सीबीआई जांच

हिमाचल प्रदेश: 2017 के गुड़िया बलात्कार और हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सज़ा

हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले में जुलाई, 2017 में स्कूल से घर जा रही नाबालिग छात्रा की कोटखाई जंगल इलाके में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह और माकपा विधायक राकेश सिंघा ने मामले की सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि असली अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि मृत्युपर्यंत आजीवन कारावास की सज़ा पाने वाले लकड़हारे को झूठा फंसाया गया है.

नारदा स्टिंग: तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए दो गिरफ़्तार नेता, ज़मानत पर लगी रोक

नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ़्तार चार नेताओं में से दो- टीएमसी विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी की जेल में तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले सोमवार को निचली अदालत से मिली ज़मानत पर रोक लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने चारों नेताओं को जेल भेज दिया था.

नारदा स्टिंग: टीएमसी के दो मंत्री और एक विधायक गिरफ़्तार, सीबीआई दफ़्तर पहुंचीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए नारदा स्टिंग ऑपरेशन में टीएमसी नेताओं फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा और शोभन चटर्जी को कथित तौर पर घूस लेते हुए दिखाया गया था. तब ये सभी राज्य मंत्री थे. हाईकोर्ट ने मार्च 2017 में इसकी सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

बंगाल नारदा स्टिंग: राज्यपाल ने तीन टीएमसी नेताओं के ख़िलाफ़ मामला चलाने की अनुमति दी

2016 विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए नारदा स्टिंग टेप में तृणमूल कांग्रेस के कई नेता कथित तौर पर रिश्वत लेते नज़र आए थे. 2017 में हाईकोर्ट ने इसकी सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. अब सीबीआई के अनुरोध पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने टीएमसी के फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा के ख़िलाफ़ मामला चलाने की मंज़ूरी दी है.

मेघालय सरकार को अवैध कोयला खनन मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करने का निर्देश

लोकायुक्त के समक्ष विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने आरोप लगाया था कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 और एनजीटी के प्रतिबंधों का पूर्ण रूप से उल्लंघन करते हुए अवैध खनन किया जा रहा है. जयंतिया हिल ज़िले के ख्लीहरंगनाह में 141,000 मीट्रिक टन कोयला ग़ायब हो गया. इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ है.

‘सालों के संघर्ष के बाद भर्ती परीक्षा हो, जिसमें फ़र्ज़ीवाड़ा हो जाए तो बेरोज़गार युवा क्या करेगा’

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में बीते महीने कृषि विभाग के पदाधिकारियों के 863 पदों पर भर्ती की परीक्षा हुई थी. परिणाम आने के बाद टॉपर्स छात्रों के एक ही कॉलेज-क्षेत्र-समुदाय से होने से लेकर एक जैसे प्राप्तांक और ग़लतियों संबंधी कई सवाल उठे, जिसे लेकर ग्वालियर एग्रीकल्चर कॉलेज के छात्र इसे दूसरा व्यापमं घोटाला कहते हुए क़रीब महीने भर से आंदोलनरत हैं.

मध्य प्रदेश: छात्रों ने लगाया एक और व्यापमं घोटाले का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

आरोप है कि मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एक्ज़ामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित कृषि पदाधिकारियों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में एक ही क्षेत्र और समुदाय के 10 छात्रों ने टॉप किया है. सभी ने ग्वालियर के राजकीय कृषि कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की है. इन्हें परीक्षा में एक जैसे प्राप्तांक मिले हैं और सभी ने परीक्षा में ग़लतियां भी एक जैसी ही की हैं.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

राज्यों की सहमति के बिना सीबीआई का अधिकारक्षेत्र नहीं बढ़ा सकती केंद्र सरकार: सुप्रीम कोर्ट

एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में विपक्ष शासित आठ राज्य सरकारों द्वारा उनके राज्य में मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई ‘आम सहमति’ वापस ली गई है.

झारखंड में भी सीबीआई को अब जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी

झारखंड में मुख्य विपक्षी भाजपा ने इस क़दम की आलोचना की और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए यह क़दम उठाया है. बीते दो महीने में झारखंड चौथा राज्य है, जिसने ​सीबीआई को मिली आम सहमति रद्द कर दी है.

कोटखाई रेप-हत्या: तीन साल में दो बार मामला सुलझा, अब नए सिरे से जांच की मांग

जुलाई 2017 में शिमला के कोटखाई में स्कूल से लौट रही एक नाबालिग छात्रा की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. पहले एसआईटी और फिर सीबीआई ने मामले को सुलझाने का दावा किया था. अब पीड़ित परिवार जांच में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए दोबारा जांच शुरू करने की मांग के साथ हाईकोर्ट पहुंचा है.

बिहार बालिका गृह यौन शोषण मामले में ब्रजेश ठाकुर समेत 12 को आजीवन कारावास

साल 2018 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के एक बालिका गृह में यौन शोषण का मामला सामने आया था, जिसे ब्रजेश ठाकुर के संगठन द्वारा चलाया जा रहा था. दिल्ली की एक अदालत ने बीते जनवरी में ठाकुर को पॉक्सो क़ानून और आईपीसी की धाराओं के तहत बलात्कार और सामूहिक बलात्कार का दोषी माना था.

मुज़फ़्फ़रपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले में ब्रजेश ठाकुर सहित 19 दोषी क़रार, एक बरी

साल 2018 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपु​र के एक बालिका गृह में यौन शोषण का मामला सामने आया था. यह बालिका गृह मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के संगठन की ओर से चलाया जाता था. मामले के सभी दोषियों को 28 जनवरी को सज़ा सुनाई जाएगी.

Muzaffarpur: Police investigate the site where a rape victim was allegedly buried, at a government shelter home in Muzaffarpur, on Monday, July 23, 2018. A girl of the home has alleged that one of her fellow inmates was beaten to death and buried at the premises of the facility, and several were raped. (PTI Photo)(PTI7_23_2018_000186B)

मुज़फ़्फ़रपुर आश्रय गृह में बच्चों की हत्या का कोई सबूत नहीं: सीबीआई

बीते छह जनवरी को सीबीआई ने बिहार में 17 आश्रय गृहों की जांच कर इनमें से 13 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए हैं. सीबीआई ने बिहार के 25 डीएम और अन्य सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की सिफ़ारिश की है. सीबीआई के अनुसार, विभिन्न आश्रय गृहों में बच्चों के यौन शोषण और प्रताड़ना को रोकने में सरकारी अधिकारी असफल रहे हैं.

बिहार: 17 आश्रय गृहों की जांच के बाद 25 जिलाधिकारियों समेत 71 अफ़सरों पर कार्रवाई की सिफ़ारिश

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह यौन शोषण मामला सामने आने के बाद राज्य के 17 आश्रय गृहों में बच्चों के यौन शोषण और प्रताड़ना के मामले उजागर हुए थे. शीर्ष अदालत ने सीबीआई को इनकी जांच के आदेश दिए थे.

व्यापमं घोटाला: पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के दोषी 31 लोगों को सात से 10 साल की सज़ा

मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले से जुड़े 150 मामलों में से 14वें केस में विशेष सीबीआई अदालत का यह फैसला आया है. यह पहली बार है जब व्यापमं घोटाले में इतनी बड़ी तादाद में लोगों को इतनी लंबी अवधि के लिए जेल की सज़ा दी गई है.