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उत्तर प्रदेश: वरिष्ठ पत्रकार कमाल ख़ान का निधन

वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी इंडिया के एग्जीक्यूटिव एडिटर कमाल ख़ान का शुक्रवार को लखनऊ में हृदयाघात से निधन हो गया. वे अपनी नफ़ासत भरी शैली और भाषा पर पकड़ के लिए जाने जाते थे.

कोविड-19ः कुंभ का दौरा करने वाले भाजपा विधायक संक्रमित, भीड़ के बचाव में उतरे

उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक सुनील भराला का कहना है कि कुंभ की आस्था कोरोना वायरस से बहुत बड़ी है गंगा मां ही इस कोरोना का सर्वनाश करेंगी और पिछले साल निज़ामुद्दीन मरकज़ में जुटी भीड़ की तुलना कुंभ से नहीं की जानी चाहिए.

ऑनलाइन धोखाधड़ी: टीवी पत्रकार निधि राज़दान ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

समाचार चैनल एनडीटीवी की पूर्व कार्यकारी संपादक निधि राज़दान ने जून 2020 में ट्वीट कर बताया था कि उन्हें अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफ़ेसर की नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया था. ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा करेगी.

एनडीटीवी के प्रवर्तक सेबी द्वारा 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश के ख़िलाफ़ अपील करेंगे

पूंजी बाज़ार नियामक सेबी ने एनडीटीवी के प्रवर्तक प्रणय और राधिका रॉय और प्रवर्तक समूह कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड कुछ क़र्ज़ समझौतों के बारे में शेयरधारकों से कथित तौर पर खुलासा नहीं किए जाने के कारण 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.

सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए एनडीटीवी के प्रमोटरों पर दो साल की रोक लगाई

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रणय और राधिका रॉय को 12 साल पहले इनसाइडर ट्रेडिंग गतिविधियों से अवैध तरीके से कमाए गए 16.97 करोड़ रुपये लौटाने को भी कहा है.

प्रणय और राधिका रॉय को विदेश जाने से रोका गया, एनडीटीवी ने कहा- मीडिया को डराने की कोशिश

एनडीटीवी के संस्थापकों को सीबीआई के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर शुक्रवार शाम मुंबई हवाई अड्डे पर विदेश जाने से रोका गया. एनडीटीवी ने कहा, कार्रवाई मीडिया को चेतावनी कि वो उनके पीछे चले या नतीजा भुगते.

आपातकाल: नसबंदी से मौत की ख़बरें न छापी जाएं

आपातकाल के 44 साल बाद इन सेंसर-आदेशों को पढ़ने पर उस डरावने माहौल का अंदाज़ा लगता है जिसमें पत्रकारों को काम करना पड़ा था, अख़बारों पर कैसा अंकुश था और कैसी-कैसी ख़बरें रोकी जाती थीं.

एनडीटीवी प्रमोटर्स को पूंजी बाज़ार से प्रतिबंधित करने के सेबी के आदेश पर लगी रोक

बीते 14 जून को सेबी ने आदेश पारित करते हुए एनडीटीवी के तीन प्रवर्तकों को दो साल के लिए पूंजी बाज़ार से प्रतिबंधित कर दिया था. साथ ही इस अवधि के दौरान प्रणय रॉय और राधिका रॉय पर कंपनी के बोर्ड में या शीर्ष प्रबंधन स्तर पर बने रहने पर भी रोक लगाई गई थी. प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण ने सेबी के इस आदेश पर रोक लगा दी.

सेबी ने प्रणय और राधिका रॉय को एनडीटीवी में शीर्ष प्रबंधकीय पदों पर बने रहने पर लगाई पाबंदी

एनडीटीवी के एक शेयर होल्डर क्वांटम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से साल 2017 में की गई शिकायत के बाद सेबी ने यह रोक लगाई है. इसके साथ ही एनडीटीवी प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय को पूंजी बाजार में दो साल तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. दोनों ने सेबी के आदेश को कानून और तय प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है.

जन गण मन की बात, एपिसोड 284: एनडीटीवी का स्टिंग ऑपरेशन और नागरिकता संशोधन विधेयक

जन गण मन की बात की 284वीं कड़ी में विनोद दुआ एनडीटीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में मॉब लिंचिंग के दो आरोपियों के अपराध स्वीकारने और नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं.

क्या आपातकाल को दोहराने का ख़तरा अब भी बना हुआ है?

आपातकाल कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सत्ता के अतिकेंद्रीकरण, निरंकुशता, व्यक्ति-पूजा और चाटुकारिता की निरंतर बढ़ती गई प्रवृत्ति का ही परिणाम थी. आज फिर वैसा ही नज़ारा दिख रहा है. सारे अहम फ़ैसले संसदीय दल तो क्या, केंद्रीय मंत्रिपरिषद की भी आम राय से नहीं किए जाते, सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री की चलती है.

भारत में सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया संस्थानों को परेशान किया गया: अमेरिकी विदेश मंत्रालय

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने की ऐसी कोशिश हाल के वर्षों में पहले अनुभव नहीं की गई.

मीडिया बोल, एपिसोड 25: जज लोया की मौत और मीडिया रिपोर्टिंग के विरोधाभास

मीडिया बोल की 25वीं कड़ी में उर्मिलेश, द कारवां के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल और आरटीआई कार्यकर्ता अं​जलि भारद्वाज के साथ जज लोया की मौत के मामले पर चर्चा कर रहे हैं.

जब पूर्वोत्तर और कश्मीर में मीडिया पर हमला होता है, तब प्रेस की आज़ादी की चर्चा क्यों नहीं होती?

दशकों से उत्तर-पूर्व और कश्मीर के मीडिया संस्थान अपनी आज़ादी की लड़ाई राष्ट्रीय मीडिया के समर्थन के बगैर लड़ रहे हैं.

फिर फर्ज़ी ख़बर फैलाते पाए गए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा

सोशल मीडिया पर भारतीय सैनिकों की फर्ज़ी तस्वीर और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार का फर्ज़ी वीडियो साझा करने के बाद संबित पात्रा एक बार फिर झूठी ख़बर फैलाते हुए पाए गए हैं.