भारतीय संविधान

बढ़ते हिंदू राष्ट्रवाद से भारत की धर्मनिरपेक्षता को नुकसान पहुंच रहा है: रिपोर्ट

अमेरिका की एक संसदीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में हिंदू राष्ट्रवाद उभरता राजनीतिक बल है और देश की धार्मिक स्वतंत्रता पर नए हमलों की वजह बन रहा है.

झारखंडः क्या ईसाई संगठनों पर दमनकारी रवैया अपना रही सरकार?

झारखंड में ईसाई संगठन और चर्च राज्य सरकार के रवैये पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. जबकि कुछ घटनाओं को केंद्र में रखकर भाजपा तथा आरएसएस-विहिप भी मिशनरी संस्थाओं पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है.

‘भारत की राष्ट्रीयता किसी एक भाषा या एक धर्म पर आधारित नहीं है’

7 जून 2018 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय पर हुए समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दिया गया पूरा भाषण.

उत्तर प्रदेश में बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुल. (फोटो: द वायर)

अब तो जज भी बोल रहे हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है: भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले

दलितों के मसले पर भाजपा में बाग़ी सुर अपनाने वाली उत्तर प्रदेश के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले से अमित सिंह की बातचीत.

पत्थलगड़ी आंदोलन से भाजपा सरकारें क्यों डरी हुई हैं?

पत्थलगड़ी आंदोलन के रूप में जनता द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देना सरकारों के लिए मुश्किल हो गया है.

Khunti: Tribals hold bows and arrows near a Patthalgarhi spot at Maoist-affected village Siladon under Khunti district of Jharkhand on Tuesday. The Patthalgarhi movement says that the “gram sabha” has more weight than either the Lok Sabha or the Vidhan Sabha in scheduled areas. PTI Photo (PTI5_1_2018_000146B)

पत्थलगड़ी आंदोलन का उभार राजभवनों की निष्क्रियता का परिणाम है

कुछेक अपवाद छोड़ दिए जाएं तो संविधान लागू होने के बाद से आज तक किसी भी राज्य के राज्यपाल ने पांचवीं अनुसूची के तहत मिले अपने अधिकारों और दायित्वों का निर्वहन आदिवासियों के पक्ष में करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है.

क्यों झारखंड में आदिवासी ‘पत्थलगड़ी’ आंदोलन कर रहे हैं?

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड के कई आदिवासी इलाकों में इन दिनों पत्थलगड़ी की मुहिम छिड़ी है. ग्रामसभाओं में आदिवासी गोलबंद हो रहे हैं और पत्थलगड़ी के माध्यम से स्वशासन की मांग कर रहे हैं.

भारतीय होने का मतलब ही सेकुलर होना है, ऐसा देश का संविधान कहता है

आजकल सेकुलर (कुछ के लिए सिकुलर) शब्द आतंकवादी, देशद्रोही, पाकिस्तानी एजेंट, टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे कई शब्दों का पर्याय बन गया है.

पंडितों के बगैर अधूरा है कश्मीर: फारुक अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, अगर केंद्र सरकार कश्मीरी लोगों का दिल जीतना चाहती है तो राज्य की स्वायत्तता बहाल करनी चाहिए.

सरकारी अफ़सरान हों या मुंसिफ़, ख़ुद को सामाजिक नैतिकता का प्रहरी मान बैठते हैं

व्यक्ति कुछ मौलिक अधिकारों से संपन्न है. संविधान इन अधिकारों की निशानदेही कर राज्य को बताता है कि वह व्यक्ति के जीवन में कहां हस्तक्षेप नहीं कर सकता.

क्या जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हों, उसे देश का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना चाहिए?

जस्टिस दीपक मिश्रा को देश का मुख्य न्यायाधीश बनाये जाने पर सवाल उठा रहे हैं पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण.

आज़ादी अगस्त में पैदा हुई थी इसलिए मर गई

लगता है वह एक ही प्रधानमंत्री है जो अपने चोले और शक्ल बदल कर हर बरस घंटे भर कुछ बोलता है. उसे इस बार भी बोलना है. जब मैं यह लिख रहा हूं उसके बोले जाने वाले शब्द लिखे जा चुके होंगे. उनके बोलने में लोकतंत्र हर बार मजबूत होता है. उन्हें सुनकर इंसान हर बार मजबूर होता है.

गिरफ्तारी की स्थिति में लोगों को उनके अधिकारों के बारे में बताएं सरकारें: दिल्ली उच्च न्यायालय

न्यायालय में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकारें नागरिकों के अधिकारों के संदर्भ में अनभिज्ञता का फायदा उठाकर अनुच्छेद 22 (2) का उल्लंघन कर रही हैं.