पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान हमले में भारत की भूमिका के दावे को विदेश मंत्रालय ने ‘निराधार’ बताया

21 मई को बलूचिस्तान में एक स्कूल बस पर हुए आतंकवादी हमले में तीन बच्चों की मौत हो गई थी. भारत ने पाकिस्तान द्वारा इसमें शामिल होने के आरोप को दृढ़ता से ख़ारिज करते हुए कहा कि यह पाक की 'अपनी बड़ी विफलताओं को छिपाने' के लिए ध्यान भटकाने वाली रणनीति है.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रणधीर जायसवाल. (फोटो साभार: स्क्रीनग्रैब)

नई दिल्ली: भारत ने बुधवार (21 मई) को बलूचिस्तान में एक स्कूल बस पर हुए आतंकवादी हमले, जिसमें तीन बच्चों की मौत हो गई, में शामिल होने के पाकिस्तान के आरोप को दृढ़ता से खारिज कर दिया और इसे ‘अपनी बड़ी विफलताओं को छिपाने’ के लिए एक ध्यान भटकाने वाली रणनीति बताया.

खबरों के अनुसार, यह घटना खुजदार में हुई, जहां बुधवार सुबह एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर ने लगभग 40 बच्चों को ले जा रही एक स्कूल बस को निशाना बनाया. इस हमले में तीन बच्चे, बस चालक और एक सुरक्षा गार्ड मारे गए.

हालांकि अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा- इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान जारी कर भारत पर हमले की ‘योजना बनाने और उसे अंजाम देने’ का आरोप लगाया है.

आईएसपीआर ने कहा, ‘भारत द्वारा पाकिस्तान में मासूम बच्चों और नागरिकों जैसे आसान लक्ष्यों के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आतंकवादी प्रॉक्सी को एक सरकारी उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.’

भारत ने आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज किया

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत ऐसी सभी घटनाओं में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करता है. हालांकि, आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी साख से ध्यान हटाने और अपनी बड़ी विफलताओं को छिपाने के लिए, पाकिस्तान के लिए अपने सभी आंतरिक मुद्दों के लिए भारत को दोषी ठहराना स्वाभाविक हो गया है. दुनिया को धोखा देने की यह कोशिश नाकाम होने वाली है.’

यह हमला और उससे जुड़े आरोप भारत और पाकिस्तान के बीच इस माह चार दिनों तक चले सैन्य गतिरोध समाप्त होने के दस दिन बाद आए हैं, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया था.

यह तनाव 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद बढ़ा, जिसमें तीन या चार बंदूकधारियों ने 26 नागरिकों, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की हत्या कर दी थी.

भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था, जिसके परिणामस्वरूप 7 मई को आतंकवादी बुनियादी ढांचे के रूप में पहचाने गए नौ स्थलों पर हमला किया गया. इसके बाद 10 मई को युद्ध विराम लागू होने से पहले पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए.

इससे पहले मार्च में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस के अपहरण और हमले, जिसमें 13 नागरिकों, 18 सुरक्षाकर्मियों और 34 हमलावरों सहित 64 लोग मारे गए थे, की साजिश रचने का भी आरोप भारत पर लगाया था.

भारत ने भी इन आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया था तथा पाकिस्तान से आग्रह किया था कि वह ‘अपनी आंतरिक समस्याओं और असफलताओं के लिए दूसरों पर दोष मढ़ने तथा दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने अंदर झांके.’

इस बीच, भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अन्य अधिकारी को ‘भारत में उसकी आधिकारिक स्थिति के अनुरूप नहीं गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर दिया है.

हालिया भारत-पाक संघर्ष के बाद से यह किसी पाकिस्तानी राजनयिक कर्मचारी का दूसरा निष्कासन है. दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया.