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केरल: जातिगत भेदभाव के आरोपों के बीच फिल्म संस्थान के निदेशक ने इस्तीफ़ा दिया

केरल सरकार द्वारा संचालित केआर नारायणन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ विज़ुअल साइंस एंड आर्ट्स के निदेशक शंकर मोहन ने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. विद्यार्थियों और शिक्षकों का एक वर्ग उन पर जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहा था. संस्थान के कुछ सफाई कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी उनसे अपने घर का शौचालय साफ करवाती थीं.

धर्मांतरित व्यक्ति पुराने धर्म की जाति का नहीं रहता, इसलिए आरक्षण का लाभ नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

तमिलनाडु लोक सेवा आयोग के एक उम्मीदवार ने आयोग के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसके तहत उसे परीक्षा में ‘पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम)’ न मानते हुए ‘सामान्य श्रेणी’ का माना गया था. याचिकाकर्ता का तर्क था कि चूंकि वह धर्मांतरण के पहले ‘सबसे पिछड़े वर्ग’ से ताल्लुक रखता था, इसलिए धर्मांतरण के बाद उसे इसके तहत लाभ मिलना चाहिए था.

ईडब्ल्यूएस आरक्षण: कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा के लिए याचिका दायर की

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को दिए जाने वाले 10 फीसदी आरक्षण संबंधी संविधान के 103वें संशोधन को बरक़रार रखा था.

हाईकोर्ट में याचिका- अगर 8 लाख रुपये सालाना आय ईडब्ल्यूएस है तो ढाई लाख की आय पर टैक्स क्यों

मद्रास हाईकोर्ट में द्रमुक पार्टी के सदस्य कुन्नूर सीनिवासन द्वारा द्वारा दाखिल याचिका में वित्त अधिनियम, 2022 की पहली अनुसूची, भाग I, पैराग्राफ ए को रद्द करने की मांग की है. अधिनियम का यह हिस्सा आयकर की दर तय करता है. कोर्ट ने इसे लेकर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

ईडब्ल्यूएस आरक्षण: जिन लोगों को ‘वो’ साथ बैठाना नहीं चाहते, उनसे दाख़िलों, नौकरी में बराबरी क्यों

प्रतिभा के कारण अवसर मिलते हैं. यह वाक्य ग़लत है. यह कहना सही है कि अवसर मिलने से प्रतिभा उभरती है. सदियों से जिन्होंने सारे अवसर अपने लिए सुरक्षित रखे, अपनी प्रतिभा को नैसर्गिक मानने लगे हैं. वे नई-नई तिकड़में ईजाद करते हैं कि जनतंत्र के चलते जो उनसे कुछ अवसर ले लिए गए, वापस उनके पास चले जाएं.

झारखंड: 1932 के भूमि रिकॉर्ड पर स्थानीयता और आरक्षण 77 फीसदी करने का विधेयक पारित

झारखंड विधानसभा में स्थानीयता और आरक्षण से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार से यह अनुरोध करने का निर्णय लिया गया है कि वह इन विधेयकों को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करे, जिससे इन्हें किसी अदालत में चुनौती न दिया जा सके.

ईडब्ल्यूएस आरक्षण निर्णय बराबरी के सिद्धांत पर वार है और भेदभाव को संवैधानिक मान्यता देता है

संविधान की मूल संरचना का आधार समानता है. आज तक जितने संवैधानिक संशोधन किए गए हैं, वे समाज में किसी न किसी कारण से व्याप्त असमानता और विभेद को दूर करने वाले हैं. पहली बार ऐसा संशोधन लाया गया है जो पहले से असमानता के शिकार लोगों को किसी राजकीय योजना से बाहर रखता है.

आरक्षण पर 50 फीसदी की सीमा हटाई जाए: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को बरक़रार रखने के निर्णय पर कहा कि समय आ गया है कि आरक्षण पर 50 फीसदी की सीमा बढ़ाई जाए. यह सीमा ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसरों से वंचित कर रही है.

ईडब्ल्यूएस: भाजपा, कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़, स्टालिन बोले- सामाजिक न्याय के संघर्ष को झटका

सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले 103वें संविधान संशोधन को 3:2 के बहुमत के फैसले से बरकरार रखा और कहा कि यह कोटा संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है.

कर्नाटक: एससी/एसटी आरक्षण में बढ़ोतरी करने वाले अध्यादेश को राज्यपाल ने मंज़ूरी दी

इस मंज़ूरी के साथ कर्नाटक में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़कर 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों के लिए मौजूदा तीन प्रतिशत से बढ़कर सात प्रतिशत हो जाएगा. इस क़दम को राज्य की भाजपा सरकार द्वारा अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले इन समुदायों को लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

छत्तीसगढ़: कोर्ट ने नौकरी, कॉलेज दाखिलों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण को असंवैधानिक क़रार दिया

वर्ष 2012 में राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा सरकारी नियुक्तियों, मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य कॉलेजों में दाखिले में कुल आरक्षण का प्रतिशत 50 से बढ़कर 58 प्रतिशत कर दिया गया था. हाईकोर्ट ने इसे रद्द करते हुए कहा कि ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विरुद्ध है.

आईआईएम में पीएचडी दाखिलों व फैकल्टी भर्ती में आरक्षण नियमों का उल्लंघन हो रहा है: आरटीआई

एक आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक़, नौ आईआईएम के पीएचडी दाखिले के आंकड़े बताते हैं कि बीते पांच सालों में एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी के तहत आए छात्रों का अनुपात औसतन पांच फीसदी से कम रहा है. वहीं, सभी आईआईएम में ओबीसी और एससी फैकल्टी के लिए आरक्षित 60 फीसदी और एसटी फैकल्टी के 80 फीसदी से अधिक पद ख़ाली रहते हैं.

आज़ादी के 75 सालों बाद भी देश की दलित-बहुजन आबादी की सभी उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं

भारत और यहां रहने वाले सभी जातियों, समुदायों के नागरिकों का भविष्य अब संविधान के इसके वर्तमान स्वरूप में बचे रहने पर निर्भर करता है.

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सभी विभागों में अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाई

झारखंड हाईकोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया, जिसमें दावा किया गया है कि पुलिस विभाग के हाल के एक फैसले से सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के प्रमोशन पाने की संभावनाएं बाधित होंगी.

झारखंड: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में स्थानीयों को सौ फीसदी आरक्षण का निर्णय ख़ारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने 13 अनुसूचित क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को सरकारी नौकरी में सौ फीसदी आरक्षण देने के झारखंड सरकार के 2016 के फ़ैसले को ख़ारिज करते हुए कहा कि नागरिकों के समान अधिकार हैं और एक वर्ग के लिए अवसर पैदा करके बाकियों को वंचित करना भारतीय संविधान के निर्माताओं के विचार के अनुरूप नहीं है.