केरल: इंजीनियर ने आरएसएस शाखा में यौन शोषण का आरोप लगाते हुए की ख़ुदकुशी, जांच की मांग

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इससे पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेड्यूल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि बचपन में आरएसएस के सदस्यों द्वारा उनका यौन शोषण किया गया था, जिसके चलते वे आजीवन अवसाद में रहे.

Nagpur: RSS workers take part in Vijay Dashmi Utsav in Nagpur, Maharashtra, Thursday, Oct 18, 2018. (PTI Photo) (PTI10_18_2018_000112B)
26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए पत्र में लिखा है, 'मैं किसी से नाराज़ नहीं हूं, सिवाय एक व्यक्ति और एक संगठन के. यह संगठन आरएसएस है...' उन्होंने आगे लिखा कि तीन-चार साल की उम्र में 'एनएम' नाम के एक व्यक्ति ने उनका लगातार यौन शोषण किया. (प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केरल के तिरुवनंतपुरम में एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर आनंदू अजी ने कथित तौर पर बचपन में बार-बार हुए यौन शोषण के कारण गंभीर मानसिक तनाव से जूझते हुए आत्महत्या कर ली.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, बीते गुरुवार (9 अक्टूबर) को उनका शव थम्पनूर इलाके के एक पर्यटक आवास गृह में वहां काम करने वाले कर्मचारियों को मिला था.

बताया जा रहा है कि मरने से पहले आनंदू अजी ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों द्वारा बचपन में उनका यौन शोषण किया गया था, जिसके चलते वे अवसाद में थे.

इंडियन एक्सप्रेस ने एक अज्ञात पुलिसकर्मी के हवाले से बताया है कि इस संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरुआती चरण में है.

क्या लिखा था पत्र में?

अजी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए गए पत्र में लिखा है, ‘मैं किसी से नाराज़ नहीं हूं, सिवाय एक व्यक्ति और एक संगठन के.’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह संगठन आरएसएस है, जिससे मेरे पिता (जो एक बहुत अच्छे इंसान थे) ने मुझे जोड़ा था. यही वह जगह है जहां मुझे उस संगठन और उस व्यक्ति से जीवन भर का ट्रॉमा (सदमा) सहना पड़ा.’

उन्होंने आरोप लगाया कि तीन-चार साल की उम्र में ‘एनएम’ नाम के एक व्यक्ति ने उनका लगातार यौन शोषण किया. पत्र में अजी द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि यह व्यक्ति आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी का सदस्य है, जो उनका पड़ोसी है और ‘उनका परिवार उसे रिश्तेदार जैसा मानता है’.

मालूम हो कि आरएसएस, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का पितृ संगठन है. अखबार ने बताया कि इस संबंध में आरएसएस का पक्ष जानने के ‘प्रांत प्रचारक’ एस. सुदर्शन फोन और मैसेज दोनों किए गए, लेकिन उन्होंने किसी का जवाब नहीं दिया.

सात पन्नों के आनंदू अजी के पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हिंदुत्व संगठन के अन्य सदस्यों ने आरएसएस द्वारा आयोजित शिविरों के दौरान अजी का यौन और शारीरिक शोषण किया.

अजी ने कहा कि बचपन में हुए यौन शोषण के कारण वह गंभीर मानसिक स्वास्थ्य विकारों से पीड़ित हैं. पत्र में लिखा था, ‘मुझे पता है कि मैं उनका अकेला शिकार नहीं हूं. कई अन्य बच्चों ने भी उनके हाथों और आरएसएस के शिविरों में दुर्व्यवहार का सामना किया है. यह ज़रूरी है कि इन बच्चों को उचित देखभाल और परामर्श मिले.’

उन्होंने पत्र में लिखा कि माता-पिता को अपने बच्चों को व्यापक यौन शिक्षा प्रदान करनी चाहिए.

प्रियंका गांधी ने आरएसएस से आरोपों की जांच करने का आह्वान किया

वहीं, रविवार को कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएसएस से आरोपों की जांच करने का आग्रह किया है और कहा है कि संगठन को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘आरएसएस को इन आरोपों की पूरी जांच करानी चाहिए. अपने आत्महत्या संदेश में आनंदू अजी ने आरोप लगाया था कि आरएसएस के कई सदस्यों ने उनके साथ बार-बार दुर्व्यवहार किया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अकेले पीड़ित नहीं हैं और आरएसएस के शिविरों में बड़े पैमाने पर यौन शोषण हो रहा है. अगर यह सच है, तो यह भयावह है.’

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, ‘पूरे भारत में लाखों छोटे बच्चे और किशोर इन शिविरों में जाते हैं. आरएसएस नेतृत्व को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए. लड़कों का यौन शोषण लड़कियों के यौन शोषण जितना ही व्यापक है. इन अवर्णनीय रूप से जघन्य अपराधों के बारे में चुप्पी तोड़नी होगी.’

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केरल की सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और उसकी युवा शाखा, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अजी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पुलिस को लिखित शिकायत दी है.

वहीं, डीवाईएफआई के राज्य महासचिव वीके सनोज ने दावा किया, ‘हम बार-बार आरएसएस की शाखाओं में हो रही घटनाओं के बारे में बात करते रहे हैं. कई लोग आरएसएस में शामिल हुए थे… उनकी मौत ऐसे लोगों के लिए एक चेतावनी है.’

(अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं– दोस्त या परिजन– जो मानसिक रूप से परेशान हैं और आत्महत्या का जोखिम है, तो कृपया उनसे संपर्क करें. सुसाइड प्रिवेंशन इंडिया फाउंडेशन के पास उन फोन नंबरों की एक सूची है जिन पर कॉल करके वे गोपनीयता से बात कर सकते हैं. टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा संचालित परामर्श सेवा, आईकॉल ने देश भर के चिकित्सकों/थेरेपिस्ट की एक क्राउडसोर्स्ड सूची तैयार की है. आप उन्हें नज़दीकी अस्पताल भी ले जा सकते हैं.)