Freedom of Speech

तमिलनाडुः पीएम मोदी की आलोचना संबंधी वीडियो बनाने के आरोपी को यूपी पुलिस ने गिरफ़्तार किया

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले 62 वर्षीय मनमोहन मिश्रा पिछले 35 साल से चेन्नई में रहे हैं. आरोप है कि अपने कई वीडियो में मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी और भाजपा सरकार की उसकी नीतियों और कोविड-19 की दूसरी लहर को संभालने में बुरी तरह विफल होने की आलोचना की है.

प्रेस की आज़ादी नियंत्रित करने वाले 37 राष्ट्राध्यक्षों में नरेंद्र मोदी का नाम शामिल: रिपोर्ट

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने प्रेस स्वतंत्रता को नियंत्रित करने वाले 37 राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुखों की सूची जारी की है, जिसमें उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन, पाकिस्तान के इमरान ख़ान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार ये सभी वे हैं जो ‘सेंसरशिप तंत्र बनाकर प्रेस की आज़ादी को रौंदते हैं, पत्रकारों को मनमाने ढंग से जेल में डालते हैं या उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काते हैं.

आपातकाल के स्याह दिन बनाम अच्छे दिन

जनतंत्र को अपने ठेंगे पर रखे घूम रहे लठैतों के इस दौर में 46 साल पहले के आपातकाल के 633 दिनों पर खूब हायतौबा मचाइए, मगर पिछले 2,555 दिनों से भारतमाता की छाती पर चलाई जा रही अघोषित आपातकाल की चक्की के पाटों को नज़रअंदाज़ मत करिए.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19; अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार

वीडियो: अनुच्छेद-19 (1) (ए) अभिव्यक्ति के अधिकार पर आधारित है. हमारा संविधान की इस कड़ी में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल अलग-अलग फ़ैसलों की मदद से अभिव्यक्ति के अधिकार में सम्मिलित अधिकारों के बारे में बता रही हैं.

पूरे विश्व में कोविड संक्रमण से हुई पत्रकारों की मौतों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर: रिपोर्ट

जिनेवा के एक मीडिया अधिकार निकाय द प्रेस एंब्लेम कैंपेन की रिपोर्ट बताती है कि 26 अप्रैल तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना संक्रमण से कम से कम 107 पत्रकारों की मौत हुई है और इस तरह से भारत केवल ब्राज़ील (181 मौतें) और पेरू (140 मौतें) से पीछे है. रिपोर्ट के मुताबिक़ बीते दो हफ़्तों में भारत के 45 पत्रकारों की मौत हुई है.

प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत लगातार 142वें स्थान पर, पत्रकारों के लिए बेहद ख़तरनाक देश बताया

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की ओर से जारी विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों में 142वें स्थान पर है. रिपोर्ट में देश में कम होती प्रेस की आज़ादी के लिए भाजपा समर्थकों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा गया है कि पार्टी समर्थकों ने पत्रकारों को डराने-धमकाने का माहौल बनाया है. साथ ही पत्रकारों की ख़बरों को ‘राष्ट्र विरोधी’ क़रार दिया है.

अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का लाइसेंस नहीं: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने पीएफआई के सदस्य मोहम्मद नदीम की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि जो कोई ईशनिंदा संदेशों के प्रसार का जोखिम उठाता है, वह अदालत के विवेक को अपने पक्ष में पाने का हक़दार नहीं है. नदीम पर अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखने के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है.

भारत में सरकार के ख़िलाफ़ ख़बरें लिखने वाले मीडिया का दमन किया जा रहा है: अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिका की ‘2020 कंट्री रिपोर्ट्स ऑन ह्यूमन राइट्स प्रेक्टिसेस’ रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन ने मीडिया की आवाज को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा, मानहानि, राजद्रोह, हेट स्पीच क़ानून के साथ-साथ अदालत की अवमानना जैसे क़ानूनों का सहारा लिया है.

राजदीप सरदेसाई के ख़िलाफ़ स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना मामला दर्ज नहीं किया: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के आधार पर पत्रकार राजदीप सरदेसाई के ख़िलाफ़ अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना मामला दर्ज करने के संबंध में मीडिया में ख़बर आई थी. हालांकि न्यायालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि ऐसा ग़लती से हो गया था.

गुजरात: मुंबई के शख़्स और यूट्यूब चैनल पर अडाणी ग्रुप की कंपनी के ख़िलाफ़ पोस्ट करने पर रोक

अडाणी ग्रुप की सहायक एग्रो कंपनी द्वारा दाखिल एक सिविल मामले पर कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद की अदालत ने मुंबई के रहने वाले विनय दुबे और संबंधित यूट्यूब चैनल पर इस कंपनी और अडाणी ग्रुप के संबंध में कोई आपत्तिजनक लेख, वीडियो या ट्वीट करने या उन्हें प्रसारित करने से रोक दिया है.

प्रभावशाली लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उपयोग में और ज़िम्मेदार होना चाहिए: कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले में यह टिप्पणी की, जिसमें उसने 15 जून को एक शो के दौरान सूफ़ी संत ख़्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती के संबंध में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर टीवी एंकर अमीश देवगन के ख़िलाफ़ दर्ज कई प्राथमिकीयों को रद्द करने से इनकार कर दिया.

मेघालय के पत्रकार पर आपराधिक मामला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला: एडिटर्स गिल्ड

पद्मश्री से सम्मानित द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक मुखीम पर एक फेसबुक पोस्ट के लिए मामला दर्ज किया गया था. बीते 18 नवंबर को मुखीम ने इस मामले पर एडिटर्स गिल्ड की चुप्पी का हवाला देते हुए विरोध स्वरूप इस संगठन की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था.

वैश्विक प्रेस संघों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, पत्रकारों के ख़िलाफ़ केस वापस लेने की मांग की

ऑस्ट्रिया स्थित इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट और बेल्जियम स्थित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स की ओर से कहा गया है कि स्वास्थ्य संकट (महामारी) का इस्तेमाल उन लोगों को चुप कराने के लिए किया जा रहा है, जिन्होंने सरकार की कार्रवाई में कमी को उजागर किया है.

‘अदालत की अवमानना और बोलने की आज़ादी के बीच सामंजस्य ज़रूरी, मीडिया सीमा से बाहर जा रहा है’

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अवमानना के एक मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि टीवी चैनल आरोपियों के निजी वॉट्सऐप चैट को प्रसारित कर रहे हैं, यह न्यायिक व्यवस्था के लिए बेहद ख़तरनाक है.

अभिव्यक्ति की आज़ादी दबाने के लिए राजद्रोह क़ानून का इस्तेमाल कर रही है सरकार: जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक कार्यक्रम में कहा कि बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिए सरकार फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने के आरोप का तरीका भी अपना रही है. कोरोना के मामलों और इससे संबंधित अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फेक न्यूज़ देने के आरोप लगाए जा रहे हैं.