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बदायूं गैंगरेप: मामला दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

बदायूं ज़िले में तीन जनवरी की शाम मंदिर में पूजा करने गईं पचास साल की महिला के कथित सामूहिक बलात्कार और मौत के मामले में इससे पहले कर्तव्यों का निर्वहन न करने के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ और पोस्ट प्रभारी को निलंबित किया गया था.

(फोटो: पीटीआई)

कहीं सुरक्षा के लिए केवल लाठी है, तो कहीं चप्पल पहनकर घूम रहे हैं वनकर्मी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीवों के शिकारियों और तस्करों द्वारा फॉरेस्ट रेंजरों पर हमले की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई राज्यों में वनकर्मियों को समुचित सुविधाएं ही नहीं मिली हुई हैं, ऐसे में वे किस तरह क़ानून लागू करवा सकते हैं और कैसे पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं.

राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य चंद्रमुखी देवी (फोटो: एनसीडब्ल्यू वेबसाइट)

बदायूं गैंगरेप: महिला आयोग सदस्य ने कहा- शाम को ​महिला अकेले नहीं गई होती तो शायद घटना नहीं होती

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने बयान पर विवाद होने के बाद माफी मांग ली है. उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बीते तीन जनवरी की शाम मंदिर गईं एक 50 व​र्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेशः बदायूं सामूहिक बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी महंत गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में तीन जनवरी की शाम को मंदिर में पूजा करने गईं पचास साल की महिला के साथ मंदिर के महंत सहित तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया और घायल अवस्था में महिला को उसके घर के सामने फेंककर फ़रार हो गए थे. इलाज के दौरान अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी.

Hathras: Police personnel stand guard as CBI officials (unseen) investigate the case of a 19-year-old Dalit woman who died after being allegedly gang-raped, in Hathras, Tuesday, Oct. 13, 2020. (PTI Photo)(PTI13-10-2020 000190B)

उत्तर प्रदेश: बदायूं में महिला की सामूहिक बलात्कार के बाद मौत, लापरवाही पर थानाध्यक्ष निलंबित

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले की घटना. आरोप है कि तीन जनवरी की शाम महिला मंदिर में पूजा करने गई थी, जहां उसका सामूहिक बलात्कार किया गया. कांग्रेस ने इस घटना की तुलना निर्भया मामले से करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की निंदा की है.

(फोटो: रॉयटर्स)

‘लव जिहाद’ क़ानून: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को मिला सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लागू नए धर्मांतरण रोधी क़ानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन क़ानूनों पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि राज्य सरकारों का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जा सकता.

फैजान मुस्तफा. (फोटो साभार: फेसबुक)

धर्मांतरण रोधी क़ानून धर्मनिरपेक्षता, निजता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन: फ़ैज़ान मुस्तफ़ा

जाने-माने विधि विशेषज्ञ फ़ैज़ान मुस्तफ़ा ने कहा कि धर्मांतरण रोधी क़ानून हिंदुत्व के विचार, जो हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है, को भी ख़त्म करता है. हमारे यहां स्वयंवर का प्रावधान था, उसमें दुल्हन को अपना पति चुनने की आज़ादी थी. अब हम कह रहे हैं कि उन्हें कोई बेवकूफ़ बना सकता है, वो अपने फ़ैसले नहीं ले सकती हैं.

Raigad Maharashtra

महाराष्ट्र: ज़मानत पर छूटे बलात्कार आरोपी ने यौन उत्पीड़न के बाद तीन साल की बच्ची की हत्या की

मामला रायगढ़ ज़िले का है. पुलिस ने बताया कि 34 वर्षीय आदेश पाटिल ने बुधवार तड़के गांव के घर से एक बच्ची का अपहरण कर कथित तौर पर बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी. पाटिल पर कई मामले दर्ज हैं और दस दिन पहले ही वह बलात्कार के एक मामले में ज़मानत पर बाहर आया था.

Patna: Union Defence Minister and senior BJP leader Rajnath Singh speaks during the party's Jan Jagran programme on removal of Article 370, in Patna, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000057B)

शादी के लिए धर्म परिवर्तन उचित नहीं, सामूहिक धर्म परिवर्तन बंद हो: राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कई जगह सामूहिक धर्म परिवर्तन का सिलसिला चलाया जा रहा है. ये सिलसिला बंद होना चाहिए. उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के बाद बीते मंगलवार को भाजपा शासित मध्य प्रदेश ने तथाकथित ‘लव जिहाद’ को राेकने के नाम पर क़ानून पारित किया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो: Shivraj Singh Chouhan/facebook)

मध्य प्रदेश ने भी धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश से पहले भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा क़ानून पारित किया जा चुका है, जिसमें छल-कपट, प्रलोभन देकर या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर विभिन्न श्रेणियों के तहत सज़ा का प्राव​धान किया गया है.

Palakkad, Kerala

केरल: परिवार के ख़िलाफ़ शादी करने के तीन महीने बाद लड़की के परिजनों ने की युवक की हत्या

मामला केरल के पलक्कड़ ज़िले का है. पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय अनीश और 19 वर्षीय हरिता ने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ सितंबर में शादी की थी, जिसके बाद हरिता के परिवार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी.

Mainpuri Map

यूपी: परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी करने पर भाइयों ने बहन की हत्या कर खेत में दफ़नाया

मामला मैनपुरी के फरंजी का है, जहां बीते जून में 24 वर्षीय चांदनी ने परिवार की इच्छा के ख़िलाफ़ प्रतापगढ़ के अर्जुन जाटव से मंदिर में विवाह किया था. पुलिस ने बताया कि बीते शुक्रवार चांदनी का शव फरंजी में परिवार के खेत में दफ़न मिला. हत्या के आरोप में उनके दो भाइयों और मां को हिरासत में लिया गया है.

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath talks on a phone during an event, in Lucknow on Monday, Aug 6, 2018. (PTI Photo) (PTI8_6_2018_000127B)

पुलिस पर हमले के आरोपी भाजपा नेताओं और अन्य के ख़िलाफ़ योगी सरकार ने केस वापस लिया

साल 2007 में दो सड़क दुर्घटनाओं में आठ लोगों की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर हमला करने और पुलिस की एक जीप जला देने के मामले में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें भाजपा नेता और रामपुर में मिलक नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष दीक्षा गंगवार और उनके पति नरेंद्र सिंह गंगवार भी शामिल थे.

Chhatarpur

मध्य प्रदेश: कथित तौर पर खाना छूने पर दलित युवक की पिटाई के बाद मौत

मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले के गौरीहार थाना क्षेत्र का मामला. पुलिस ने बताया कि मामले के दोनों आरोपी फ़रार है, उनकी तलाश की जा रही है.

New Delhi: Supreme Court judge Justice Jasti Chelameswar during a book launch 'Appointment of Judges to the Supreme Court of India' edited by Arghya Sengupta and Ritwika Sharma in New Delhi, on Monday. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI4_9_2018_000210B)

पुलिस एनकाउंटर की वाहवाही करने से कोई भी बेगुनाह इसका शिकार हो सकता है: जस्टिस चेलमेश्वर

हैदराबाद में पिछले साल एक पशु चिकित्सक की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले के चार आरोपी कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. घटना एक साल बाद हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि एनकाउंटर की ख़बर को सिविल सोसाइटी द्वारा जश्न के रूप में मनाया गया था, जो हमारे क़ानून व्यवस्था की अक्षमता को दर्शाता है.