दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की क़ीमतों में फिर बढ़ोतरी, दो दिन में दूसरी बार बढ़े दाम

दिल्ली-एनसीआर में दो दिन के भीतर सीएनजी की क़ीमतों में दूसरी बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे. नई दरें रविवार लागू हो गई हैं, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. कांग्रेस ने सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद मोदी सरकार की आलोचना की है.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 48 घंटे के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा 15 मई को भी सीएनजी के दाम बढ़ाए गए थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने रविवार (17 मई) को अपने पूरे नेटवर्क में सीएनजी की कीमतें 1 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी हैं.

नई दरें रविवार सुबह 6:00 बजे से लागू हो गई हैं, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. यह पहली बार है जब दिल्ली में सीएनजी की कीमत 80 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है.

मालूम हो कि यह बढ़ोतरी आईजीएल द्वारा शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी किए जाने के दो दिन बाद हुई है, जब दिल्ली में सीएनजी की दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई थी.

नोएडा-ग़ाज़ियाबाद में सीएनजी के दाम 88.70 रुपए प्रति किलो हो गए हैं.

उल्लेखनीय है कि लगातार बढ़ते ईंधन के दामों (पेट्रोल, डीजल और अब सीएनजी) के चलते दिल्ली-एनसीआर में कैब (ओला/उबर), ऑटो, कमर्शियल गाड़ियों और रोजमर्रा का सफर करने वाले आम लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ और ज्यादा बढ़ने वाला है. आने वाले दिनों में ऑटो और कैब चालकों द्वारा किराए में बढ़ोतरी की मांग भी तेज हो सकती है.

इससे पहले शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें करीब 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थीं.

इस बदलाव के बाद दिल्ली में पेट्रोल अब 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

जहां एक तरफ पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, वहीं घरेलू पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की कीमतें 1 अप्रैल, 2026 की दरों के मुकाबले अपरिवर्तित बनी हुई हैं.

सीएनजी, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है, जब मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ की लगातार नाकेबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव बढ़ रहा है.

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ एक अहम वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, जिससे दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और गैस व्यापार के वाहन गुजरते हैं. इस संकरे रास्ते में रुकावटों की वजह से सप्लाई से जुड़ी चिंताओं ने दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों को तेज़ी से ऊपर धकेल दिया है, जिससे देश के अंदर भी कीमतों पर दबाव बढ़ गया है.

इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि भारत में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी अन्य देशों के मुकाबले कम रही है. उन्होंने बताया कि जहां कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम 20% से 100% तक बढ़े हैं, वहीं भारत में यह वृद्धि सीमित रखी गई है.

उन्होंने यह भी कहा कि जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी, तब भी सरकारी तेल कंपनियों ने कुछ समय तक नुकसान सहकर आम जनता को राहत देने की कोशिश की.

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद मोदी सरकार की आलोचना की है.

कांग्रेस ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, ‘महंगाई मैन मोदी का चाबुक फिर चला, सीएनजी के दाम आज फिर बढ़े. 15 मई को 2 रुपए और 17 मई को 1 रुपए.’

प्रमुख विपक्षी दल ने आगे लिखा, ‘अब तक मोदी ने सीएनजी 3 रुपए महंगी कर दी है. चुनाव ख़त्म होते ही, मोदी की वसूली चालू हो गई.’

गौरतलब है कि भले ही सरकार लगातार कह रही हो कि देश में पर्याप्त ईंधन है और किसी तरह का कोई ऊर्जा संकट नहीं है, लेकिन निरंतर बढ़ रही ईंधन की कीमतें आम लोगों के बजट पर दबाव बना रही हैं. आने वाले समय में यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं हुआ, तो ईंधन की कीमतें और बढ़ने की संभावना है.