नई दिल्ली: भारत में डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म मॉलीटिक्स, नेशनल दस्तक और कॉमेडियन राजीव निगम समेत कई फेसबुक पेजों को प्रतिबंधित कर दिया गया है. सोशल मीडिया मंच मेटा की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह कार्रवाई भारत सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नोटिस के आधार पर की गई है.
मीडिया में आई खबरोंं के मुताबिक, यह प्रतिबंध आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत लगाया गया है, जिसमें स्थानीय कानूनों के उल्लंघन की स्थिति में सरकार के निर्देश पर कंटेंट को सीमित किया जा सकता है. इसके चलते अब भारत में इन फेसबुक पेजों पर उपलब्ध सामग्री को नहीं देखा जा सकता है.
इस कार्रवाई के बाद मॉलीटिक्स ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि भारत में आईटी एक्ट के नाम पर उन अकाउंट्स को निशाना बनाया जा रहा है, जो सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं. यह दौर दबाव और डर का हो सकता है, लेकिन हमारी आवाज नहीं दबेगी.
मॉलीटिक्स ने कहा, ‘सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई जनता तक पहुंचे और शायद हम वही सच्चाई दिखा रहे थे जो अब जुर्म बन चुकी है. इसी वजह से हमारे अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित किया गया है.’
भारत सरकार द्वारा Molitics का फेसबुक पेज को भारत में बैन कर दिया गया है. सच्चाई के साथ खड़े रहने, आवाज उठाने और जनता के मुद्दों को सामने लाने का हमें एक तरह से “सबक” दिया गया है.
हम लगातार जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं चाहे वह रोजगार हो, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य या महिलाओं… pic.twitter.com/3RA7EuKDIf
— Molitics (@moliticsindia) March 29, 2026
इस संबंध में संपादक नीरज झा ने कहा कि ताक़त के शीर्ष में बैठे लोग अगर सच से असहज होने लगें तो पत्रकारिता का स्तंभ ढहने लगता है. विगत कई सालों से ऐसा हो रहा है. और अब चोट करने की स्पीड बढ़ गई है.
ताक़त के शीर्ष में बैठे लोग अगर सच से असहज होने लगें तो पत्रकारिता का स्तंभ ढहने लगता है. विगत कई सालों से ऐसा हो रहा है. और अब चोट करने की स्पीड बढ़ गई है.@moliticsindia जिसका मक़सद जनहितैषी मुद्दों पर बात करना है, लोगों की आवाज़ उठाना है, वैज्ञानिक चेतना का प्रसार है, पिछले… pic.twitter.com/GFRt37W5Oq
— Neeraj Jha (@neeraj_jhaa) March 29, 2026
वहीं, नेशनल दस्तक ने भी अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी दी है कि उनके फेसबुक पेज को सरकार के कहने पर भारत में बैन कर दिया गया है.
National dastak के फेसबुक पेज को सरकार के कहने पर भारत में बैन किया गया है! संघी फैक्ट चेकर का सहारा लिया जा रहा है ! सबको बैन करवाया जा रहा है ! pic.twitter.com/z5RJ1Vg4w3
— National Dastak (@NationalDastak) March 30, 2026
नेशनल दस्तक के संपादक शंभू कुमार ने इस कार्रवाई को दुभाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह संघी लोगों की शिकायत पर उठाया गया कदम है, जो नहीं चाहते कि हाशिए पर खड़े लोगों की बात जनता तक पहुंचें.
उन्होंने आगे बताया कि उनका प्लेटफॉर्म कमजोर तबके के लोगों की बात करता है और उनके मुद्दे लोगों के समक्ष रखने की कोशिश करता है, जिसे रोकने का प्रयास इस कार्रवाई के माध्यम से किया गया है.
मालूम हो कि इससे पहले सरकारी आदेश के बाद यूट्यूब चैनल 4PM न्यूज़ को बंद कर दिया गया था. बाद में चैनल ने आरोप लगाया था कि उनकी एंकर फिजा की इंस्टाग्राम रील हटवाई गई और फेसबुक पेज को भी बंद कर दिया गया.
चैनल ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा था, ‘एक-एक करके हर प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया जा रहा है. इतना डर किस बात का है?’
पहले नेशनल चैनल पर ताला जड़ा गया.
फिर हमारी एंकर फ़िज़ा की इंस्टाग्राम रील से भी सरकार डर गई और उसे हटवा दिया गया.
और अब हद देखिए—आज सुबह से 4 PM का फेसबुक भी बंद करा दिया गया.एक-एक करके हर प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया जा रहा है. सवाल ये है कि आखिर इतना डर किस बात का है. एक छोटे… pic.twitter.com/NKAaP9w7vZ
— 4PM News Network (@4pmnews_network) March 19, 2026
ताज़ा मामले में सरकार की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर कई पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं.
वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने इसे निंदनीय बताते हुए कहा, ‘हर दिन एक नया चैनल, एक नई साइट बंद हो रही है. लगता है सरकार संभल नहीं रही है, इसलिए यह सब हो रहा है.’
