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नोएडा: महिला से अभद्रता, भाजपा सांसद बोले- शर्मिंदगी हो रही है कि यहां हमारी सरकार है

यूपी के नोएडा में ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में श्रीकांत त्यागी नाम के व्यक्ति ने सार्वजनिक ज़मीन पर पौधे लगाकर कब्ज़ा किया था. एक महिला द्वारा इसका विरोध करने पर त्यागी ने उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई की. विपक्षी दल त्यागी के भाजपा नेता होने का दावा कर रहे हैं, जबकि भाजपा ने इन दावों का खंडन किया है.

महेश शर्मा. (पीटीआई)

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-93बी स्थित ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में वहां के एक निवासी श्रीकांत त्यागी द्वारा सोसाइटी की एक महिला के साथ हाथापाई, बदसलूकी और गाली-गलौज की गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

अब इस मामले में भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार के ख़िलाफ़ नकारात्मक टिप्पणी सामने आई है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है कि (राज्य में) उनकी पार्टी की सरकार है.’

खबरों के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-93बी स्थित ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में श्रीकांत त्यागी ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, त्यागी ने सोशल मीडिया पर खुद को भाजपा के किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य और सत्तारूढ़ दल की युवा किसान समिति का राष्ट्रीय समन्वयक बताया है.

विवाद की जड़ में त्यागी द्वारा सोसाइटी के एक स्थान पर पौधे लगाकर कब्जा जमाना बताया जा रहा है.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, सोसाइटी की महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने सत्ता का रौब दिखाते हुए पौधे लगाकर एक स्थान पर कब्जा करने का प्रयास किया. जब महिलाओं ने उन्हें रोका तो उन्होंने एक महिला से अभद्रता की और जमकर गालियां दीं. पति के बीच-बचाव करने पर उन्हें भी धमकी दी गई.

एबीपी लाइव के मुताबिक, विवादित जमीन त्यागी के ग्राउंड फ्लोर वाले फ्लैट के सामने है. उन्होंने अपने घर की बाउंड्री तोड़कर उसे उस जमीन से मिला लिया और उस पर पेड़ लगाते हुए उसे घेर लिया, जिसके खिलाफ उक्त महिला ने आवाज उठाते हुए उस जमीन से एक पेड़ उखाड़ दिया.

इसी से भड़ककर त्यागी ने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (किसी भी महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पीटीआई के मुताबिक उनके खिलाफ इसके अलावा एक एफआईआर भी दर्ज की गई है.

घटना के बाद से त्यागी फरार हैं. शनिवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए उनके चार करीबी सहयोगियों को हिरासत में लेने के साथ-साथ दो वाहन भी जब्त किए.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) रणविजय सिंह ने कहा, ‘मौके पर गई पुलिस टीम को वहां त्यागी के तीन वाहन मिले. उनमें से दो को जब्त कर लिया गया. तीसरे वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक प्रतीक चिह्न था और नियमों के उल्लंघन में सरकारी चिह्न के दुरूपयोग पर अलग से एफआईआर दर्ज की गई.’

यह कार्रवाई तब हुई जब खुद को भाजपा नेता बताने वाले त्यागी से पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया. भाजपा की नोएडा इकाई के प्रमुख मनोज गुप्ता ने कहा कि त्यागी पार्टी से जुड़ा नहीं है.

गुप्ता ने कहा, ‘वह करीब चार-पांच साल पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ पार्टी में आया था, जो अब भाजपा छोड़ चुके हैं. त्यागी उनका शिष्य था और भाजपा का सदस्य नहीं था.’

बहरहाल, घटना के बाद से ही त्यागी की भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें सुर्खियां बन रही हैं.

महिला को डराने-धमकाने के लिए त्यागी के समर्थक सोसाइटी में घुसे, महेश शर्मा मौके पर पहुंचे

खबरों के मुताबिक, इतना सब घटित होने के बावजूद भी रविवार को ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में श्रीकांत त्यागी के कुछ समर्थक घुस गए और पीड़ित महिला को डराया धमकाया.

नवभारत टाइम्स के मुताबिक, लाठी-डंडों के साथ घुसे इन उपद्रवियों को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और घटना से आक्रोशित लोगों ने फोन करके भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को मौके पर बुलाया.

शर्मा सोसाइटी पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी करने लगे.

एनबीटी के मुताबिक, बताया जा रहा है कि इसके बाद शर्मा ने गृह सचिव अवनीश अवस्थी को फोन लगाया और उनसे कमिश्नर को श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी के प्रयासों में तेजी लाने के लिए निर्देश देने की बात कही.

फोन पर बात करते समय महेश शर्मा का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें वह कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘(श्रीकांत त्यागी की अब तक गिरफ्तारी न होने पर) हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि यहां हमारी (भाजपा की) सरकार है.’

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘पुलिस की मौजूदगी में आखिरकार सोसाइटी में गुंडे कैसे दाखिल हो गए. मामले में पुलिस ने लचर रवैया अपनाया हुआ है. इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी. पीड़िता और सोसाइटी के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी नोएडा पुलिस पर है. अगर इसमें चूक होती है तो जिम्मेदारी पुलिस की होगी.’

सांसद की मौजूदगी में सोसाइटी के लोगों ने ‘नोएडा पुलिस हाय-हाय’ के नारे लगाए.

