भारत

15 अप्रैल से ट्रेनों का परिचालन बहाल करने की कोई योजना नहीं: रेल मंत्रालय

15 अप्रैल से ट्रेन परिचालन शुरू करने की ख़बरों को ग़लत बताते हुए रेल मंत्रालय ने कहा है कि मीडिया ऐसे समय में अपुष्ट और असत्यापित ख़बरों को प्रकाशित करने से बचे, क्योंकि इससे जनता के दिमाग में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है.

Chennai: Trains parked at a yard during the nationwide lockdown, in the wake of coronavirus pandemic, in Chennai, Friday, April 3, 2020. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI03-04-2020_000255B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः रेल मंत्रालय ने 15 अप्रैल से यात्री ट्रेनों का परिचालन बहाल करने संबंधी सभी रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है.

रेल मंत्रालय ने इस संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन सेवाएं शुरू करने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है.

रेल मंत्रालय की ओर से कहा गया है, ‘बीते दो दिनों से मीडिया में कुछ खबरें देखने को मिलीं, जिसमें बताया गया कि रेल यात्रा को लेकर कई प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं. इन खबरों में यह भी बताया जा रहा है कि एक निश्चित तारीख से यात्री ट्रेनों की सेवाएं बहाल हो रही हैं.’

रेल मंत्रालय ने कहा, ‘यह मीडिया के ध्यान में लाया जा रहा है कि इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और इस तरह के मामलों में अपरिपक्व रिपोर्टिंग इस तरह के समय में जनता के दिमाग में अनावश्यक भ्रम पैदा करती है, जिससे बचना चाहिए. मीडिया से अनुरोध है और सलाह दी जाती है कि वह इस तरह की अपुष्ट और असत्यापित खबरों को प्रकाशित न करें, जिससे संदेह की स्थिति पैदा होती है.’

रेल मंत्रालय ने कहा, ‘लॉकडाउन के बाद रेल यात्रा को लेकर रेलवे सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगा और जब भी इस पर कोई फैसला लिया जाएगा, सभी संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी दी जाएगी.’

रेलवे मंत्रालय ने किसी भी तरह की फर्जी और भ्रामक खबरों से दूर रहने और इस पर विश्वास नहीं करने की भी अपील की है.

मालूम हो कि मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया था कि रेलवे ने एक प्रोटोकॉल तैयार किया है, जिसके तहत यात्रियों को सफर से कई घंटे पहले स्टेशन पहुंचना होगा ताकि थर्मल स्क्रीनिंग जैसी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लागू करने के बाद रेलवे ने भी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 21 दिनों के लिए ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी थीं.

इस दौरान सिर्फ मालवाहक ट्रेनों के परिचालन को चलते रहने देने की मंजूरी दी गई है.