नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ी सामने आने बाद छात्र, अभिभावक और विपक्ष में आक्रोश देखने को मिल रहा है. शनिवार (6 जून) को इस संबंध में दिल्ली और हरियाणा में दो बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई.
हालांकि, इन दोनों विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस के रवैये में बड़ा अंतर देखने को मिला. जहां एक ओर राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन बिना किसी विवाद के खत्म हो गया, वहीं कुरुक्षेत्र में हरियाणा यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की, जिसमें वॉटर कैनन का इस्तेमाल, कथित लाठीचार्ज और लोगों को हिरासत में लेना शामिल था.
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में विरोध प्रदर्शन की अगुवाई रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने की. प्रदर्शनकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, जब पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के लिए ‘वाटर कैनन’ का इस्तेमाल किया गया.
इस संबंध में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा कहा, ‘भाजपा सरकार के तहत पिछले 12 सालों से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, फिर भी कोई जवाबदेही नहीं है. भाजपा सरकार के संरक्षण में पूरे देश में पेपर-लीक माफिया सक्रिय हैं. हम आज शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं.’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के आस-पास बैरिकेड्स लगा दिए थे और सुरक्षा बढ़ा दी थी.
अधिकारियों ने बताया कि जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के पास पहुंचे और उन्हें पार करने की कोशिश की, तो टकराव की स्थिति बन गई. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए गए लोगों में दीपेंद्र सिंह हुड्डा, थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद के विधायक राम करण काला, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु छिब, हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष निशित कटारिया और पेहोवा के विधायक मनदीप सिंह चठा शामिल थे.
इस दौरान कांग्रेस नेताओं पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया.
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर 20 से ज़्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर कुछ ही देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हुड्डा ने भाजपा सरकार पर बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और जवाबदेही की मांग की.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और 12 जून को पानीपत में एक और प्रदर्शन करने का ऐलान किया.
वहीं, उदय भानु छिब ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री प्रधान को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन करते रहेंगे.
निशित कटारिया ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
दूसरी ओर सीजेपी ने भी प्रधान को अपने पद से इस्तीफ़ा देने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर मंत्री पद नहीं छोड़ते हैं, तो उनके विरोध-प्रदर्शन को भी पूरे देश में फैलाया जाएगा.
