Septic Tank

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक में जान गंवाने वाले तीन श्रमिकों की पत्नियों ने जीती मुआवज़े की लड़ाई

दिसंबर 2019 में मुंबई के तीन श्रमिकों की सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मौत के बाद उनकी पत्नियों ने अदालत से मुआवज़े और पुनर्वास की मांग की थी. बीते 17 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को चार हफ्ते के भीतर ऐसा करने के निर्देश दिए हैं. यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में संभवतः यह पहली बार है जब निजी ठेके पर काम काम करते समय हुई मृत्यु के मुआवज़े के मामले में सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

दिल्ली: नरेला में सीवर सफ़ाई के दौरान कर्मचारी की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

वीडियो: दिल्ली के नरेला में सीवर की सफ़ाई के दौरान बिजेंद्र की मौत हो जाती है. उस वक़्त बिजेंद्र डीडीए के सीवर की सफ़ाई कर रहे थे. बिजेंद्र के परिवार में अब बस उनकी तीन बेटियां ही रह गई हैं. अभी तक किसी प्रकार की सरकारी मदद उनकी बेटियों तक नहीं पहुंची है.

गुजरात: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान ज़हरीली गैस से दम घुटने से दो की मौत

गुजरात के भरूच ज़िले का मामला है. तीन श्रमिक टैंक के अंदर द्रव से ठोस अपशिष्ट अलग कर रहे थे, तब यह घटना घटी. वे ज़हरीली गैस के कारण अचानक बेहोश हो गए.

पश्चिम बंगाल: मैनहोल की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत, तीन घायल

कोलकाता के कूधघाट इलाके में एक क्लब के पास ड्रेनेज सिस्टम के मरम्मत के दौरान यह घटना हुई. सात मज़दूर मेनहोल की सफाई के लिए उतरे थे. तीन घायल श्रमिकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

मैला ढोने की प्रथा रोकने के लिए क़ानून बदलेगा, मशीन से सफाई कराना होगा अनिवार्य

विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर केंद्र ने सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई को लोगों द्वारा कराने से रोकना और मशीन से उनकी सफाई को बढ़ावा देना है.

दिल्ली: सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान ज़हरीली गैस की चपेट में आने से दो मज़दूरों की मौत

यह घटना उत्तर पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर इलाके में हुई. पुलिस ने बताया कि मज़दूर सुरक्षा उपकरण नहीं पहने अंदर गए थे. फैक्टरी मालिक और ठेकेदार के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

दिल्ली में सफाई करने के दौरान सेप्टिक टैंक में गिरने पर दो लोगों की मौत

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में बदरपुर के मोलारबंद इलाके में हुआ हादसा. हादसे में बीमार हुए एक अन्य व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

हिमाचल प्रदेश: सेप्टिक टैंक में उतरे दो श्रमिकों की ज़हरीली गैस से मौत

घटना हमीरपुर ज़िले की है. दो श्रमिक कई दिनों से बंद शटरिंग खोलने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे. कुछ देर बाद एक अन्य मज़दूर के अंदर झांककर देखने पर वे दोनों अचेत मिले. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

झारखंडः सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से छह लोगों की मौत

झारखंड के देवघर का मामला. सेप्टिक टैंक की सफ़ाई के लिए दो मज़दूर टैंक में उतरे थे. उनके बाहर नहीं निकलने पर चार और लोग अंदर गए और बेहोश हो गए. बाद में उनकी भी मौत हो गई.

झारखंड के गढ़वा में सेप्टिक टैंक की ज़हरीली गैस से तीन मज़दूरों की मौत

घटना गढ़वा शहर के पिपराकला इलाके का है. घटना से आक्रोशित लोगों ने मुआवज़े की मांग को लेकर सदर अस्पताल के सामने तीनों मज़दूरों के शव के साथ एनएच-75 को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया था.

गुजरातः दो दिनों में छह मज़दूरों की मौत के बाद दो कारखानों को बंद करने के आदेश

बीते दो दिनों में अहमदाबाद के विशाल फैब्रिक्स में चार और श्री शक्ति केमिकल फैक्ट्री में दो मज़दूरों की ज़हरीली गैस के संपर्क में आने से मौत हो गई थी, जिसके बाद श्रम एवं रोजगार विभाग ने इन दोनों को बंद करने के आदेश दिए हैं.

गुजरातः कपड़ा कारखाने में टैंक की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत

मामला अहमदाबाद का है, जहां एक फैब्रिक यूनिट में रासायनिक कचरे के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मज़दूरों की मौत हो गई. बताया गया है कि उन्हें बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में भेजा गया था.

तमिलनाडु: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत, मकान मालिक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के एक गांव का मामला. मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था, लेकिन चौथे मृतक इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण उन्हें दिहाड़ी मज़दूरी का काम नहीं मिल पा रहा था.

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.