भारत

सीआईसी का आदेश, विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री के साथ जाने वाले व्यक्तियों के नाम बताएं

पिछले साल अक्टूबर में कराबी दास नाम के एक शख़्स ने विदेश मंत्रालय से 2015-16 और 2016-17 में प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर हुए ख़र्च और उनके साथ यात्रा करने वालों की जानकारी मांगी थी.

Davos: Prime Minister Narendra Modi emplanes for India after attending the World Economic Forum Summit, in Davos on Wednesday. PTI Photo (PTI1_24_2018_000041B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने विदेश मंत्रालय को उन गैर-सरकारी (प्राइवेट) व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है जो विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गए थे.

पिछले साल छह अक्टूबर 2017 को कराबी दास नाम के एक शख्स ने मंत्रालय से 2015-16 और 2016-17 में प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर हुए खर्च और उनके साथ यात्रा करने वालों की जानकारी मांगी थी.

आवेदक को कोई संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई जिसके बाद उन्होंने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया.

सुनवाई के दौरान आवेदक का प्रतिनिधित्व करने वाले आरटीआई सलाहकार सुभाष अग्रवाल ने मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर से कहा कि मंत्रालय ने सूचना देने के लिए 224 रुपये मांगे जिसे आवेदक ने जमा किया था.

CIC order on PM foreign visit

प्रधानमंत्री के साथ यात्रा करने वाले व्यक्तियों के नामों को सार्वजनिक करने का केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश

21 अगस्त को सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरों के संबंध में उनकी यात्रा की तारीख और दिन तथा विशेष विमानों पर आए खर्च के अलावा कोई अन्य जानकारी संगठित रूप से नहीं रखी जाती है.

मंत्रालय ने आयोग से यह भी कहा कि वह 224 रुपये के भुगतान से जुड़े मामले पर भी गौर करेगा और उपलब्ध जानकारी देगा.

माथुर ने आदेश में कहा कि सरकारी खर्चे पर प्रधानमंत्री के साथ यात्रा करने वाले गैर-सरकारी व्यक्तियों (जिनका सुरक्षा से संबंध नहीं) की सूची आवेदक को उपलब्ध कराई जाए.

बता दें कि इसी साल जून में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक अपने 48 महीनों के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 41 विदेश यात्राओं के दौरान 50 से ज़्यादा देशों का भ्रमण किया.

इन विदेश यात्राओं पर 355 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए हैं और इस दौरान प्रधानमंत्री ने कुल 165 दिन विदेशों में गुज़ारे हैं. सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से इस बारे में पता चला है. 15 जून 2015 से बाद की इन यात्राओं पर कुल 3,55,30,38,465 रुपये ख़र्च हुए हैं.