टीजे ज्ञानवेल की जय भीम उम्मीद और नाउम्मीदी की फ़िल्म है. उम्मीद इसलिए कि यह दिखाती है कि इंसाफ़ के लिए लड़ा जा सकता है, जीता भी जा सकता है. नाउम्मीदी इसकी कि शायद हमारे इस वक़्त में यह सब कुछ एक सपना बनकर रह गया है.
भारतीय स्टेट बैंक की यह शाखा मुंबई के कुर्ला ईस्ट के नेहरू नगर में हैं, जो मुस्लिम बहुल इलाका है. सोशल मीडिया पर स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद बैंक ने शाखा परिसर में लगे इस नोटिस को हटा दिए जाने की बात कही और ट्वीट कर माफ़ी मांगी.
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस मनाने के दौरान रायपुर में लगी एक प्रदर्शनी में आदिम जाति एवं अनुसूचित विकास विभाग द्वारा बैगा आदिवासियों को स्टॉल पर बैठाया गया जहां दर्शक उनके साथ फोटो आदि लेते दिखे. भूपेश बघेल सरकार के इस कदम को मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी को 'शहरी अवाम के मनोरंजन के लिए आदिवासियों की संस्कृति की हत्या' बताया है.
वीडियो: कोरोना महामारी ने विश्व स्तर पर और भारत में कई आजीविकाओं को बर्बाद कर दिया. इस दौरान कलाकारों और उनका जीवन पूरी तरह से ठप हो गया. क़व्वाल उस्ताद अब्दुल हमीद साबरी ने दो साल में एक भी शो नहीं किया है. उनका परिवार अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है और बेहतर भविष्य की उम्मीद खोने लगा है.
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन की सीमा से सटे क़रीब 350 साल पुराने बौद्धमठ के प्रमुख ग्यांगबुंग रिनपोचे ने कहा कि चीन की सरकार धर्म में विश्वास ही नहीं करती है. जो किसी धर्म में विश्वास नहीं करते, वे अगला दलाई लामा कैसे तय कर सकते हैं. उत्तराधिकार राजनीति नहीं, धर्म और आस्था का मामला है. केवल वर्तमान दलाई लामा और उनके अनुयायियों को ही इस पर फ़ैसला करने का हक़ है.
वीडियो: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 1951 और 2011 के बीच जनसंख्या वृद्धि दर में भारी अंतर के कारण भारत में उत्पन्न हुए धर्मों के अनुयायियों का अनुपात देश की आबादी में 88 प्रतिशत से घटकर 83.8 प्रतिशत हो गया है. वहीं, मुस्लिम आबादी का अनुपात 9.8 फ़ीसदी से बढ़कर 14.24 फ़ीसदी हो गया है. इस मुद्दे पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.
मामला मंगलुरु का है, जहां साल 2012 में पत्रकारिता के छात्र विट्टला मेलेकुडिया और उनके पिता को गिरफ़्तार करते हुए उनके पास मिली किताबों आदि के आधार पर उन पर यूएपीए के तहत राजद्रोह और आतंकवाद के आरोप लगाए गए थे. एक ज़िला अदालत ने उन्हें बरी करते हुए कहा कि पुलिस कोई भी सबूत देने में विफल रही. भगत सिंह की किताबें या अख़बार पढ़ना क़ानून के तहत वर्जित नहीं हैं.
जिस तरह भ्रष्टाचारियों को अपना भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार नहीं लगता, उसी तरह कट्टरपंथियों को अपनी कट्टरता कट्टरता नहीं लगती. वे ‘दूसरी’ कट्टरताओं को कोसते हुए भी अपनी कट्टरताओं के लिए जगह बनाते रहते हैं और इस तरह दूसरी कट्टरताओं की राह भी हमवार करते रहते हैं.
केरल हाईकोर्ट एक पिता द्वारा बेटी से बलात्कार के मामले को सुन रहा था, जहां आरोपी ने दावा किया था कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है क्योंकि उसकी बेटी का किसी अन्य के साथ यौन संबंध था. अदालत ने इस शख़्स को अपराध का दोषी मानते हुए कहा कि महिला का यौन संबंधों में होना बलात्कार, वो भी पिता द्वारा किए गए ऐसे जघन्य अपराध से बरी करने का कारण नहीं हो सकता.
दिल्ली के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आपराधिक न्याय कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट 39ए’ ने छत्तीसगढ़, दिल्ली, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश में मौत की सजा पाए 88 कै़दियों और उनके परिवारों पर अध्ययन किया. रिपोर्ट में कहा गया कि मृत्युदंड पाए जिन कै़दियों का साक्षात्कार किया गया उनमें से बहुत बड़ी संख्या में कै़दी मानसिक रोग से पीड़ित थे और 11 प्रतिशत बौद्धिक अक्षमता के शिकार थे.
घटना गुमला ज़िले के गुरदरी क्षेत्र का है. 15 अक्टूबर को दशहरे के मेले से दो नाबलिग चचेरी बहनें 20 वर्षीय भाई के साथ लौट रहीं थीं. रास्ते में दस आरोपियों ने भाई को मारपीट कर भगा दिया तथा दोनों बहनों को अगवा कर जंगल में उनसे बारी-बारी से सामूहिक बलात्कार किया. इस मामले से जुड़े दो नामज़द आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी थी, जबकि एक आरोपी ने आत्महत्या कर ली.
बांग्लादेश में हिंसा के नए चक्र से शायद हम एक दक्षिण एशियाई पहल के बारे में सोच सकें जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और उनकी बराबरी के हक़ के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का निर्माण करे.
मामला ललितपुर का है, जहां एक 17 वर्षीय युवती ने अपने पिता समेत 28 लोगों पर पिछले पांच सालों से बलात्कार करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने बताया कि लड़की की मां ने उनके पति पर अपने 10 साल के बेटे का भी यौन शोषण करने का आरोप लगाया था.
घटना जशपुर ज़िले की है, जहां पत्थलगांव में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस को एक तेज़ रफ़्तार कार रौंदते हुए निकल गई, जिसमें सत्रह लोग घायल हो गए हैं. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद लोगों ने कार का पीछा कर इसे रोका और सवार युवकों को पुलिस के हवाले करने के बाद कार में आग लगा दी. इस मामले में पत्थलगांव के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर तथा एएसआई को निलंबित कर दिया गया
द्वेष का संहार करो, मां. द्वेष करने वालों का भी. ऐसे कि वे द्वेष न कर पाएं! द्वेष से मैं ख़ुद विकृत होता हूं, दूसरों को भी विकृत करता हूं. द्वेष के बिना क्या जीवन नहीं चल सकता? द्वेष हो तो रूप का निर्माण कैसे हो! लेकिन द्वेष कितना मानवीय है न! इस मानवीय न्यूनता से मुक्त करो. मुझे, मेरे लोगों को, मेरे देश को, इस पृथ्वी को...