नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रोफेसर एमेरिटा ज़ोया हसन को 14 अगस्त को शहर के नामी स्कूल- सरदार पटेल विद्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘बहुलतावाद क्यों महत्वपूर्ण है’ विषय पर संबोधित करना था, लेकिन स्कूल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आख़िरी समय में उनका भाषण रद्द कर दिया था.
प्रोफेसर हसन के मुताबिक, स्कूल के एक सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें बताया था कि उनकी सुरक्षा को ख़तरा है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के 10-15 प्रदर्शनकारी स्कूल के बाहर जमा हैं.
हालांकि, द वायर से बातचीत में विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने संगठन के किसी भी प्रदर्शन में शामिल होने से साफ़ इनकार किया है.
उन्होंने कहा कि विहिप का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें संदेह है कि स्कूल के बाहर प्रदर्शन हुआ भी था या नहीं. इस संबंध में बंसल ने कहा, ‘मैं अपने इस विश्वास पर कायम हूं कि आमंत्रित अतिथि को ऐसा कोई मंच नहीं दिया जाना चाहिए, जहां वे युवा दिमागों को प्रभावित या दूषित कर सकें. वह ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से जुड़ी हैं और उन्हें ऐसा मंच नहीं दिया जाना चाहिए. लेकिन विहिप का इस तरह के किसी प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है. मुझे संदेह है कि प्रदर्शन वास्तव में हुआ भी था या नहीं. पुलिस या स्कूल को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए.’
विहिप के दिल्ली के कई नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दावा किया कि वे स्कूल के बाहर हुए किसी हंगामे या प्रदर्शन में शामिल नहीं थे.
इस संबंध में बंसल ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि हसन स्कूल में अपनी बात नहीं रख सकीं. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि कार्यक्रम रद्द होने में विहिप या उसके किसी कार्यकर्ता की कोई भूमिका नहीं थी.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि सरदार पटेल के नाम पर बने राजधानी के एक प्रतिष्ठित स्कूल के लिए ऐसे व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना उचित नहीं है, जिसने उनके अनुसार, ‘हमारे लौह पुरुष’ का अपमान किया हो.
बंसल ने यह भी कहा कि स्कूल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए हसन को कार्यक्रम से दूर रखकर छात्रों के ‘दिमाग’ को उस नई ‘संक्रमण’ से बचाया, जिसे वह कथित तौर पर फैला सकती थीं. उन्होंने ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से जुड़े लोगों को सार्वजनिक मंचों से दूर रखने की बात भी कही.
गौरतलब है कि 14 अगस्त को द वायर ने जब पहली बार बंसल से इस मामले में संपर्क किया था, तब उन्होंने स्कूल के बाहर विहिप कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की थी. उन्होंने कहा था कि वह ‘और जानकारी हासिल करके आधे घंटे में बताएंगे.’
वहीं, दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि स्कूल के बाहर कोई प्रदर्शन या जमावड़ा नहीं हुआ था.
द वायर ने इस मामले पर स्कूल से भी प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण मांगा है.
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