्यक्तियों की मौत और एक के आत्महत्या करने की जानकारी दी है.

किसानों का आंदोलन स्थगित, 11 दिसंबर से दिल्ली सीमा ख़ाली करना शुरू करेंगे: किसान नेता

केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान बीते साल नवंबर महीने से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा को केंद्र सरकार द्वारा हस्ताक्षरित पत्र मिलने के बाद यह घोषणा हुई है, जिसमें किसानों के ख़िलाफ़ मामलों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर एक समिति बनाने सहित उनकी लंबित मांगों पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की गई है.

कृषि क़ानून वापस होने से किसानों का नुकसान, चंद ‘ख़ालिस्तानी ग़ुंडों’ को फायदा: पूर्व भाजपा सांसद

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से सांसद रह चुके भाजपा नेता हरिनारायण राजभर ने भाकियू नेता राकेश टिकैत व आंदोलनकारी किसान नेताओं को 'उग्रवादी' क़रार देते हुए कहा कि टिकैत किसान आंदोलन के दौरान हुई 700 किसानों की मौत के दोषी हैं और उनकी संपत्ति ज़ब्त करके मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा दिया जाना चाहिए.

प्रदर्शन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई रिकॉर्ड नहीं, मुआवज़े का सवाल नहीं उठता: केंद्र

विवादित तीनों कृषि क़ानूनों की वापसी के बाद कृषि संगठन मांग कर रहे हैं कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 से अधिक किसानों को उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा, जिनका विस्तृत ब्यौरा उनके पास उपलब्ध है.

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