निंदनीय. हर दिन एक नया चैनल, एक नई साइट हमारे सामने होता है जिसे बंद किया जाता है. ऐसा लगता है सरकार से संभल नहीं रहा है तो यही सब हो रहा है. https://t.co/G46QjlHoi2
— ravish kumar (@ravish_journo) March 29, 2026
रणविजय सिंह ने लिखा, ‘आज कई लोगों का फेसबुक पेज भारत में बंद कर दिया गया. मॉलीटिक्स, नेशनल दस्तक, राजीव निगम और भी कई FB पेज सरकार का शिकार हुए. ये सभी वो पेज हैं, जिससे सरकार से सवाल किए जाते थे. जमीन के असल हालात दिखाए जाते थे. सरकार लगातार ऐसे पेज और हैंडल बैन कर रही है, जो सवाल करते हैं. कुछ दिन पहले ट्विटर पर भी कई हैंडल बैन हुए थे.’
आज कई लोगों का फेसबुक पेज भारत में बंद कर दिया गया.
मॉलीटिक्स, नेशनल दस्तक, राजीव निगम और भी कई FB पेज सरकार का शिकार हुए.
ये सभी वो पेज हैं, जिससे सरकार से सवाल किए जाते थे. जमीन के असल हालात दिखाए जाते थे.
सरकार लगातार ऐसे पेज और हैंडल बैन कर रही है, जो सवाल करते हैं. कुछ…
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) March 29, 2026
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बीफ कारोबार में नितिन गडकरी और उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के शामिल होने की खबर संबंधी द कारवां की रिपोर्ट पर वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर मुकेश मोहन को भी 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है. साथ ही नागपुर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
कुछ दिन पहले @thecaravanindia ने नितिन गडकरी पर एक रिपोर्ट छापी. रिपोर्ट नितिन गडकरी और बीफ के कारोबार से संबंधित थी.
इस रिपोर्ट के आधार पर मैंने एक वीडियो किया. उस वीडियो के लिए मुझे 50Cr की मानहानि का नोटिस दिया गया और मुझपर नागपुर में एक FIR करवाई गई है.
दो दिन हो गए नागपुर…
— Mukesh Mohan (@MukeshMohannn) March 26, 2026
बता दें कि हाल ही में एक्स के भी कई अकाउंट भारत में रोक दिए गए, जिन अकाउंट्स पर सरकार द्वारा कार्रवाई की गई उनमें पैरोडी, व्यंग्य और पत्रकारों के हैंडल शामिल हैं. ये अकाउंट्स सरकार की नीतियों, अल्पसंख्यक मुद्दों, विदेश नीति, एलपीजी संकट और प्रधानमंत्री पर व्यंग्य करते थे. मीम्स, कार्टून और अपनी आलोचनात्मक पोस्ट के चलते ये काफी लोकप्रिय थे.
कारवां मैगजीन के एडिटर हरतोष सिंह बल ने भी बताया कि उनका 14 मार्च का एक ट्वीट जो पीएम मोदी से संबंधित था, को हटाने का आदेश दिया गया था.
X has received a blocking order from the MEITY citing Section 69A of IT Act regarding a tweet on the Caravan accounthttps://t.co/LZCWHIKxp6
here goes the screen shot of the ‘hero of hatred’ tweet, and do read the story in question as well.https://t.co/mO3kRId9g0 pic.twitter.com/kMbNCxWdmC
— Hartosh Singh Bal (@HartoshSinghBal) March 19, 2026
गौरतलब है कि पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के दौरान रफाल विमानों को कथित रूप से गिराए जाने से जुड़ी एक सीएनएन रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद द वायर की वेबसाइट को 12 से 15 घंटे से अधिक समय तक ब्लॉक कर दिया गया था.
बीते महीने द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट मोदी सरकार पर व्यंग्यात्मक कार्टून को लेकर भारत में 9 फरवरी की शाम क़रीब दो घंटे तक ब्लॉक रहा. इस संबंध में मंत्रालय ने ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया, जबकि मेटा द्वारा ‘ग़लती’ की बात सामने आई. बिना पूर्व सूचना की गई इस कार्रवाई ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल सेंसरशिप पर सवाल खड़े किए.
ज्ञात हो कि पिछले साल भारत सरकार के दो मंत्रालयों ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के शुरू होने के बाद कई समाचार आउटलेट्स और पत्रकारों सहित लगभग 8,000 सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक करने से जुड़ी जानकारी साझा करने के आरटीआई (सूचना का अधिकार) अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था.
इस दौरान ब्लॉक किए गए एक्स हैंडल्स में कश्मीर टाइम्स की प्रबंध संपादक अनुराधा भसीन, मकतूब (एक मीडिया आउटलेट), फ्री प्रेस कश्मीर, द कश्मीरियत और इंडियन एक्सप्रेस के उप संपादक मुज़म्मिल जलील के अकाउंट शामिल थे.
इस संबंध में जब सोशल मीडिया मंच एक्स ने खुलासा किया कि यह कदम केंद्र के आदेश पर उठाया गया है, तो उसके अपने ग्लोबल अफेयर्स हैंडल को भी कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया.
