नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने रिपोर्ट की जांच करने के बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है.
सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं है.
ज्ञात हो कि मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. ये दोनों अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के केंद्र में रहे हैं.
द वायर ने पहले रिपोर्ट किया था, चंपत राय की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नजदीकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2018 में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के चुनाव के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेमे के करीबी माने जाने वाले उम्मीदवार का समर्थन कर ‘वफादारी की परीक्षा’ पास की थी. राय को विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और कट्टर हिंदुत्ववादी नेता अशोक सिंघल का भी करीबी माना जाता है. सिंघल राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान इसके प्रमुख चेहरों में शामिल थे.
17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. यह निर्देश उन याचिकाओं के जवाब में आया था जिनमें भक्तों द्वारा दान किए गए फंड के संग्रह में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम याचिकाकर्ताओं या किसी अन्य सच्चे जनहितैषी को यह अनुमति भी देते हैं कि वे सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में उन पहलुओं के संबंध में अपने सुझाव दे सकते हैं, जिनकी एसआईटी द्वारा पूरी तरह जांच किया जाना आवश्यक हो सकता है. सॉलिसिटर जनरल का कार्यालय इन सुझावों को एसआईटी को भेजेगा. हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाएगा.’
ज्ञात हो कि मंदिर में चढ़ावा चोरी का विवाद 7 जून को सामने आया था. इसके बाद 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. 26 जून को मंदिर में चढ़ाए गए नक़द और क़ीमती सामान की चोरी और गबन के मामले में आठ लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.