थाना फेस-2 के थाना प्रभारी निलंबित

इस बीच, सोमवार को मामले में लापरवाही बरतने को लेकर पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने थाना फेस-2 के थानाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय को  निलंबित कर दिया. उपाध्याय की जगह अब निगरानी प्रकोष्ठ के प्रभारी परमहंस तिवारी को थाना फेज-2 का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने सोमवार को सुबह कहा, ‘प्रशासनिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत निरीक्षक परमहंस तिवारी को थाना फेस-2 का प्रभारी बनाया गया है.’

इस बीच, नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी के समर्थन में पीड़ित महिला के साथ बदसलूकी करने और उसे धमकाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सभी आरोपी गाजियाबाद के रहने वाले हैं. गिरफ्तार लोगों के कुछ साथी मौके से भाग निकले. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

उन्होंने बताया कि सेक्टर 93-बी स्थित एक सोसाइटी में रहने वाली पीड़ित महिला के घर रविवार रात लोकेंद्र त्यागी, राहुल त्यागी, रवि पंडित, प्रिंस त्यागी, नितिन त्यागी, चर्चिल राणा सहित 10 से अधिक लोग पहुंचे. इन लोगों ने श्रीकांत त्यागी के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाली महिला के साथ बदसलूकी की और उसे धमकाया.

उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके कुछ साथी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, त्यागी की गिरफ्तारी पर अपर पुलिस उपायुक्त (कानून-व्यवस्था) रणविजय सिंह ने कहा, ‘आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न जगहों पर पुलिस के दल दबिश दे रहे हैं. आरोपी की पत्नी, चालक तथा प्रबंधक से शनिवार और रविवार को कई घंटे तक पूछताछ की गई. उनसे कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.’

मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की है.

महिला आयोग ने एक ट्वीट में कहा कि उसने घटना का संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है.

आयोग ने ट्वीट किया, ‘एनसीडब्ल्यू ने एक महिला से मारपीट के आरोप में एफआईआर दर्ज किए जाने और गिरफ्तारी करने की भी मांग की है.’ आयोग ने बताया कि उसने महिला को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए भी पुलिस को पत्र लिखा गया है.

फरार श्रीकांत त्यागी के फ्लैट के बाहर बना अवैध निर्माण ढहाया गया

बहरहाल, सोमवार को श्रीकांत त्यागी द्वारा अपने आवास के बाहर बनाए गए अवैध निर्माण को ढहा दिया गया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने सोमवार को सुबह लगभग नौ बजे ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में त्यागी के ग्राउंड फ्लोर वाले अपार्टमेंट के बाहर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया.

वहीं, अब सामने आ रहा है कि आरोपी श्रीकांत त्यागी के खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं. वह खनन के कारोबार में भी संलिप्त हैं.

इसके अलावा, करीब 10 साल पहले पाकिस्तान के नंबर से मिली धमकी के बाद वह चर्चा में आए थे. इस संबंध में शिकायत करने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई थी, जिसको लेकर भी विवाद है कि आखिर सुरक्षा किस आधार पर दी गई थी.

आज तक के मुताबिक श्रीकांत त्यागी पर अब तक पांच केस दर्ज हैं. एक केस तो उनकी पत्नी ने ही दर्ज कराया है जो धारा 307 (हत्या के प्रयास) का है. वहीं, दो केस महिलाओं से बदसलूकी करने के हैं. एक गैर-इरादतन हत्या का भी मामला उनके खिलाफ दर्ज है.

विपक्ष के निशाने पर भाजपा सरकार

इस घटना के बाद विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने श्रीकांत त्यागी को भाजपा नेता बताते हुए सत्तारूढ़ दल को आड़े हाथों लिया है.

सपा ने ट्विटर पर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में सत्ता संरक्षित भाजपाई गुंडे प्रतिदिन बहन बेटियों का कर रहे अपमान! नोएडा के ओमेक्स सिटी में भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी ने महिला को दी भद्दी-भद्दी गालियां, की अपमानजनक टिप्पणी. शर्मनाक! आरोपी भाजपा नेता को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई करे पुलिस.’

विधानसभा चुनाव में नोएडा से कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं पंखुड़ी पाठक ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि शहर में आम लोगों के खिलाफ भाजपा नेताओं का ऐसा व्यवहार सामने आया है.

आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता भूपेंद्र जादौन ने भी घटना को लेकर त्यागी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने त्यागी की भाजपा के कई नेताओं के साथ ली गई तस्वीरें साझा करते हुए सोमवार को कहा कि इस मामले में बुलडोजर की कार्रवाई दिखावा है.

उन्होंने यह सवाल भी किया कि आखिर त्यागी को कौन बचाता आया है और क्या भाजपा सरकार को नहीं पता था कि उसने अवैध निर्माण करा रखे हैं?

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘क्या इतने वर्षों से भाजपा सरकार को नहीं पता था कि नोएडा के भाजपा नेता का निर्माण अवैध है? बुलडोजर की कार्रवाई दिखावा है.’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘सरकार इन सवालों के जवाब देने से बच रही है. एक महिला के साथ खुलेआम अभद्रता और 10-15 गुंडे भेजकर महिलाओं को धमकाने की हिम्मत उसे कौन दे रहा है? कौन है जो उसे बचाता आ रहा है?’

प्रियंका ने सवाल किया, ‘किसके सरंक्षण में उसका गुंडाराज और अवैध कारोबार फला-फूला?’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)