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नई दिल्ली में आयोजि कंसर्न्ड सिटिजन्स कलेक्टिव के  कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण (फोटोः इस्मत आरा)

दिल्ली दंगाः साल भर बाद भी पीड़ितों को इंसाफ नहीं, कार्यकर्ताओं ने की पुलिस की भूमिका की निंदा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का साल भर बीतने के बाद आज भी पीड़ित इंसाफ के इंतज़ार में हैं और सरकार कार्यकर्ताओं को अपराधी ठहराने के अपने अभियान में लगी हुई है.

(फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

केरल हाईकोर्ट ने एनआईए की याचिका ख़ारिज की, कहा- सोने की तस्करी यूएपीए के दायरे में नहीं आती

एनआईए ने सोने की तस्करी के एक मामले में यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है. एजेंसी ने हाईकोर्ट में आरोपियों की ज़मानत के ख़िलाफ़ अपील की थी, जिसे ख़ारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि तस्करी से जुड़ा मामला तब तक यूएपीए के तहत आतंकी कृत्य नहीं है, जब तक उससे देश की आर्थिक सुरक्षा को ख़तरा न हो.

उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

अपने नेताओं की हेट स्पीच पर भाजपा का पैमाना अलग हो जाता है: उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला का यह बयान जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में पिछले साल ज़िला विकास परिषद चुनावों के दौरान एक रैली में कथित तौर पर ‘हेट स्पीच’ देने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हिलाल लोन को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किए जाने के बाद आया है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

बीमार मां से मिलने के लिए पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को सुप्रीम कोर्ट से मिली पांच दिन की ज़मानत

अक्टूबर 2020 में हाथरस में दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद वहां जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को ज़मानत देते हुए शीर्ष अदालत ने उन्हें परिजनों और डॉक्टरों के अलावा किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी है. पीठ ने यह भी कहा इस दौरान वे सोशल मीडिया समेत मीडिया को कोई इंटरव्यू नहीं देंगे.

उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः उमर अब्दुल्ला का दावा- उन्हें और उनके परिवार को नज़रबंद किया गया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविववार को एक ट्वीट में कहा, ‘अगस्त 2019 के बाद यह नया जम्मू कश्मीर है. हमें बिना कारण बताए हमारे घरों में क़ैद कर दिया गया है.’ वहीं श्रीनगर पुलिस का कहना है कि पुलवामा हमले की बरसी के चलते वीआईपी और अन्य लोगों की आवाजाही कम की गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

वर्ष 2016-2019 के दौरान यूएपीए के तहत 5,922 लोगों को गिरफ्तार किया गया: सरकार

राज्यसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 1,948 है. उन्होंने बताया कि 2016 से 2019 के दौरान दोषी साबित हुए व्यक्तियों की संख्या 132 है.

(फोटोः रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीरः कथित मुठभेड़ में मारे गए किशोर के पिता पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

श्रीनगर के बाहरी इलाके लवायपोरा में 29-30 दिसंबर को एक कथित मुठभेड़ में तीन संदिग्ध आतंकियों का मार गिराया गया था, जिसमें से एक 16 साल का किशोर था. यह इस तरह की दूसरी घटना है, जिसमें मुठभेड़ में मारे गए कथित आतंकी के परिजन के ख़िलाफ़ पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है.

Protesters from the Anonymous India group of hackers wear Guy Fawkes masks as they protest against laws they say gives the government control over censorship of internet usage in Mumbai, June 9, 2012. Anonymous India is associated with the internationa hacker group Anonymous whose previous targets have included high profile targets. REUTERS/Vivek Prakash (INDIA - Tags: SOCIETY SCIENCE TECHNOLOGY POLITICS CIVIL UNREST) - RTR33C09

भारत: साल 2021 में अब तक सरकारों द्वारा कम से कम 10 बार इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई

सिर्फ 2019 और 2020 में ही भारत में 13,000 घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट बंद रहा. किसी भी चुनी गई सरकार द्वारा सबसे लंबे समय यानी 552 दिनों के लिए 4जी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध जम्मू कश्मीर में लगाया गया था. इसके बाद राजस्थान का नंबर आता है.

कश्मीर घाटी अपना मोबाइल इस्तेमाल करता एक शख्स. (फोटो: Pracsshannt K/Flickr, CC BY 2.0)

अगस्त 2019 के बाद पहली बार पूरे जम्मू कश्मीर में बहाल होगी 4जी इंटरनेट सेवा

केंद्र सरकार ने पांच अगस्त, 2019 को इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जब जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर, और लद्दाख में बांट दिया गया था. मार्च, 2020 में 2जी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान भी उच्च गति की मोबाइल इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध जारी था.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

यदि त्वरित सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन हुआ तो यूएपीए मामलों में ज़मानत दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की केरल हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कहा कि जब मुक़दमे के जल्द पूरा होने की कोई संभावना नहीं है और अधिकतम सज़ा का एक बड़ा हिस्सा विचाराधीन क़ैदी के तौर पर बिताया जा चुका है, तो यूएपीए प्रावधानों की कठोरता कम हो जाती है.

देवांगना कलीता. (फोटो: अखिल कुमार)

दिल्ली दंगा: अदालत ने यूएपीए मामले में कलीता की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्य देवांगना कलीता को दिल्ली दंगा संबंधी मामले में गिरफ़्तार किया गया था. दंगों से संबंधित तीन मामलों में उन्हें ज़मानत मिल चुकी है. कलीता के ख़िलाफ़ गै़रक़ानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है.

कंचन नानावरे (फोटोः स्पेशल अरेंजमेंट)

महाराष्ट्रः छह सालों से सुनवाई के इंतज़ार में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार कार्यकर्ता की हिरासत में मौत

छात्र अधिकारों के लिए काम करने वाली महाराष्ट्र के चंद्रपुर ज़िले की कार्यकर्ता कंचन नानवरे को माओवादी आंदोलन में कथित भागीदारी के लिए 2014 में गिरफ़्तार किया गया था. गंभीर बीमारियों से जूझ रहीं कंचन को ज़मानत नहीं दी गई और तबीयत बिगड़ने पर 16 जनवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया.

फादर स्टेन स्वामी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

भारत मानवाधिकारों के समर्थकों को उचित सुरक्षा नही देताः संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि

मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मैरी लॉलर एक ऑनलाइन कार्यक्रम में एल्गार परिषद मामले में हुई 83 वर्षीय स्टेन स्वामी की गिरफ़्तारी पर चिंता जताते हुए कहा कि देश मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति जवाबदेह है.

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित. (फोटो: पीटीआई)

मालेगांव धमाका: कर्नल पुरोहित ने कहा- सैन्य ड्यूटी के तहत साज़िशकर्ताओं के साथ शामिल हुआ

बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने मामले में अपने ख़िलाफ़ लगाए गए सभी आरोपों को रद्द करने का अनुरोध किया है.

New Delhi: BJP MP Pragya Thakur arrive to attend the BJP parliamentary party meeting at Parliament House, in New Delhi, Tuesday,  Nov. 19, 2019.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI11_19_2019_000064B)

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत में नियमित पेशी से छूट मिली

भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से नियमित रूप से मुंबई आने में दिक्कत होती है. ठाकुर 2008 में हुए मालेगांव धमाका मामले में सात आरोपियों- लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी, रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर और सुधारकर द्विवेदी- में से एक हैं.