हमारा संविधान: अनुच्छेद 105 – संसद सदस्यों के विशेषाधिकार

वीडियो: सांसदों के पास क्या कोई विशेष अधिकार होते है? क्या उन्हें दीवानी और फौजदारी मामलों में कोई ख़ास सुरक्षा मिलती है? अगर लोकसभा या राज्यसभा में कोई सदस्य अपनी बात रखता है, तो क्या उस पर अपनी बात आज़ादी से कह पाने के लिए संविधान में कोई ख़ास अनुच्छेद है, बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

पत्रकार संगठनों ने मीडिया की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की

विभिन्न पत्रकार संगठनों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में कहा है कि आज हमारे समुदाय को एक घातक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पत्रकारों के ख़िलाफ़ कठोर क़ानूनों का उपयोग तेज़ी से बढ़ गया है. ये क़ानून ज़मानत का प्रावधान नहीं करते, इसके तहत कारावास आदर्श है, न कि अपवाद.

हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि पर रोक से इनकार के बाद लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फ़ैज़ल अयोग्य क़रार

यह दूसरी बार है जब लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फ़ैज़ल अयोग्य घोषित हुए हैं. इससे पहले जनवरी में हत्या के प्रयास के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था. केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा फैसले पर रोक के बाद उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी.

सांसदों की दी गई संविधान प्रति की प्रस्तावना में सोशलिस्ट और सेकुलर शब्द नहीं: कांग्रेस नेता

नए संसद भवन में पहली बैठक के अवसर पर सभी सांसदों को भारतीय संविधान की प्रति वितरित की गई थीं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि संविधान की उक्त प्रति की प्रस्तावना में 'समाजवाद' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द नहीं हैं.

संविधान की संघीय और धर्मनिरपेक्षता जैसी बुनियादी विशेषताओं को बदला नहीं जा सकता: पूर्व सीजेआई

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने एक कार्यक्रम में कहा कि बुनियादी संरचना सिद्धांत संवैधानिक शासन और क़ानून के शासन को स्थिरता देते हैंं.

वयस्क अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने और रहने के लिए स्वतंत्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक अंतरधार्मिक जोड़े द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से उत्पन्न होती है. अपनी याचिका में मुस्लिम महिला और उसके हिंदू पार्टनर ने उनके परिवार के सदस्यों को उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप न करने का निर्देश देने की मांग की थी.

आरएसएस प्रमुख को सरकार से जाति जनगणना कराने को कहना चाहिए: राजद सांसद मनोज झा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि जब तक समाज में भेदभाव मौजूद है असमानता बनी रहेगी और तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए. इस पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा है कि वे सरकार से कहें कि वह जाति जनगणना करवाए अन्यथा उनका कथन सिर्फ ख़बरों में रहने के लिए ज़बानी जमाख़र्च है.

संविधान, व्यवस्था और स्वप्न दोनों का दस्तावेज़ है

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: औपनिवेशिक सत्ता के अंतर्गत हम प्रजा थे: हमें नागरिक हमारे संविधान ने बनाया. नागरिक संविधान के केंद्र में है जहां से उसे अपदस्थ करने का विराट प्रयत्न हो रहा है.

संविदा आधारित महिला कर्मचारी भी मातृत्व लाभ की हक़दार है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि काम का माहौल इतना अनुकूल होना चाहिए कि एक महिला के लिए व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के संबंध में निर्बाध निर्णय लेना सरल हो और जो महिला करिअर और मातृत्व दोनों को चुनती है, उसे किसी एक निर्णय को लेने के लिए मजबूर न किया जाए.

हमारा संविधान: क्या एक व्यक्ति दो अलग-अलग सीट से चुनाव लड़ सकता है?

वीडियो: क्या एक व्यक्ति राज्यसभा और लोकसभा दोनों से चुनाव लड़ सकता है, क्या एक व्यक्ति दो अलग-अलग सीट से चुनाव लड़ सकता है, क्या कोई सांसद अपनी सदस्यता इसलिए खो सकता है कि वो लगातार बिना बताए संसद नहीं आ रहा है? संविधान इस पर क्या कहता है?

ज़मानत देते समय अदालत को क़ैदी की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए: कोर्ट

ज़मानत नीति में सुधार के एक मामले को सुनते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालतों द्वारा हर प्रयास किया जाना चाहिए कि जब वे ज़मानत दें, तो इसका कोई अर्थ होना चाहिए क्योंकि ऐसी ज़मानत शर्तें, जो क़ैदी की आर्थिक स्थिति से परे हों, लगाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता है.

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को रोज़गार या पदोन्नति से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यह आदेश एक सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल की याचिका पर दिया, जिसमें एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी. एकल पीठ ने सीआरपीएफ द्वारा जारी आदेश के ख़िलाफ़ कॉन्स्टेबल की अपील को ख़ारिज कर दिया था, जिसने उन्हें इस आधार पर पदोन्नति देने से इनकार कर दिया था कि व​ह एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे.

अदालतें लोकतंत्र में चुनाव पर रोक नहीं लगा सकतीं, ये ‘बिल्कुल शक्तिहीन’ हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की कर्नाटक डिवीज़न में चुनाव होने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था. इस दौरान शीर्ष अदालत ने सभा के चुनाव कराने संबंधी कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को बरक़रार रखते हुए कहा कि हम चुनाव पर रोक नहीं लगा सकते, अगर यह अनुच्छेद 329 के तहत आने वाला मामला है तो हम बिल्कुल शक्तिहीन हैं.

आरोपियों को चुप रहने का अधिकार, उन्हें बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को उस पर लगे आरोपों के ख़िलाफ़ अधिकार देता है, कहा कि सभी आरोपियों को चुप रहने का अधिकार है और जांचकर्ता उन्हें बोलने या अपराध स्वीकारने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. जांच में ‘सहयोग’ का मतलब ‘स्वीकारोक्ति’ नहीं हो सकता.

तमिलनाडु सीएम ने राष्ट्रपति को लिखा- आरएन रवि शांति के लिए ख़तरा, राज्यपाल रहने योग्य नहीं

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में राज्यपाल आरएन रवि को पद से हटाए जाने की भी मांग करते हुए उन पर तमिल संस्कृति को 'बदनाम' करने, 'सस्ती राजनीति' में शामिल होने और 'सांप्रदायिक नफ़रत' भड़काने का आरोप लगाया है.

1 2 3 4 5 25