नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोंडा में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के तीन कर्मचारियों पर एक 35 वर्षीय दलित व्यक्ति की कथित हिरासत में पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक संजय कुमार सोनकर को मंगलवार (4 नवंबर) को आरपीएफ कर्मियों ने उसके घर से उठाया था. अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ बरुआचक रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई एक चोरी के मामले में की जा रही थी. यह मामला मालगाड़ी से तेल चोरी से जुड़ा था.
जांच के घेरे में आए तीनों कर्मियों- सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, करण सिंह यादव और कॉन्स्टेबल अमित कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है. इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
मृतक के भाई, राजू सोनकर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरपीएफ कर्मियों ने संजय को हिरासत में लेकर बुरी तरह प्रताड़ित किया था.
आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट चंद्र मोहन मिश्रा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज में तीन लोगों को ट्रेन से तेल चुराकर पास के खेत में छिपते हुए देखा था. उसी वीडियो के आधार पर एक संदिग्ध को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में संजय का नाम बताया.
इसके बाद आरपीएफ कर्मियों ने संजय को हिरासत में लिया और उसी दिन उसके पास से तेल बरामद किया. मिश्रा के अनुसार, इसी दौरान संजय की तबीयत बिगड़ गई. कर्मियों ने उसे तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है.
गोंडा शहर के सर्कल ऑफिसर (सीओ) आनंद कुमार राय ने बताया कि शव पर कोई गंभीर चोट के निशान नहीं मिले, केवल कुछ खरोंचें थीं, जो मृत्यु का कारण नहीं हो सकतीं.
