नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बरेली में रेलवे ट्रैक के पास इमाम तौसीफ़ रज़ा का शव मिलने के एक सप्ताह बाद अब उनकी पत्नी तबस्सुम खातून ने सोमवार (4 मई) को सरकारी रेलवे पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. इसमें आरोप लगाया गया कि ट्रेन के डिब्बे में सहयात्रियों ने इमाम के साथ मारपीट की और उन्हें बाहर फेंक दिया.
इस संबंध में पुलिस ने अब अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत एफआईआर दर्ज की है.
उल्लेखनीय है कि सोमवार (4 मई) को इमाम तौसीफ़ रज़ा की पत्नी तबस्सुम खातून बिहार से उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंचीं और परिवार ने इमाम के साथ ट्रेन में कथित मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई.
मालूम हो कि इमाम तौसीफ़ का शव 27 अप्रैल को बरेली के पालपुर कमालपुर गांव में रेलवे ट्रैक के पास मिला था.
द वायर द्वारा देखी गई दो पन्नों की शिकायत की एक प्रति, जो बरेली जंक्शन स्थित सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के स्टेशन हाउस ऑफिसर (थाना प्रभारी) को संबोधित थी, में तबस्सुम ने लिखा है, ‘मुझे पूरा यकीन है कि मेरे पति की हत्या ट्रेन के डिब्बे के अंदर सहयात्रियों द्वारा की गई थी. उनके साथ मारपीट की गई और फिर उन्हें ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया, ताकि उनकी हत्या को एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके.’
उन्होंने 4 मई को पुलिस को सौंपे गए शिकायत पत्र में आगे लिखा, ‘मेरे पति हमारे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जो हमारे रोज़मर्रा के खर्चों का ख्याल रखते थे. चूंकि मेरा गृह नगर बिहार में है और अंतिम संस्कार के चलते मैं पहले शिकायत दर्ज नहीं करा सकी. लेकिन अब न्याय की चाह रखने वाले एक व्यक्ति के रूप में मैं इस शिकायत को विचार के लिए प्रस्तुत कर रही हूं.’


जैसा कि पहले द वायर ने रिपोर्ट किया था, तौसीफ़ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले उनके शरीर पर आई कई चोटों का उल्लेख किया गया था, जिसमें यह टिप्पणी भी शामिल थी कि उनकी ‘सभी पसलियां टूटी हुई थीं.’
इस मामले को लेकर द वायर से बात करते हुए बीते 1 मई को बिहार के किशनगंज जिले के बखोटोली गांव से तौसीफ के छोटे भाई तौहीद रज़ा ने कहा था, ‘जिस किसी ने भी शव देखा होगा, वह यही निष्कर्ष निकालेगा कि उनकी हत्या की गई है.’
सोमवार को दर्ज शिकायत के साथ परिवार ने पुलिस को सहायक साक्ष्य के रूप में 29 सेकेंड की ऑडियो क्लिप, एक रेलवे टिकट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की एक प्रति सौंपी है.
ऑडियो क्लिप – जो इस मामले में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य है – में तौसीफ़ 26 अप्रैल को ऋषिकेश से मुजफ्फरपुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन में यात्रा करते समय तबस्सुम से बात करते हुए कह रहे हैं, ‘कुछ लोग मुझे पीट रहे हैं, कृपया शाहजहांपुर में पुलिस को बुलाओ.’
शाहजहांपुर बरेली से लगभग 80 किलोमीटर दूर इस ट्रेन का अगला स्टेशन था.
द वायर से बात करते हुए तबस्सुम ने पुष्टि की कि उनकी शिकायत स्वीकार कर ली गई है और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि इस पर ‘कार्रवाई की जाएगी.’ हालांकि, वह खराब स्वास्थ्य के कारण वह ज्यादा बात नहीं कर सकीं.
शिकायत दर्ज करवाते समय तबस्सुम के साथ उनके रिश्तेदार और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सदस्य भी उनके साथ थे.
इस संबंध में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 30 अप्रैल को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से तौसीफ़ की मौत की जांच शुरू करने का अनुरोध किया था.
स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के महासचिव नदीम कुरैशी ने कहा, ‘हम पुलिस, प्रशासन और रेल मंत्री से मांग करते हैं कि ऐसी घटनाएं बंद होनी चाहिए. दाढ़ी वाले और टोपी पहनने वालों को निशाना बनाया जा रहा है और मैं उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी मॉब लिंचिंग पर नया कानून लाने पर विचार करने का आग्रह करता हूं.’
इस मामले को लेकर हाल ही में किशनगंज में भी एक विरोध मार्च निकाला गया. वहीं, तौसीफ़ का एक पुराना वीडियो भी सामने आया है जिसमें उन्होंने मुसलमानों की लिंचिंग से संबंधित घटनाओं पर राजनीतिक चुप्पी पर चिंता जताई है.
इस संबंध में बरेली पुलिस ने 30 अप्रैल को एक बयान जारी कर कहा था कि ‘अत्यधिक गर्मी के कारण, ट्रेन के गेट के पास बैठे तौसीफ़ को नींद आ गई और संतुलन बिगड़ने के बाद वह गिर गए.’
बरेली के पुलिस अधीक्षक मानुष पारेख ने बाद में द वायर को बताया था कि जांच शुरू करने के लिए उन्हें एफआईआर या औपचारिक शिकायत की आवश्यकता है.
5 मई को एक्स पर जारी एक बयान में बरेली पुलिस ने कहा कि इस घटना को पहले एक दुर्घटना माना गया था, और अब परिवार की शिकायत के आधार पर एक FIR दर्ज कर ली गई है.
— Bareilly Police (@bareillypolice) May 5, 2026
सोमवार को तबस्सुम द्वारा शिकायत दर्ज कराने के संबंध में द वायर से जीआरपी थाना प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने कहा, ‘हमने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. अब हम जांच करेंगे.’
जब उनसे पूछा गया कि 26 अप्रैल की दरमियानी रात को ट्रेन के अंदर हुई घटना के चश्मदीदों या वीडियो सबूतों के अभाव में जांच कैसे आगे बढ़ेगी, तो एसएचओ वर्मा ने आगे कहा, ‘यह एक अनिश्चित मामला है, लेकिन अगर वास्तव में कोई घटना हुई है, तो हम मामले को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.’
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