छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. टीएस सिंहदेव ने राज्य की भूपेश बघेल सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए धन आवंटित नहीं करने का आरोप लगाते हुए जुलाई 2022 में पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के महंगे शौक अब देश पर भारी पड़ रहे हैं. रफाल डील में जो हुआ, वहीं अब अमेरिका के प्रीडेटर्स ड्रोन्स की ख़रीद में दोहराया जा रहा है. जिस ड्रोन को बाकी मुल्क चार गुना कम कीमत में ख़रीदते हैं, उसी ड्रोन को ख़रीदने पर हम 880 करोड़ प्रति ड्रोन ख़र्च कर रहे हैं.
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 17 जून को 'राहुल गांधी ख़तरनाक हैं और एक चालाक खेल खेल रहे हैं...' लिखते हुए एनिमेटेड वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें राहुल गांधी के भाषणों का कथित तौर पर मज़ाक उड़ाया गया था. कर्नाटक कांग्रेस नेता रमेश बाबू की शिकायत पर मालवीय के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिए एक भाषण में समान नागरिक संहिता की पुरज़ोर वकालत की थी. इस पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा है कि वे कई मोर्चों पर उनकी सरकार की विफलता से ध्यान भटकाने के लिए विभाजनकारी राजनीति का सहारा ले रहे हैं.
वीडियो: वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश मानते हैं कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय राजनीति में एक नया टर्निंग पॉइंट ज़रूर है लेकिन आम चुनाव अलग तरह से होते हैं, जहां उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्य महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं. इस बारे में उनका नज़रिया.
पशुधन के परिवहन को लेकर कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि अगर कोई क़ानून को अपने हाथ में लेता है, तो उसे पकड़ा जाए और उस पर मुक़दमा चलाया जाए. हालांकि, भाजपा ने उनके भाषण का एक हिस्सा उठाकर उन पर राज्य में अवैध गोहत्या को बढ़ावा देने का आरोप लगा दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के समय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई थी. इसकी आलोचना करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि जब ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति थे, तब छह मुस्लिम-बहुल देशों पर 26,000 से अधिक बमों से हमला किया गया था.
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा ज़िले के जदूरा गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि शनिवार को सेना के जवान एक स्थानीय मस्जिद में घुस गए और लोगों को ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया. जम्मू कश्मीर के विभिन्न नेताओं ने घटना की जांच करने और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की मांग की है.
बीते 22 जून को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई थी. हालांकि नरेंद्र मोदी ने देश में धार्मिक भेदभाव की बात से इनकार किया था. इसके बाद असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश में कई ‘हुसैन ओबामा’ है, उन पर ध्यान देने की ज़रूरत है. असम पुलिस प्राथमिकता के आधार पर काम करेगी.
इंदिरा गांधी यदि नरेंद्र मोदी की तरह बिना आपातकाल वैसे हालात पैदाकर लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं के क्षरण को अंजाम दे सकतीं, तो भला आपातकाल का ऐलान क्यों करातीं?
एक टीवी इंटरव्यू में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अगर वे नरेंद्र मोदी से बातचीत करते तो देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का ज़िक्र होता. उधर, अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में धर्म, जाति आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है.
मणिपुर की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 24 जून को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है. विपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बैठक से अनुपस्थिति इस विषय पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की गंभीरता की कमी को दर्शाती है, जबकि मणिपुर में छह सप्ताह से अधिक समय से भड़की जातीय हिंसा जारी है.
पिछले डेढ़ महीने से मणिपुर में जातीय हिंसा का दौर जारी है. बीते बुधवार को बिष्णुपुर ज़िले में एक आईईडी विस्फोट में एक आठ वर्षीय लड़का और दो किशोर घायल हो गए. वहीं, कांगपोकपी ज़िले के दो गांवों में भी अंधाधुंध गोलीबारी हुई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति पर चर्चा के लिए 24 जून को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है.
उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के समिति से मिलने वाले लद्दाख के नेताओं ने कहा है कि अगर एजेंडा में राज्य का दर्जा और विशेष दर्जे पर बातचीत शामिल नहीं हुई तो वे आगामी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे.
कांग्रेस सहित दस विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मणिपुर में जातीय हिंसा को हल करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की. विपक्षी दलों ने हिंसा को रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार की 'बांटो और राज करो की राजनीति' को ज़िम्मेदार ठहराया है.