छत्तीसगढ़ में बेमेतरा ज़िले के बिरनपुर गांव में हुई कथित सांप्रदायिक हिंसा के ख़िलाफ़ हिंदू संगठनों ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था. इस दौरान जगदलपुर में बस्तर क्षेत्र के भाजपा नेताओं और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में मुसलमानों और ईसाइयों के आर्थिक बहिष्कार का संकल्प लेता वीडियो सामने आया है.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने एक आदेश जारी कर पुलिस कर्मचारियों को एफ़आईआर, डायरी या चार्जशीट दर्ज करते समय जटिल उर्दू और फ़ारसी शब्दों की जगह सरल शब्दों का प्रयोग करने के लिए कहा है. कहा गया है कि निर्देशों का पालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
स्टैंड-अप कॉमेडियन और ब्लॉगर यश राठी के ख़िलाफ़ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भगवान राम के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर केस दर्ज कराया गया है. हिंदुत्ववादी संगठन भैरव वाहिनी की राज्य इकाई के अध्यक्ष ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दी थी.
हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा जनवरी में जारी एक रिपोर्ट के बाद अडानी समूह से जुड़ी कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट देखी गई. एलआईसी ने समूह की कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी हिंडनबर्ग रिपोर्ट जारी होने से पहले बढ़ाई या बाद में, इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है.
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में आईटी नियम, 2021 में किए गए हालिया संशोधनों को चुनौती दी है, जो सरकार को उसके द्वारा 'फ़र्ज़ी' क़रार दी गई सामग्री को सोशल मीडिया से हटवाने का अधिकार देते हैं. इसे सुनते हुए जस्टिस गौतम पटेल ने कहा कि किसी बात या बयान की कई व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन इससे यह ग़लत या फ़र्ज़ी नहीं हो जाती.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क पर अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी की है, जिसमें वेदों और पुराणों सहित भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न पहलुओं में विशेषज्ञता रखने पर छात्रों को क्रेडिट दिया जाएगा. यह कक्षा 5 से पीएचडी स्तर तक सीखने के घंटों के आधार पर सौंपे गए क्रेडिट को कवर करेगा.
इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने एनसीईआरटी द्वारा स्कूली पाठ्यपुस्तकों से मुग़ल इतिहास, महात्मा गांधी से संबंधित सामग्री समेत कई अन्य अंश हटाए जाने को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि जो शिक्षाविद तार्किक वैज्ञानिक ज्ञान का महत्व समझते हैं, उन्हें यह ग़लत और अस्वीकार्य लगेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता यूसुफ़ मलिक के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत लगाए गए आरोपों को ख़ारिज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस आधार के एनएसए लगाने से राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगते हैं.
अमेरिका हो या भारत, पाठ्यपुस्तकों को बैन करने, उन्हें संशोधित करने या उन्हें चुनौती देने की प्रक्रिया स्वतःस्फूर्त नहीं होती. इसके पीछे रूढ़िवादी, संकीर्ण नज़रिया रखने वाले संगठन; समुदाय या आस्था के आधार पर एक दूसरे को दुश्मन साबित करने वाली तंज़ीमें साफ़ दिखती हैं.
जनवरी में कई पहलवानों ने आरोप लगाया था कि कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह कई वर्षों से महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं, जिसके बाद जांच के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया था. अब एक समिति सदस्य द्वारा इसकी रिपोर्ट पर आपत्ति जताने की बात सामने आई है.
30 मार्च को हावड़ा जिले में रामनवमी के जुलूस के दौरान कथित पथराव के बाद हुई हिंसा में 10 लोग घायल हो गए थे. इसके अगले तीन दिनों में हिंसा उत्तरी दिनाजपुर और हुगली ज़िलों में फैल गई, जहां आठ लोग घायल हुए थे. भाजपा ने एक याचिका दायर कर हिंसा की घटनाओं की जांच एनआईए से करवाने की मांग की है.
अक्टूबर 2018 में सिलसिलेवार तरीके से किए गए ट्वीट में फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. मुरलीधर ने भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी गौतम नवलखा को नज़रबंदी से मुक्त करने का फैसला किया था, क्योंकि वह उनकी पत्नी के दोस्त थे.
उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के पालदा गांव में एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनके परिवार ने कुछ मुस्लिम युवकों पर इसका आरोप लगाया था. हत्या मामले में चार लोगों की गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने कहा है कि मुस्लिमों के घरों में आगज़नी की कोशिश करने वालों की पहचान कर केस दर्ज किया जाएगा.
पुलिस ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत ज़िले के संदल कलां गांव में रविवार रात लगभग नौ बजे हथियारबंद लोगों ने नमाज़ अदा कर रहे लोगों पर कथित तौर पर हमला कर मस्जिद में तोड़फोड़ की थी. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, छह हिरासत में हैं.
वर्ष 2020 की शुरुआत में पूर्वोत्तर दिल्ली के जाफ़राबाद में हुए दंगों के दौरान हुई झड़पों में कथित संलिप्तता के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन साल पहले 9 अप्रैल को गुलफ़िशा फ़ातिमा को गिरफ़्तार किया था. 13 मई 2020 को जब मामले में उन्हें ज़मानत मिल गई तो उन पर एक नई एफआईआर दर्ज कर ली गई.