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मेटा ने 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, ज़ुकरबर्ग ने ‘ज़िम्मेदारी ली’

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने 11,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है. कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, ‘व्यापक आर्थिक मंदी, प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन हानि ने राजस्व को बहुत कम कर दिया है. मैंने इसका गलत आकलन किया और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं.’

कर्नाटक: पुलवामा हमले का जश्न मनाने के आरोप में छात्र को यूएपीए के तहत 5 साल की क़ैद

आरोप है कि 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र फ़ैज़ रशीद ने आतंकवादी हमले का जश्न मनाते हुए सेना का मज़ाक उड़ाया था और विभिन्न मीडिया संस्थानों की पोस्ट पर 23 टिप्पणियां की थीं. अदालत ने रशीद को आईपीसी की धारा धारा 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत भी दोषी पाया. 

भारत विरोधी सामग्री प्रसारित करने के आरोप में केंद्र सरकार ने 8 यूट्यूब चैनल पर प्रतिबंध लगाया

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि ब्लॉक किए गए भारतीय यूट्यूब चैनल फ़र्ज़ी और सनसनीखेज़ थंबनेल, न्यूज़ एंकर के फोटो और कुछ समाचार चैनल के लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे. साथ ही उनके द्वारा प्रसारित सामग्री सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की क्षमता रखती है.

कर्मचारी राष्ट्रविरोधी, सांप्रदायिक सोशल मीडिया समूहों से बाहर निकलें: मणिपुर सरकार

मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को उन सोशल मीडिया समूहों से बाहर निकलने का निर्देश दिया है, जो ‘अलगाववादी’, ‘राष्ट्र-विरोधी’ और ‘सांप्रदायिक’ एजेंडे के प्रचार में लिप्त हैं. विशेष गृह सचिव द्वारा जारी एक पत्र में कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को 12 अगस्त शाम छह बजे तक वॉट्सऐप और फेसबुक पर ऐसे समूहों से बाहर निकलना होगा.

2022 के छह महीनों में ट्विटर सामग्री ब्लॉक करने के सरकारी आदेश 2019 के आंकड़ों के पार

2014 से 2020 के बीच केंद्र की मोदी सरकार द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया कंपनियों और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को जारी किए गए सामग्री हटाने या ब्लॉक करने संबंधी आदेशों की संख्या में लगभग 2,000 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2014 में ऐसे आदेशों की संख्या 471 थी, जो कि 2020 में बढ़कर 9,849 पहुंच गई. यह भारत में बढ़ती ऑनलाइन सेंसरशिप की प्रवृत्ति को उजागर करता है.

मई महीने में फेसबुक ने देश में 1.75 करोड़ सामग्रियों पर कार्रवाई की

फेसबुक के अलावा मेटा के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम ने समान अवधि के दौरान 12 श्रेणियों में क़रीब 41 लाख सामग्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की. मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मई में 19 लाख से अधिक भारतीय एकाउंट पर रोक लगाई गई.

फेसबुक पर नफ़रत फैलाने वाली पोस्ट 82% बढ़ीं, इंस्टाग्राम पर हिंसक सामग्री में 86 फीसदी इजाफ़ा

मेटा द्वारा 31 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक ने अप्रैल में नफ़रत फैलाने वाली 53,200 पोस्ट का पता लगाया, जो मार्च की ऐसी 38,600 पोस्ट की तुलना में 82 प्रतिशत अधिक है. इंस्टाग्राम ने अप्रैल में 77,000 हिंसक और उकसावे वाली सामग्रियों पर कार्रवाई की. यह आंकड़ा मार्च में 41,300 था.

गिरफ़्तार आईएएस अधिकारी के साथ अमित शाह की तस्वीर साझा करने पर फिल्मकार के ख़िलाफ़ केस दर्ज

गुजरात पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाल में गिरफ़्तार की गईं झारखंड की खनन सचिव पूजा सिंघल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर साझा करने के मामले में फिल्मकार अविनाश दास के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. इसके अलावा उनके ख़िलाफ़ फेसबुक पर 17 मार्च को छेड़छाड़ की गई एक तस्वीर साझा करके राष्ट्रध्वज का अपमान करने के आरोप में भी केस किया गया है, जिसमें एक महिला तिरंगा पहने दिख रही है.

क्या विभाजनकारी कंटेंट के चलते भाजपा को फेसबुक पर सस्ती विज्ञापन दर प्राप्त हुई

भाजपा के समर्थकों और इसके ध्रुवीकृत करने वाले कंटेंट ने फेसबुक के एल्गोरिदम पर सस्ती दर पर विज्ञापन दिलाने में मदद की, जिसके चलते इसकी पहुंच काफ़ी अधिक बढ़ी.

चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया कंपनियों के सुनियोजित प्रभाव और दखल पर रोक लगे: सोनिया गांधी

लोकसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अल जज़ीरा और द रिपोर्टर्स कलेक्टिव द्वारा प्रकाशित फेसबुक के एल्गोरिदम संबंधी उन रिपोर्ट्स का ज़िक्र किया जिनमें इस सोशल मीडिया कंपनी द्वारा विपक्षी राजनीतिक दलों की तुलना में भाजपा को सस्ती दरों पर विज्ञापन देने का ख़ुलासा हुआ था.

2019 आम चुनाव में फेसबुक ने भाजपा को दी थी कांग्रेस के मुक़ाबले सस्ती विज्ञापन दर

फेसबुक द्वारा मिली सस्ती दरों ने भारत में फेसबुक के सबसे बड़े राजनीतिक ग्राहक- भारतीय जनता पार्टी को कम धनराशि में विज्ञापनों के ज़रिये ज़्यादा मतदाताओं तक पहुंचने में मदद की.

फेसबुक पर भाजपा के लिए प्रचार करने वाले गुमनाम विज्ञापनदाता कौन हैं

फेसबुक ने कई सरोगेट विज्ञापनदाताओं को भाजपा के प्रचार अभियान को गुप्त तरीके से फंड करने दिया, जिससे बिना किसी जवाबदेही के ज़्यादा लोगों तक पार्टी की पहुंच मुमकिन हुई.

विपक्ष ने फेसबुक पर भाजपा के अभियान को बढ़ावा देने को लोकतंत्र की हत्या क़रार दिया

विपक्षी नेताओं ने एक रिपोर्ट को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है, जिसमें दावा किया गया है कि मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाले भारत के सबसे बड़े उद्योग समूह ने 2019 के संसदीय चुनावों और नौ राज्यों के चुनावों में भाजपा की पहुंच और लोकप्रियता को बढ़ावा देने के लिए सरोगेट विज्ञापनों को बढ़ावा देने पर लाखों रुपये ख़र्च किए.

मुकेश अंबानी की रिलायंस द्वारा फंड प्राप्त कंपनी ने फेसबुक पर किया था भाजपा के लिए प्रचार

विशेष रिपोर्ट: क़ानूनी ख़ामियों, फेसबुक द्वारा नियमों के चुनिंदा इस्तेमाल के चलते मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस द्वारा वित्तपोषित एक कंपनी ने 2019 के आम चुनाव और कई विधानसभा चुनाव के दौरान फेसबुक पर ख़बरों की शक्ल में भाजपा समर्थक विज्ञापन चलाए, जो दुष्प्रचार और फ़र्ज़ी नैरेटिव से भरे हुए थे.