Tipu Sultan

कर्नाटक: टीपू सुल्तान पर आधारित किताब पर अदालत ने रोक लगाई

तत्कालीन मैसूर साम्राज्य के शासक टीपू सुल्तान पर आधारित कन्नड़ भाषा में लिखित किताब ‘टीपू निजा कनसुगालु’ की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा गया था कि इसकी सामग्री मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ है और इसके प्रकाशन से बड़े पैमाने पर अशांति फैलने व सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा होने की आशंका है.

कर्नाटक: शिवमोगा में सावरकर का फ्लेक्स लगाने पर झड़प के बाद निषेधाज्ञा लागू, चार गिरफ़्तार

शिवमोगा ज़िले में स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर एक समूह द्वारा एक चौराहे पर हिंदुत्व नेता वीडी सावरकर का फ्लेक्स लगाने पर दूसरे समूह ने आपत्ति जताई. ये समूह टीपू सुल्तान का फ्लेक्स लगाना चाहता था, जिसे लेकर दोनों गुटों में झड़प हुई. पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात है और शहर में निषेधाज्ञा लगाई गई है.

कर्नाटक: शिक्षा के ‘भगवाकरण’ के विरोध में कई विद्वानों-लेखकों का सरकारी निकायों से इस्तीफ़ा

राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति ने हाल ही में कक्षा 6 से 10 तक की सामाजिक विज्ञान और कक्षा 1 से 10 तक की कन्नड़ भाषा की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन करते हिए भगत सिंह, टीपू सुल्तान, पेरियार आदि से संबंधित अध्यायों को कथित तौर पर पाठ्यक्रम से हटाया या संक्षिप्त कर दिया है. वहीं, दसवीं की एक किताब में संघ संस्थापक केबी हेडगेवार का एक भाषण शामिल किया गया है.

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का आरोप- सदन में भाषण पूरा करने के लिए नहीं दिया गया तय समय

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में दिए भाषण में कहा कि भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अस्सी और बीस प्रतिशत की लड़ाई हमारे गणतंत्र को सौ फीसदी बर्बाद कर रही है.

कर्नाटक: विपक्ष के विरोध के बाद पाठ्यक्रम से टीपू सुल्तान, इस्लाम पर अध्याय हटाने पर रोक

राज्य सरकार ने कोविड-19 का हवाला देते हुए पहली से 10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम कम करने के लिए इस्लाम, ईसाई धर्म, टीपू सुल्तान से जुड़े अध्याय हटाने का प्रस्ताव रखा था. इस पर विपक्षी दलों का कहना था कि सरकार अपने दक्षिणपंथी एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसा कर रही है.

कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ने टीपू सुल्तान का जयंती समारोह रद्द किया

भाजपा की येदियुरप्पा सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि टीपू सुल्तान के जयंती समारोह को लेकर पिछले वर्षों में हुई हिंसा को देखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है. साल 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हर साल नवंबर में टीपू सुल्तान की जयंती मानने का आदेश जारी किया था.

हिंदू वोट बैंक बचाए रखने की ख़ातिर नये-नये दुश्मन गढ़ना ज़रूरी है

विदेशी दुश्मनों को ज़रूरत से ज़्यादा निचोड़ लिया गया है. अब नये दुश्मन की ज़रूरत है. अब घर में तलाश की जा रही है. इसके लिए इतिहास को काम पर लगाया गया है.

सम्राट अशोक नहीं, चंद्रगुप्त मौर्य महान थे: भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ साहित्य महोत्सव में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘अशोक के तलवार छोड़ने के बाद से ही भारत में विदेशी आक्रमण शुरू हुआ, तो अशोक महान कैसे?’

नेताओं को पता होना चाहिए कि उन्होंने देश नहीं बनाया, जनता ने बनाया है: जावेद अख़्तर

मशहूर शायर व गीतकार ने कहा, टीपू सुल्तान भारतीय नहीं थे और अगर मैं इससे सहमत नहीं, तो मैं राष्ट्रद्रोही बन जाऊंगा, तो मैं राष्ट्रद्रोही हूं.

टीपू न तो स्वतंत्रता सेनानी थे और न ही तानाशाह: इतिहासकार

भाजपा-कांग्रेस की सियासी बयानबाज़ी के बीच हाल ही में राष्ट्रपति ने भी कहा, टीपू सुल्तान अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ जंग लड़ते हुए शहीद हुए थे.

जब टीपू सुल्तान ने शंकराचार्य को लिखा, ‘आप विश्व के गुरु हैं’

जब भी भीड़ के विवेक से परे हटकर टीपू सुल्तान का मूल्यांकन किया जाएगा तब उन्हें अंग्रेजी राज के ख़तरे को पहचानने और उनके ख़िलाफ़ लड़कर शहीद होने वाले शासक की तौर पर याद रखा जाएगा.

टीपू सुल्तान: इतिहास क्या है इस सवाल को जनभावना के नाम पर सड़कों पर तय नहीं किया जा सकता

जिस टीपू सुल्तान की पहचान बहादुर शासक के तौर पर होती रही है उसे अब एक धड़े द्वारा क्रूर, सांप्रदायिक और हिंदू विरोधी बताया जा रहा है.