'आतंकी मॉड्यूल' केस से जुड़े युवा कश्मीरी डॉक्टर उमर नबी को उनके पड़ोसी मिसाल के तौर पर देखते हैं, वहीं दूसरे शख़्स मुज़म्मिल गनी अपने इलाके में एक शरीफ़ डॉक्टर के तौर पर पहचान रखते हैं. हालांकि, अभी अधिकारियों ने दिल्ली विस्फोट को 'जम्मू-कश्मीर आतंकी मॉड्यूल' की गिरफ़्तारियों से नहीं जोड़ा है, लेकिन इन डॉक्टरों के परिवारों के लिए फिलहाल राहत की कोई उम्मीद कम ही नज़र आती है.
कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हिरासत व कई गिरफ़्तारियों, और दिल्ली में हुए विस्फोट के तार आपस में जुड़े हैं या नहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन अज्ञात अधिकारियों के हवाले से मीडिया में आई ख़बरों में इन दोनों को जोड़ा जा रहा है.
मध्य कश्मीर के बडगाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो गया है. बडगाम को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए पहली राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में डोडा ज़िले में एक सरकारी शिक्षक को सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों को 'खून से तिलक करो, गोलियों से आरती करो' का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है. उक्त शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
बीते महीने लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद-लेह (एलएएचडीसी-एल) के विघटन के बाद अस्थिर लेह क्षेत्र पर नौकरशाही का नियंत्रण है और लद्दाख में राजनीतिक अनिश्चितता और भी गहराती जा रही है. इस बीच लेह एपेक्स बॉडी ने स्थानीय प्रशासन द्वारा एलएएचडीसी-एल चुनाव को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के निर्णय की आलोचना की है.
कठुआ ज़िले में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ईसाई धार्मिक प्रचारकों के एक समूह पर हमला किया गया. इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कथित तौर पर कर्तव्य निर्वहन न करने के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.
जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को राज्यसभा की चार सीटों के चुनाव परिणाम ने उस वक़्त सबको चौंका दिया, जब भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी गणित को मात देते हुए एक सीट अपने नाम की. इस चुनाव में 'इंडिया' गठबंधन ने बाकी तीन सीटों पर जीत हासिल की, जो उम्मीद के मुताबिक परिणाम था.
लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोकतंत्र की बहाली के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) ने सोमवार (6 अक्टूबर) को कहा कि प्रशासन उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को धमका रहा है.
लद्दाख निवासी और जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थक स्टैनज़िन दोरजे, जो संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चल रहे आंदोलन का हिस्सा थे, ने कथित तौर पर मंगलवार को आत्महत्या कर ली.
लद्दाख में हज़ारों लोग लेह में सड़कों पर उतर आए और 2019 में केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र के लिए विशेष संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस से भिड़ गए. लेह के कुछ हिस्सों में भारी पथराव हुआ व भाजपा कार्यालय और एक पुलिस वैन में आग लगा दी गई.
उत्तरी कश्मीर में वरिष्ठ हुर्रियत नेता अब्दुल गनी भट के निधन के बाद गुरुवार (18 सितंबर) को अधिकारियों ने घाटी में कुछ राजनीतिक नेताओं को कथित तौर पर नज़रबंद कर दिवंगत नेता के घर जाने पर प्रतिबंध लगा दिए. गनी भट के परिजनों का आरोप है कि उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ उन्हें रात में ही मृत नेता को दफ़नाने को मजबूर किया गया.
कश्मीर के सेब उद्योग को इस बार लगभग 1,200 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान होने की संभावना है. इसकी वजह हाल ही में हुई भारी बारिश है, जिसमें जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को पहुंचे नुकसान के चलते किसान और व्यापारी हज़ारों टन सेब और नाशपाती देश-विदेश के फल बाज़ारों तक पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
किश्तवाड़ के एक सामाजिक कार्यकर्ता के संवैधानिक अधिकारों को 'कुचलने' के लिए प्रशासन को फटकारते हुए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने जन सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी दस महीने से ज़्यादा लंबी 'अवैध' हिरासत को रद्द करते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया.
जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी में आप विधायक मेहराजुद्दीन मलिक की हिरासत के ख़िलाफ़ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रशासन ने इन्हें रोकने के लिए बुधवार को डोडा ज़िले में कर्फ़्यू लगा दिया. वहीं, पड़ोसी किश्तवाड़ ज़िले में भी मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया है.
जम्मू कश्मीर में आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज-उद-दीन मलिक को पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है. उनकी हिरासत के विरोध में मंगलवार (9 सितंबर) को आप के गढ़ वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. इस बीच डोडा ज़िले के कुछ हिस्सों में हाई स्पीड इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है.