sc

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो: पीटीआई)

एल्गार परिषद मामला: एनआईए का दावा, आरोपी ‘दलित मिलिटेंसी’ शुरू करने की कोशिश कर रहे थे

एल्गार परिषद मामले में दायर तीसरी चार्जशीट में एनआईए ने कहा है कि आरोपियों ने ‘जंगलों में जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग’ ली थी. अपने आरोपपत्र में एनआईए ने पुणे पुलिस द्वारा ‘प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश रचने’ के दावे को तवज्जो नहीं दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स

साल 2019 में महिलाओं और दलितों के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे अधिक केस उत्तर प्रदेश में दर्ज

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में भारत में महिलाओं एवं दलितों के खिलाफ अपराध में सात फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है. इस दौरान बलात्कार के प्रतिदिन कम से कम 87 मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में साल दर साल महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

अनुसूचित जाति की एकल मांओं के बच्चों को जाति प्रमाणपत्र नहींः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति की सिंगल मदर्स के ऐसे बच्चे, जिनके पिता सवर्ण जाति से हैं, को तब तक जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा, जब तक यह सिद्ध न हो जाए कि विशिष्ट समुदाय के कारण उन्हें अभाव, अपमान और बाधाओं का सामना करना पड़ा है.

Guwahati: An official checks the documents submitted by people at an National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra in Guwahati, Friday, Aug 30, 2019. The NRC with the final list of citizens will be published tomorrow on August 31, 2019. Chief Minister of Assam Sarbananda Sonowal has asked people not to panic, and has directed all Government agencies of Assam to cooperate with people. (PTI Photo)(PTI8_30_2019_000055B)

असम: एनआरसी सूची आने के साल भर बाद भी दोबारा वेरिफिकेशन की मांग पर अड़ी राज्य सरकार

असम में भारतीयों की पहचान के लिए हुई एनआरसी की अंतिम सूची 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित हुई थी, जिसमें 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19 लाख से अधिक लोगों को जगह नहीं मिली थी. सत्तारूढ़ भाजपा और एनआरसी मूल याचिकाकर्ता तभी से इसे दोषपूर्ण मानते हुए दोबारा सत्यापन की मांग करते रहे हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जेईई की परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है. विभिन्न राज्यों के 11 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि कोरोना के मद्देनज़र इन्हें रद्द किया जाना चाहिए. अदालत ने याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि ऐसा करने से छात्रों का करिअर संकट में पड़ जाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने 10% ईडब्ल्यूएस कोटा को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पांच जजों की पीठ को भेजा

शीर्ष अदालत ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाले अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पांच जजों की पीठ को भेजते हुए कहा कि इसमें क़ानून से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल हैं, जिन्हें बड़ी पीठ द्वारा तय किया जाना चाहिए.

गुरुवार को श्रीनगर में अपने घर की दीवार पर चढ़कर मीडिया से बात करते सैफुद्दीन सोज़ (फोटो: पीटीआई/वीडियोग्रैब)

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा सैफ़ुद्दीन सोज़ नज़रबंद नहीं, सामने आया घर में क़ैद होने का वीडियो

83 वर्षीय कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज़ ने सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2019 से अपने घर में नज़रबंद होने को चुनौती दी थी. प्रशासन के इससे इनकार करने पर कोर्ट ने यह याचिका निरस्त कर दी. इसके कुछ घंटो बाद सोज़ एक वीडियो में श्रीनगर में अपने घर के गेट पर दिखे, जहां पुलिसकर्मी उन्हें बाहर निकलने या मीडिया से बात करने से रोक रहे थे.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

विकास दुबे एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब, हो सकता है जांच कमेटी का गठन

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से 16 जुलाई तक जवाब दायर करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि जिस तरह उन्होंने तेलंगाना एनकाउंटर मामले में जांच कमेटी बनाई, वैसा ही कुछ इस मामले में भी कर सकते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

विकास दुबे एनकाउंटर: हाईकोर्ट ने एसआईटी और न्यायिक आयोग से जांच की मांग की याचिका ख़ारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि यूपी सरकार ने विकास दुबे के कथित एनकाउंटर की जांच के लिए एसआईटी और न्यायिक आयोग का गठन पहले ही कर दिया है, इसलिए मौजूदा रिट याचिका ख़ारिज की जाती है.

कानपुर के बिकरू गांव में पुलिसकर्मियों पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के हमले के बाद वहां जांच के लिए पहुंचे पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

कानपुर मुठभेड़ः गिरफ़्तार पुलिसकर्मी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, एसआईटी जांच की मांग

उत्तर प्रदेश के कानपुर के चौबेपुर थाने में तैनात रहे निलंबित सब इंस्पेक्टर केके शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ख़ुद की और पत्नी की जान को ख़तरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है. शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने छापेमारी की सूचना पहले ही गैंगस्टर विकास दुबे को पहले ही दे दी थी.

विकास दुबे के कथित एनकाउंटर की जगह और पुलिस काफिले की दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी. (फोटो: पीटीआई)

विकास दुबे एनकाउंटर की जांच के लिए यूपी सरकार ने एक सदस्यीय कमेटी गठित की

रिटायर्ड जज जस्टिस एसके अग्रवाल की अगुवाई वाली यह समिति विकास दुबे के अन्य सहयोगियों की एनकाउंटर में मौत के मामलों की भी जांच करेगी. इसका मुख्यालय कानपुर में होगा और इसे दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.

विकास दुबे. (फोटो साभार: ट्विटर)

यूपी: विकास दुबे से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित

संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी गैंगस्टर विकास दुबे की आपराधिक गतिविधियों की जांच कर 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. वहीं सुप्रीम कोर्ट में दुबे के कथित एनकाउंटर की जांच की मांग करते हुए तीन और याचिकाएं दायर की गई हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लॉकडाउन की तुलना आपातकाल से नहीं की जा सकती, ज़मानत अपरिहार्य अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तय समय पर आरोप-पत्र दायर नहीं किए जाने पर एक आरोपी को ज़मानत देने से इनकार करने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए की.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

सुप्रीम कोर्ट ने मानसिक रोगियों के इलाज संबंधी बीमा को लेकर केंद्र और इरडा को नोटिस भेजे

याचिका में कहा गया है कि बीमा कंपनियां मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2007 की धारा 21(4) का उल्लंघन कर रही हैं, जिसके तहत हर बीमाकर्ता को शारीरिक बीमारियों के इलाज के आधार पर ही मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए प्रावधान बनाना अनिवार्य है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफ़ुद्दीन सोज़. (फोटो साभार: फेसबुक)

कांग्रेस नेता सैफ़ुद्दीन सोज़ की नज़रबंदी पर केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सैफ़ुद्दीन सोज़ की नज़रबंदी को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई की. केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद से ही सैफ़ुद्दीन सोज़ अपने घर में नज़रबंद हैं.