Fake Encounter

झारखंड: मुठभेड़ बताकर आदिवासी की हत्या करने के आरोप में आठ सुरक्षाकर्मियों पर केस दर्ज

पिछले साल जून में झारखंड के लातेहार ज़िले में सुरक्षाबलों की गोली से एक आदिवासी व्यक्ति की मौत हो गई थी. सुरक्षाबलों ने दावा किया था कि मृतक और उनके साथियों की ओर से हमला करने पर जवाबी कार्रवाई में व्यक्ति की मौत हुई, जबकि ग्रामीणों का दावा था कि सुरक्षाकर्मियों ने शिकार करने गए लोगोंं पर देखते ही फायरिंग शुरू कर दी थी.

1991 फ़र्ज़ी मुठभेड़: इलाहाबाद हाईकोर्ट का पीएसी के 34 पूर्व सिपाहियों को ज़मानत देने से इनकार

अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुछ सिख तीर्थयात्री 12 जुलाई 1991 को पीलीभीत से एक बस से तीर्थयात्रा के लिए जा रहे थे. उस बस में बच्चे और महिलाएं भी थीं. इस बस को रोक कर 11 लोगों को उतार लिया गया. इनमें से 10 लोगों की पीलीभीत के अलग अलग इलाकों में कथित मुठभेड़ दिखाकर हत्या कर दी गई. 11वां शख़्स एक बच्चा था, जिसका अब तक कोई पता नहीं चला. सिपाहियों ने इन्हें खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट का आतंकी बताया था.

यूपी: 18 वर्ष बाद फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में 18 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हत्या का केस दर्ज

आरोप है कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के जलालाबाद में 18 साल पहले अक्टूबर 2004 में तत्कालीन एसपी सहित 18 पुलिसकर्मियों ने दो ग्रामीणों को पकड़कर उनके गले में कारतूस की पेटी बांधकर तथा एक-एक बंदूक दोनों के कंधे पर लटकाकर उन्हें गोलियों से भून दिया था. बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें डकैतों के गिरोह का सदस्य बता दिया था. अदालत के आदेश के बाद इनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.

छत्तीसगढ़: मुठभेड़ में युवक की मौत, पुलिस ने नक्सली बताया; परिवार ने कहा- पुलिस ने मार डाला

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले के भरंडा गांव में बीते 23 जनवरी को एक कथित नक्सली मुठभेड़ में एक युवक की मौत हो गई थी. युवक की पहचान मानूराम नुरेटी के रूप में हुई है. उनकी पहचान डीआरजी बल के ही एक जवान रेनूराम नुरेटी के भाई के तौर पर हुई है. रेनूराम ने मुठभेड़ को फ़र्ज़ी क़रार देते हुए कहा है कि उनका भाई तो पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था.

पूर्व उग्रवादी की मौत पर मेघालय में क्यों मचा बवाल?

वीडियो: इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मेघालय में प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन हैनियोट्रैप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) के पूर्व महासचिव चेस्टरफील्ड थांगखियु की कथित मुठभेड़ में मौत के बाद शिलॉन्ग में भड़की हिंसा, असम मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 और असम-मिज़ोरम सीमा पर दोबारा हुई गोलीबारी को लेकर द वायर की नेशनल अफेयर्स एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

नॉर्थ ईस्ट डायरीः पूर्व उग्रवादी की फ़र्ज़ी मुठभेड़ का दावा, मेघालय पुलिस के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मेघालय, असम, मिज़ोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

मेघालयः पूर्व उग्रवादी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद भड़की हिंसा, गृहमंत्री ने इस्तीफ़ा दिया

मेघालय के गृहमंत्री लहकमन रिम्बुई ने 2018 में समर्पण में करने वाले पूर्व उग्रवादी चेरिस्टरफील्ड थांगखियु के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर शिलांग में हुई हिंसा के बीच रविवार को इस्तीफ़ा दे दिया. मौत को लेकर रविवार को प्रदर्शनों के दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच मेघालय सरकार ने राजधानी शिलांग में कर्फ्यू लगा दिया और कम से कम चार ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी है.

‘पुलिस ने मेरे भाई को मार दिया और अब वे नहीं चाहते कि हम उसकी क़ब्र पर दुआ भी पढ़ पाएं’

बीते दिनों जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में इमरान क़यूम नाम के शख़्स को आतंकवादी बताते हुए मार गिराने के बाद उनको दफ़ना दिया गया. इमरान के परिवार ने पुलिस के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि यह फ़र्ज़ी एनकाउंटर था. उन्होंने मामले की जांच के लिए उपराज्यपाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भी लिखा है.

जम्मू-कश्मीर: आतंकी मामले में गिरफ़्तार पुलिस अधिकारी को बर्ख़ास्त किया गया

जम्मू कश्मीर पुलिस ने जनवरी 2020 में पुलिस अधिकारी दविंदर सिंह को श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर एक गाड़ी में दो आतंकियों के साथ पकड़ा था. सिंह पर एनआईए ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को मदद देने का आरोप लगाया है.

जम्मू कश्मीरः उमर अब्दुल्ला का दावा- उन्हें और उनके परिवार को नज़रबंद किया गया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविववार को एक ट्वीट में कहा, ‘अगस्त 2019 के बाद यह नया जम्मू कश्मीर है. हमें बिना कारण बताए हमारे घरों में क़ैद कर दिया गया है.’ वहीं श्रीनगर पुलिस का कहना है कि पुलवामा हमले की बरसी के चलते वीआईपी और अन्य लोगों की आवाजाही कम की गई है.

जम्मू कश्मीर: निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह समेत छह के ख़िलाफ़ एनआईए ने चार्जशीट दायर की

जम्मू की विशेष अदालत में एनआईए ने कहा कि संवेदनशील जानकारियां हासिल करने के लिए जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया था और उन्होंने सीमा पर हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों को हथियार हासिल करने में मदद की.

हिजबुल आतंकियों के साथ पकड़े गए जम्मू पुलिस के डीएसपी को ज़मानत मिली

इस साल जनवरी में कथित तौर पर हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ़्तार जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा दर्ज एक मामले में 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दायर करने में विफल रहने के बाद ज़मानत मिली है.

इशरत जहां एनकाउंटर मामला: ट्रायल जज आरके चुडावाला का तबादला

विशेष सीबीआई जज आरके चुडावाला का स्थानांतरण ऐसे समय में हुआ है जब मुठभेड़ में शेष अभियुक्तों ने आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की थी. इससे पहले जज जेके पांड्या ने एक महीने में मामले के दो मुख्य आरोपियों डीजी वंजारा और एनके अमीन को आरोपमुक्त कर दिया था.

कश्मीरी पुलिस अधिकारी दविंदर सिंह के टेरर लिंक पर एनएसए अजीत डोभाल से कुछ सवाल

ऐसे समय में जब हमें यह बताया गया है कि अनुच्छेद 370 का हटना आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सबसे निर्णायक क़दम था, तब अगले मिशन पर जा रहे एक वांटेड आतंकी के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पकड़े जाने पर यक़ीन करना मुश्किल है.

2001 के संसद हमला मामले में दविंदर सिंह की भूमिका की जांच हो सकती है: जम्मू कश्मीर डीजीपी

जम्मू कश्मीर पुलिस की सिफारिश के बाद हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों के साथ पकड़े गए दविंदर सिंह को बहादुरी के लिए दिया गया शेर-ए-कश्मीर पुलिस पदक बुधवार को ‘वापस’ ले लिया गया. सिंह की सेवा से बर्खास्तगी की सिफारिश भी की गई है.