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आपके लिए अमृत काल है, सफाईकर्मियों और उनके परिवार के लिए नहीं: बेजवाड़ा विल्सन

वीडियो: बीते साल केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में बताया था कि पिछले पांच सालों में मैला साफ करने से एक भी मौत नहीं हुई. हालांकि सफाई कर्मचारी आंदोलन के संयोजक बेजवाड़ा विल्सन के मुताबिक़, इसी काम को करते हुए बीते पांच सालों में 535 लोगों की जान गई. देशभर में सफाई कर्मचारी सीवर साफ करने के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं. इस बारे में बेजवाड़ा विल्सन से बातचीत.

2018 से 2020 के बीच यूएपीए के तहत 4,690 लोग गिरफ़्तार हुए, 149 दोषी ठहराए गए: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि 2018 से 2020 के बीच यूएपीए के तहत सर्वाधिक 1,338 गिरफ़्तारियां उत्तर प्रदेश में हुईं. उसके बाद मणिपुर में 943 और जम्मू कश्मीर में 750 लोगों को इस क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया. इनमें से अधिकांश लोग 18-30 वर्ष की उम्र के थे.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 84,405 पद ख़ाली, दिल्ली पुलिस में क़रीब 12,000 रिक्तियां: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सर्वाधिक 29,985 पद सीआरपीएफ में रिक्त हैं, जबकि बीएसएफ में 19,254 और एसएसबी में 11,402 पद ख़ाली हैं. इसके अलावा सीआईएसएफ में 10,918, असम राइफल्स में 9,659 और आईटीबीपी में 3,187 रिक्तियां हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

बिना समय गंवाए कोविड-19 से मृत लोगों के परिजनों को मुआवज़ा दें राज्य: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को बिना समय गंवाए कोविड-19 से मृत लोगों के परिजनों को मुआवज़े का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि अगर किसी दावेदार को मुआवज़ा राशि का भुगतान न किए जाने या फिर उनका दावा ठुकराए जाने के संबंध में कोई शिकायत है तो वे संबंधित शिकायत निवारण समिति का रुख़ कर सकते हैं.

संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र पर किसानों से किए वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया

निरस्त हो चुके तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर समिति का गठन किया गया और न ही आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज फ़र्ज़ी मामले वापस लिए गए हैं.

एसकेएम का दावा, केंद्र के निर्देशों पर किसान आंदोलन से जुड़े ट्विटर अकाउंट बंद किए गए

केंद्र द्वारा रद्द कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि ट्विटर ने केंद्र सरकार के निर्देशों पर आंदोलन से जुड़े लगभग 12 अकाउंट बंद किए हैं. उन्होंने मांग की है कि ऐसे सभी ट्विटर अकाउंट जिन पर अलोकतांत्रिक और अनुचित रूप से रोक लगाई गई है, उन्हें बहाल किया जाए.

ट्विटर ने सरकार के अनुरोध पर स्तंभकार के अकाउंट पर रोक लगाई

पत्रकार और स्तंभकार सीजे वेरलेमैन ‘इस्लामोफोबिया’ और संघर्ष एवं आतंकवाद जैसे मुद्दों पर लिखा करते हैं. वेरलेमैन ने कहा है कि नरेंद्र मोदी की धुर-दक्षिणपंथी, हिंदू फासीवादी शासन की मांग पर भारत में उनके ट्विटर अकाउंट पर रोक लगा दी गई है.

निजी कंपनियों का दावा- पेट्रोल पर 20-25, डीज़ल पर 14-18 रुपये लीटर का नुकसान, सरकार को पत्र लिखा

फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री ने निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को राहत प्रदान करने, उनके लिए एक अधिक व्यवहार्य निवेश वातावरण बनाने और इस क्षेत्र में निवेश, रोज़गार सृजन को आकर्षित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के हस्तक्षेप की मांग की है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी छत्तीसगढ़ को पर्याप्त ईंधन देने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है.

अशोक गहलोत के भाई के आवास पर सीबीआई की छापेमारी; कांग्रेस ने कहा- प्रतिशोध की राजनीति

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007-09 के बीच किसानों के लिए पोटाश म्यूरेट का निर्यात दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और अन्य बाज़ारों में ‘औद्योगिक सॉल्ट’ के रूप में किया गया था, जबकि यह निर्यात के लिए प्रतिबंधित है. छापेमारी पर कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों में अग्रिम भूमिका निभाई थी जिस कारण सरकार ने यह क़दम उठाया है.

अग्निपथ योजना: व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच सरकार ने साल 2022 के लिए आयु सीमा बढ़ाई

अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पिछले दो वर्षों के दौरान भर्ती करना संभव नहीं हुआ, सरकार ने साल 2022 के लिए प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया के लिए आयु सीमा पूर्व में घोषित 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी है.

मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीज़ल की कमी

मांग में अचानक आए उछाल की वजह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में कुछ पेट्रोल पंप तेल की कमी का सामना कर रहे हैं. सरकार ने कहा है कि ईंधन की अधिक मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन सरकारी पेट्रोल पंपों पर भीड़ ने ग्राहकों के इंतज़ार की अवधि को बढ़ा दिया है.

‘आधार’ की फोटोकॉपी के दुरुपयोग संबंधी चेतावनी के दो दिन बाद सरकार ने परामर्श वापस लिया

27 मई को यूआईडीएआई के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में आधार धारकों को सलाह दी थी कि वे अपने कार्ड की फोटोकॉपी किसी भी संगठन के साथ साझा न करें, क्योंकि इसके दुरुपयोग की संभावना है. अब इसे वापस लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि आधार पहचान के सत्यापन की व्यवस्था ने धारक की पहचान और गोपनीयता की रक्षा के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं.

यूएपीए का प्रावधान राजद्रोह से भी ज्यादा ख़तरनाक: जस्टिस मदन बी. लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने राजद्रोह क़ानून को लेकर शीर्ष अदालत के हालिया आदेश को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस क़ानून में कुछ अपवाद थे जहां राजद्रोह के आरोप लागू नहीं किए जा सकते पर यूएपीए की धारा 13 के तहत कोई अपवाद नहीं हैं. यदि यह प्रावधान बना रहता है, तो यह बद से बदतर स्थिति में जाने जैसा होगा.

राजीव गांधी हत्याकांड मामले के दोषी पेरारिवलन की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया

तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बदुर में 21 मई, 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को विस्फोट से उड़ा लिया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई थी. महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी. मामले के चारों दोषियों एजी पेरारिवलन, मुरुगन, संथन और नलिनी को मौत की सज़ा दी गई थी, जिसे बाद में उमक़ैद में बदल दिया गया था.

राजद्रोह पर रोक सही है पर अदालतों को सरकारी दमन के ख़िलाफ़ खड़े होना चाहिए

ऐसी संभावना है कि राजद्रोह का आसन्न अंत देश भर में पुलिस (और उनके आकाओं) को आलोचकों को डराने और पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं व विपक्षी नेताओं को चुप कराने के तरीके के रूप में अन्य क़ानूनों के उपयोग को बढ़ा देगा.