केरल: दस साल बाद यूडीएफ के मुख्यमंत्री बने वीडी सतीशन, शपथ से पहले ही की कैबिनेट की घोषणा

कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के तौर 20 विधायकों के साथ शपथ ली है. सतीशन छह बार के विधायक हैं और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं. वो पहली बार 2001 में विधानसभा के लिए चुने गए और तब से लेकर अब तक पारावुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार हर चुनाव जीतते आए हैं.

शपथ ग्रहण के दौरान वीडी सतीशन. (फोटो साभार: कांग्रेस)

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सोमवार (18 मई) को केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ 20 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी मौजूद रहे. इनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे.

मालूम हो कि हाल ही में संपन्न हुए 140 विधानसभा सीटों वाले केरल चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएएफ) गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसमें कांग्रेस ने 63 सीटें अपने नाम की हैं, जबकि उसके सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), ने 22, केरल कांग्रेस ने 8 और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की हैं.

मुख्यमंत्री बने वीडी सतीशन 6 बार के विधायक हैं और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं. वो पहली बार 2001 में विधानसभा के लिए चुने गए और तब से लेकर अब तक पारावुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार हर चुनाव जीतते आए हैं.

उल्लेखनीय है कि वीडी सतीशन ने शपथ ग्रहण से पहले ही रविवार को 20 सदस्यीय मंत्रिपरिषद की घोषणा कर दी थी. नई मंत्रिपरिषद में अनुभवी नेताओं और नई पीढ़ी के चेहरों का मिश्रण देखने को मिला है. इसमें कांग्रेस के साथ यूडीएफ के प्रमुख सहयोगी दलों जैसे आईयूएमएल, केरल कांग्रेस और अन्य घटक दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है.

सतीशन मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों में रमेश चेन्निथला, सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, एपी अनिल कुमार, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिजू, टी. सिद्दीकी, केए थुलसी और ओजे जनीश (कांग्रेस) शामिल हैं. वहीं आईयूएमएल से पीके कुन्हालीकुट्टी, एन. समसुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर को मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

इसके अलावा केरल कांग्रेस (जोसेफ) से मॉन्स जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस (जैकब) से अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी से सीपी जॉन को भी मंत्री बनाया गया है.

सतीशन ने यह भी घोषणा की है कि तिरुवनचूर राधाकृष्णन केरल विधानसभा के स्पीकर के तौर पर काम करेंगे, जबकि शानिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है.

ज्ञात हो कि विधानसभा चुनावों में जीत के दस दिन बाद पार्टी ने राज्य के पूर्व नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त कर अगला मुख्यमंत्री घोषित किया था.

4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार गहन चर्चा चल रही थी, जिसमें वेणुगोपाल और सतीशन सबसे आगे माने जा रहे थे.

सतीशन को राज्य में कांग्रेस के सहयोगी दलों, खासकर 22 सीटें जीतने वाली इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का समर्थन पहले ही मिल चुका था. पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को एक दशक बाद सत्ता से बाहर करने का श्रेय भी काफी हद तक सतीशन को दिया गया.

दूसरी ओर, वेणुगोपाल को कांग्रेस के एक वर्ग के विधायकों का समर्थन प्राप्त था, हालांकि उन्होंने 2026 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता, तो राज्य में उपचुनाव कराना पड़ता, क्योंकि वे अलाप्पुझा से लोकसभा सांसद हैं. कांग्रेस नेतृत्व ने भी बहुत कम मौकों पर मौजूदा सांसदों को मुख्यमंत्री बनाया है. ऐसा आखिरी उदाहरण 2018 में देखने को मिला था, जब तत्कालीन सांसद कमल नाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था.