Muzaffarpur

उद्योगविहीन उत्तर बिहार के शहर गंभीर वायु प्रदूषण से क्यों जूझ रहे हैं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नवंबर के आखिरी दिनों की रिपोर्ट में बिहार के मोतिहारी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 402 था. यह स्थिति लगभग महीने भर से बनी हुई है. ऐसे शहर में, जहां उद्योग के नाम पर किसी ज़माने में रही चीनी मिल के भग्नावशेष ही दिखते हैं, प्रदूषण का यह स्तर गंभीर सवाल खड़े करता है.

बिहार: रामनवमी पर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने मस्जिद पर भगवा झंडा लगाया

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में रामनवमी के मौके पर एक शख़्स द्वारा मस्जिद की दीवार पर चढ़कर उसके गेट के ऊपर भगवा झंडा लगाए जाने का मामला सामने आया है. घटना से संबंधित वीडियो में तलवार और हॉकी स्टिक लहराते कई बाइक सवारों को इस शख़्स का उत्साहवर्धन करते देखा जा सकता है.

बिहार: ​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा में कथित ज़हरीली शराब से चार लोगों की मौत

बिहार में अप्रैल 2016 से शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगा हुआ है. हालांकि कथित तौर ज़हरीली शराब से लोगों की मौत की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं.​ पिछले साल दिवाली के समय ऐसी ही एक अन्य घटना में चार ज़िलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.

बिहार: फैक्ट्री में बॉयलर फटने से सात लोगों की मौत, जांच के आदेश

घटना रविवार को मुज़फ़्फ़रपुर के बेला औद्योगिक इलाके में नूडल्स और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने वाली एक इकाई में हुई, जिसमें सात लोग घायल हो गए. पुलिस ने इस संबंध में फैक्ट्री के मालिक, उनकी पत्नी, प्रबंधक और बॉयलर की मरम्मत करने के लिए रखे गए कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया है.

बिहार में मोतियाबिंद की सर्जरी संक्रमित ऑपरेशन थियेटर में की गई थी: जांच रिपोर्ट

मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 22 नवंबर को 65 लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद कई लोगों की दृष्टि चली गई थी या संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आंखे निकालनी पड़ी. माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट के लिए भेजे गए नमूनों से पुष्टि हुई है कि ऑपरेशन थियेटर संक्रमित था.

बिहारः मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद हुए संक्रमण से 15 दृष्टिहीन हुए, मामला दर्ज

मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले का मामला. जिले में 22 नवंबर को आयोजित एक मेडिकल कैंप में मोतियाबिंद के शिकार 65 लोगों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था. सर्जरी के बाद कई मरीज़ों ने आंखों में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टर की सलाह पर कई लोगों को अपनी आंखें निकलवानी पड़ी.

बिहार: कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से तीन दिन में पांच लोगों की मौत

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले का मामला. मृतक के परिजनों के दावे के इतर ज़िला प्रशासन ने शराब से मौत होने की बात से इनकार किया है. एफ़आईआर दर्ज करने के बाद थानाध्यक्ष को निलंबित करने के साथ सर्किल इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है. बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी है.

Deoria: A view of the shelter home from where twenty-four girls were rescued after allegation of sexual exploitation of the inmates came to light, prompting the Uttar Pradesh government to swing into a damage control mode by removing the district magistrate and ordering a high-level probe, in Deoria on Monday, Aug 6, 2018. (PTI Photo) (Story no. DEL23)(PTI8_6_2018_000256B)

क़रीब 40 प्रतिशत बाल गृहों में बच्चों को प्रताड़ना से बचाने की व्यवस्था नहीं: रिपोर्ट

साल 2018 में उत्तर प्रदेश के देवरिया और बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित बाल गृहों में यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद सरकार ने देश के सभी बाल गृहों की सामाजिक ऑडिट करने का आदेश दिया था. ऑडिट किए गए 7,163 बाल गृहों में से 1,504 में अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जबकि 434 के शौचालयों और स्नानगृह में निजता की व्यवस्था नहीं है.

