Septic Tank

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत, मकान मालिक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के एक गांव का मामला. मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था, लेकिन चौथे मृतक इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण उन्हें दिहाड़ी मज़दूरी का काम नहीं मिल पा रहा था.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

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सीवर सफाई के दौरान तीन वर्षों में हुई 271 सफाईकर्मियों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की ओर से सूचना के अधिकार के तहत प्रदान किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.

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महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक साफ करते तीन मज़दूरों की मौत, सोसायटी का कोषाध्यक्ष गिरफ़्तार

मुंबई के गोवंडी उपनगर इलाके में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि दम घुटने के कारण हुई तीनों मज़दूरों की मौत.

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उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से पांच लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले का मामला. ज़हरीली गैस की चपेट में आकर बीमार हुए एक व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

दिल्ली में 1993 के बाद से सीवर की सफाई के दौरान 64 लोगों की मौत: सफाई कर्मचारी आयोग

सीवर की सफाई करते हुए मारे गए इन 64 लोगों में राज्य सरकार ने 46 के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया है. आयोग ने दिल्ली प्रशासन से बाकी परिवारों को एक हफ्ते के भीतर मुआवजा प्रदान करने को कहा है.

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गुजरात: सेप्टिक टैंक के तौर पर इस्तेमाल हो रहे कुएं में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

गुजरात के पाटन ज़िले का मामला. कुएं में दुर्घटनावश परिवार के एक सदस्य के गिर जाने के बाद चार अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए गए थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार, कोई देश अपने लोगों को मरने के लिए गैस चैंबर में नहीं भेजता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की स्वतंत्रता को 70 साल से अधिक बीत चुके हैं लेकिन आज भी जातिगत भेदभाव बरक़रार है. हर महीने मैला ढोने के काम में लगे चार से पांच लोग की मौत हो रही है.

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बिहार: सेप्टिक टैंक में दम घुटने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में हुई घटना. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में हुई एक अन्य घटना में जहरीली गैस के रिसाव की वजह से कुएं में दो ग्रामीणों की मौत हो गई.

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गाजियाबाद: सीवर लाइन बनाने के दौरान दम घुटने से पांच मजदूरों की मौत

ठेकेदार ने मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

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सीवर सफाईकर्मियों की मौतों से जुड़े मामलों में किसी को सज़ा नहीं हुई: सरकार

सामाजिक न्याय और अधिकारिता सचिव नीलम साहनी ने स्वीकार किया कि सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों की मौत का सिलसिला अभी भी जारी है और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के बावजूद इन सभी मामलों में 10 लाख रुपये के मुआवजे का भी भुगतान नहीं किया गया.

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2019 के शुरुआती छह महीने में सीवर सफाई के दौरान 50 लोगों की मौतः रिपोर्ट

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आंकड़े सिर्फ आठ राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के हैं.

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उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय तीन कर्मचारियों की मौत, दो की हालत गंभीर

मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ ज़िले का है. पिलखुवा थाना क्षेत्र के टैक्सटाइल सिटी में स्थित जीएस दास कैमिकल फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए एक कर्मचारी उतरा था, जबकि बाकी चार उसे बचाने के लिए टैंक में उतरे थे.

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हरियाणा में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से चार की मौत

आरोप है कि सफाईकर्मियों ने बिना सुरक्षा उपकरण के सेप्टिक टैंक में घुसने से मना कर दिया था, लेकिन उन पर दबाव डालकर टैंक साफ करने के लिए मजबूर किया गया.