Polarisation

सामाजिक ताने-बाने पर चोट और बढ़ती सांप्रदायिकता पर कॉरपोरेट वर्ग चुप क्यों है

वर्तमान परिस्थितियों को लेकर कॉरपोरेट अग्रणियों के बीच पसरे विराट मौन में शायद ही कोई अपवाद मिले. यह बात अब शीशे की तरफ साफ हो गई है कि मौजूदा निज़ाम में कॉरपोरेट समूहों और हिंदुत्व वर्चस्ववादी ताकतों की जुगलबंदी नए मुकाम पर पहुंची है.

उत्तराखंड: कॉमन सिविल कोड से पहाड़ की जनता को क्या मिलेगा

अगर पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार कोई क़ानून लाना चाहती है तो उसके बारे में आम जनता को पहले से तफ़्सील से क्यों नहीं बताया जाता कि उत्तराखंड के लिए इसके क्या फ़ायदे होंगे.

पांच साल तक सोए हुए विपक्ष ने नहीं, किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जगाया है

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जहां किसान आंदोलन का असर दिखा था, वहां के 19 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा सिर्फ़ छह सीटें हासिल कर पाई है. अगर इस चुनावी नतीजे से किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचा जाए तो वह यह है कि जनता के मुद्दों पर चला सच्चा जन आंदोलन ही ध्रुवीकरण के रुझानों को पलट सकता है और आगे चलकर यही भाजपा को पराजित कर सकता है.

उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक एजेंडे का सपा के पास क्या जवाब है?

वीडियो: वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान उत्तर प्रदेश चुनावों को लेकर भाजपा के ध्रुवीकरण की राजनीति, योगी आदित्यनाथ के एजेंडे और समाजवादी पार्टी की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं.

क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करके वोट बैंक बनाना चाहती है भाजपा?

वीडियो: जब भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात आती है तो जाटों और मुसलमानों की चर्चा होती है, क्योंकि यहां दोनों की अच्छी ख़ासी आबादी है. दोनों समुदायों को कुल मिलाकर 43 फीसदी वोट है. पश्चिमी यूपी में क्या करेगी भाजपा? क्या अखिलेश का जाट-मुस्लिम फैक्टर चलेगा या भाजपा का 80 बनाम 20 का दांव काम करेगा? बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान.

उत्तराखंड में लैंड जिहाद के नाम पर वोट लेने का पैंतरा अपना रही बीजेपी

वीडियो: आगामी चुनावों के कारण उग्र राजनीतिक हितों के बीच उत्तराखंड में भाजपा नेतृत्व अब भूमि जिहाद के अपने सिद्धांत के नाम पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर रही है. द वायर ने इस मुद्दे और भाजपा के लिए इसके महत्व के बारे में विशेषज्ञों से बातचीत की.

पुलिस मुठभेड़ के बाद डकैती के आरोप में पकड़ा गया अख़लाक़ हत्याकांड का आरोपी

घर में गोमांस रखने के आरोप में दादरी के बिसाहड़ा गांव में सिंतबर, 2015 में मोहम्मद अख़लाक़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले के सभी 18 आरोपी जमानत पर हैं. इनमें से एक हरिओम लूटपाट और गाजियाबाद में चुरायी हुई संपत्ति बेईमानी से हासिल करने के कम से कम चार मामलों में वांछित था.

मायावती ने किया ऐलान, सभी चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन एक बड़ी भूल थी. सपा की कमजोरी की वजह से नतीजे सोच के अनुसार नहीं आए. यहां तक कि चुनाव जीतने के बाद अखिलेश ने मुझे फोन तक नहीं किया.

Varanasi: BJP workers celebrate party's lead in the Lok Sabha elections 2019, in Varanasi, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo) (PTI5_23_2019_000087B)

विपक्ष को विनम्रता से स्वीकारना चाहिए कि वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर विकल्प देने में असमर्थ रहे हैं

लोकसभा चुनाव परिणाम यह बताते हैं कि तात्कालिक आर्थिक स्थितियां परिणामों को निर्धारित करनेवाला एकमात्र कारक नहीं होतीं, लोग अपने निर्णय उपलब्ध विकल्पों के आधार पर तय करते हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi address following a meeting with President Ramnath Kovind at Rastrapati Bhawan in New Delhi, Saturday, May 25, 2019. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI5_25_2019_000248B)

मोदी को भय की राजनीति में संघ की भूमिका पर ध्यान देना चाहिए

क्या नरेंद्र मोदी यह कहना चाह रहे हैं कि मुस्लिमों को जिस भय की राजनीति का सामना करना पड़ रहा है, वे उसे ख़त्म करने की कोशिश करेंगे? अगर उन्हें गंभीरता के साथ इस ओर काम करना है तो इसकी शुरुआत संघ परिवार से नहीं होनी चाहिए.

New Delhi: Bhartiya Janata Party workers welcome Prime Minister Narendra Modi as he, along with BJP President Amit Shah, arrives at the party headquarters to celebrate the party's victory in the 2019 Lok Sabha elections, in New Delhi, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI5_23_2019_000482B)

‘बहुमत’ की खोज

पूर्व में बहुमत अंकगणित से हासिल होता था, जो सामाजिक समूहों को एक साथ जोड़कर होता था, यह बहुमत सिर्फ वैचारिक मंच पर ही नहीं, बल्कि सत्ता में सभी की भागीदारी का वादा करके हासिल होता था. 2014 में भाजपा ने ख़ुद को चुनावी अंकगणित से दूर कर लिया और ध्रुवीकरण की प्रक्रिया से राष्ट्रीय बहुमत हासिल किया.

‘पिछले पांच सालों में ध्रुवीकरण ने कश्मीर मुद्दे की जटिलता को समझना और मुश्किल कर दिया है’

दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित और ऑस्कर के लिए नामित फिल्मकार अश्विन कुमार ने कहा कि कश्मीर दुनिया की कुछ ऐसी जगहों में से एक है, जहां सुंदरता और भय एक साथ मौजूद हैं.

इस चुनाव में मुसलमानों के लिए क्या है?

आज भारतीय राजनीति एक ऐसे दौर में है जब कोई भी राजनीतिक पार्टी मुस्लिम समुदाय की बात नहीं करना चाहती. वे राजनीतिक रूप से अछूत बना दिए गए हैं. अब उनका इस्तेमाल बहुसंख्यक आबादी को वोट बैंक में तब्दील करने के लिए किया जा रहा है.

अख़लाक़ का गांव: ‘आप लोग जाइए, हम अपने जहन्नुम में ख़ुश हैं’

भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मोहम्मद अख़लाक़ को मार दिए जाने के करीब चार साल बाद दादरी के बिसाहड़ा गांव में कोई पछतावा नहीं दिखता. यहां के मुसलमानों ने ख़ुद को क़िस्मत के हवाले कर दिया है.

Ajmer: Bharatiya Janata Party (BJP) supporters wear masks of Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje at an election rally, in Ajmer, Wednesday, Dec. 05, 2018. (PTI Photo)(PTI12_5_2018_000049B)

क्यों पूरी ताक़त झोंकने के बावजूद राजस्थान में भाजपा ध्रुवीकरण करने में नाकाम रही

भाजपा के स्टार प्रचारक और स्थानीय नेता राजस्थान के चुनावी रण में हिंदू मतदाताओं को लामबंद करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एकाध सीट को छोड़कर इसका असर होता हुआ नहीं दिख रहा.