Activists Arrest

फादर स्टेन स्वामी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आदिवासियों के पड़ोसी फादर स्टेन स्वामी आज जेल में हैं

हमारे देश और राज्य को सुरक्षित रखने के नाम पर अगर स्टेन स्वामी को क़ैद में डाला जा सकता है तो क्या हम ख़ुद को आज़ाद कहलाने के क़ाबिल रह गए हैं?

(पार्थसारथी रे, के सत्यनारायण और केवी कुरमानाथ)

एल्गार परिषद मामलाः एनआईए ने पूछताछ के लिए प्रोफेसर और पत्रकार को तलब किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एल्गार परिषद मामले में पूछताछ के लिए हैदराबाद की ईएफएलयू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के सत्यनारायण और द हिंदू के पत्रकार केवी कुरमानाथ को तलब किया है. ये दोनों कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव के दामाद हैं.

आईआईएसईआर प्रोफेसर और मानवाधिकार कार्यकर्ता पार्थसारथी रे (फोटो साभारः फेसबुक)

एनआईए के नोटिस पर कोलकाता के प्रोफेसर ने कहा- एल्गार परिषद या भीमा कोरेगांव से कोई संबंध नहीं

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के एक प्रोफेसर को नोटिस भेजकर उनके कथित तौर पर एल्गार परिषद से जुड़े होने को लेकर 10 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है. प्रोफेसर का कहना है कि एनआईए का नोटिस प्रताड़ित करने वाला है.

आईआईएसईआर प्रोफेसर और मानवाधिकार कार्यकर्ता पार्थसारथी रे.

भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए ने कोलकाता के प्रोफेसर को पूछताछ के लिए तलब किया

कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में पढ़ाने वाले प्रोफेसर पार्थसारथी रे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे उन नौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में से हैं, जिन्हें बीते साल कथित तौर पर निगरानी रखने के लिए एक ‘स्पाईवेयर हमले’ का निशाना बनाया गया था.

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

भीमा कोरेगांव: सुधा भारद्वाज की बेटी ने कहा, जेल में हुए तनाव से मां को हुई दिल की बीमारी

भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार सामाजिक कार्यकर्ताओं में से एक सुधा भारद्वाज की बेटी ने बताया है कि जेल से मिली उनकी मां की मेडिकल रिपोर्ट में उन्हें हृदय संबंधी बीमारी से ग्रस्त बताया गया है, जो जेल जाने से पहले उन्हें नहीं थी. सुधा भारद्वाज के परिवार और सहयोगियों ने उनकी रिहाई पर जल्द सुनवाई की मांग की है.

शालिनी गेरा, डिग्री प्रसाद चौहान, पार्था सरोथी राय और निहाल सिंह राठौड़.

भीमा-कोरेगांव मामले से जुड़े नौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया: रिपोर्ट

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भीमा गोरेगांव मामले में गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए काम करने वाले नौ लोगों को स्पाइवेयर का निशाना बनाया गया था. उन्होंने मांग की है कि इसकी स्वतंत्र जांच हो और पता लगाया जाए कि क्या इन स्पाइवेयर अभियानों और किसी ख़ास सरकारी एजेंसी के बीच कोई संबंध है.

जोसेफ मैकार्थी (बाएं) और स्टालिन. (फोटो: विकीमीडिया कॉमन्स/रॉयटर्स)

भारत मैकार्थी के समय में है या स्टालिन के काल में?

जोसेफ मैकार्थी और स्टालिन दोनों दुनिया के दो अलग-अलग कोनों में भिन्न समयों और बिल्कुल उलट उद्देश्यों के लिए सक्रिय रहे हैं, लेकिन इनके कृत्यों से आज के भारत की तुलना करना ग़लत नहीं होगा.

(फोटोः रॉयटर्स)

एक्सक्लूसिव: वॉट्सऐप ही नहीं, ईमेल के ज़रिये भी हुई पत्रकार और वकीलों की जासूसी

एमनेस्टी इंटरनेशनल की डिजिटल टीम द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया है कि कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों, जिनमें से अधिकतर भीमा कोरेगांव मामले से जुड़े हैं, को संदिग्ध ईमेल के ज़रिये एक ऐसा मैलवेयर भेजा गया था, जिससे उनके कम्प्यूटर को नियंत्रण में लिया जा सके.

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

माओवादियों से संबंध के आरोप में गिरफ़्तार वकील सुधा भारद्वाज को मिला हार्वर्ड से सम्मान

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तारी के सात महीने बाद सुधा भारद्वाज को हार्वर्ड लॉ स्कूल की एक पोर्ट्रेट एक्ज़िबिट में जगह मिली है. कॉलेज द्वारा यह सम्मान दुनिया भर से क़ानून के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को दिया जाता है.

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गढ़चिरौली: 2016 के आगजनी मामले में वकील सुरेंद्र गाडलिंग और वरवरा राव गिरफ़्तार

भीमा कोरेगांव हिंसा से संबंधी मामले में आरोपी तेलुगु कवि वरवरा राव और वकील सुरेंद्र गाडलिंग को 2016 में गढ़चिरौली क्षेत्र की सूरजगढ़ खदानों में नक्सलियों द्वारा की गई आगजनी से जुड़े होने के आरोप में 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

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मीडिया बोल, एपिसोड 65: नोटबंदी, नज़रबंदी और मीडिया

मीडिया बोल की 65वीं कड़ी में उर्मिलेश नोटबंदी पर रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट, सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शीतल प्रसाद सिंह और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रहे हैं.