बिहार: ‘सरकार रूपया का मदद देहलस लेकिन ओसे बेटी थोड़े न लौट के आई’

मुज़फ़्फ़रपुर और आसपास के क्षेत्रों में अमूमन अगस्त-सितंबर में चमकी बुखार का भीषण प्रकोप देखने को मिलता है, पर इस बार मामले भी कम आए और मौतें भी कम हुईं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बावजूद इसके बिहार को चमकी बुखार से निपटने के लिए अभी और तैयारी करनी होगी.

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में बंद पड़ी चीनी मिल क्या कभी शुरू हो पाएगी?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित मोतीपुर चीनी मिल 1932 स्थापित की गई थी. 1980 में राज्य सरकार ने इसका संचालन अपने हाथ में लिया और वर्ष 1997 में यह बंद हो गई. आज हालात ये हैं कि बिहार में 28 में से सिर्फ 11 चीनी मिलें ही चल रही हैं. ये सभी चीनी मिलें सिर्फ़ छह ज़िलों में स्थित हैं.

बिहार: सियासी चेहरों के बीच चुनावी मैदान में उतरा एक मनरेगा मज़दूर

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के रत्नौली गांव के रहने वाले 33 वर्षीय संजय साहनी कुढ़नी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार हैं. सातवीं तक पढ़े संजय लंबे समय तक प्रवासी कामगार के बतौर दिल्ली में रहे हैं और अब मनरेगा के तहत मज़दूरी करते हुए आसपास के गांवों में मनरेगा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जाने जाते हैं.

मुज़फ़्फ़रपुर: विकास के दावे के साथ शुरू हुआ पावर प्लांट अब बना मुसीबतों का सबब

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के कांटी में बना एनटीपीसी का थर्मल पावर प्लांट स्थानीयों के लिए नौकरियों और विकास के सपनों के साथ शुरू हुआ था, लेकिन आज आजीविका की जद्दोजहद में लगे स्थानीय लोग प्लांट से निकल रही ज़हरीली गैस और राख़ के चलते रोगों से घिरे हैं, जिनकी सुनने वाला भी कोई नहीं है.

प्रवासी संकट: बिहार के मुजफ़्फ़रपुर स्टेशन पर पड़ी अपनी मृत मां को जगा रहा बच्चा अब कहां है?

वीडियो: कोरोना वायरस के चलते उपजे प्रवासी संकट के बीच बीते मई महीने में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बिहार के मुजफ़्फ़रपुर रेलवे स्टेशन पर एक महिला बेसुध ज़मीन पर पड़ी हैं. उनके ऊपर एक चादर थी, जिसे खींचकर उनका छोटा-सा बच्चा उन्हें उठाने की कोशिश करता नज़र आया था.

‘नेता लोग हवाई जहाज से बैठ के देखता है, उ लोग को नाव में आके देखना चाहिए कि हम किस हाल में हैं’

ग्राउंड रिपोर्ट: कोरोना वायरस का केंद्र बनकर उभर रहे बिहार के कई इलाके बाढ़ के ख़तरे से भी जूझ रहे हैं. उत्तर बिहार के लगभग सभी ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं और लाखों की आबादी प्रभावित है. लेकिन पानी में डूबे गांव-घरों में जैसे-तैसे गुज़ारा कर रहे लोगों को मदद देना तो दूर, सरकार उनकी सुध ही नहीं ले रही है.

मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन पर हुई महिला की मौत पर पटना हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

पटना हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन पर दिख रही मृत महिला के बारे में सरकार से जवाब मांगा है. इस बीच खगड़िया ज़िले में गुजरात से कटिहार आ रही ट्रेन में सवार एक महिला और हरियाणा के रेवाड़ी से आ रही एक ट्रेन में एक पुरुष की मौत हो गई है.