हमारे देश ने अपनी नैतिक दिशा खो दी है

सारी दुनिया में लाखों यहूदी, मुसलमान, ईसाई, हिंदू, कम्युनिस्ट, एग्नॉस्टिक लोग सड़कों पर उतरकर गाज़ा पर हमला फ़ौरन बंद करने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, वही मुल्क जो कभी फिलिस्तीन का सच्चा दोस्त था, जिन पर कभी लाखों लोगों के जुलूस निकले हुए होते, वही सड़कें आज ख़ामोश हैं.

18,000 फ़िलिस्तीनियों की हत्या के बाद जागा भारत, संयुक्त राष्ट्र में दिया वोट

वीडियो: बीते दिनों भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाए गए एक नए प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है, जिसमें गाज़ा में तत्काल मानवीय युद्धविराम का आह्वान किया गया था. अक्टूबर माह में भारत ने ऐसे ही एक प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया था. इस बीच इज़रायल के हमले में 18,600 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है.

क्यूरेटर द्वारा फ़िलिस्तीन के समर्थन और इज़रायल की आलोचना पर जर्मन फोटो प्रदर्शनी रद्द

जर्मनी की फोटो प्रदर्शनी बिएननेल फर एक्चुएल फोटोग्राफी के 2024 के संस्करण के क्यूरेटर शाहिदुल आलम ने फिलिस्तीन के समर्थन में फेसबुक पर कुछ पोस्ट किए थे, जिन्हें यहूदी विरोधी मान लिया गया और आयोजन रद्द कर दिया गया. क्यूरेटर की ओर से एक बयान में कहा गया है कि यह नस्लवादी और भेदभावपूर्ण है. फासीवाद वर्तमान में लौट रहा है.

मुंबई आतंकी हमले के 15 साल बाद इज़रायल ने लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगाया

26 नवंबर 2008 की रात लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी संगठन के दस सदस्य मुंबई शहर में घुस गए थे और अगले चार दिनों के दौरान उनकी आतंकी कार्रवाई में 166 लोगों की जान गई थी और 300 से अधिक घायल हुए थे. हमले में चार इज़रायली नागरिक भी मारे गए थे.

जिंदल विश्वविद्यालय में फिलिस्तीन पर​ व्याख्यान में की गई टिप्पणी पर पूर्व प्रोफेसर क़ायम

लेखक और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर अचिन वानाइक ने कहा कि फिलिस्तीन पर एक व्याख्यान को लेकर हरियाणा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय ने उनसे खेद जताने के लिए कहा है. विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि इस दौरान हिंदुत्व और इसके मुस्लिम विरोधी होने पर की गई उनकी टिप्पणी आपत्तिजनक थी.

अमेरिकी पत्रकारों ने इज़रायल द्वारा गाज़ा में पत्रकारों की हत्या की निंदा की

दुनियाभर के 1,265 मीडियाकर्मियों द्वारा हस्ताक्षरित बयान में पश्चिम के न्यूज़रूम्स से अपील की गई है कि वे ऐसी अमानवीय बयानबाज़ी से बचें, जो फ़िलिस्तीनियों के नस्लीय सफाए (एथनिक क्लींज़िंग) को उचित ठहराती है.

गाज़ा की घेराबंदी मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है

फ़िलिस्तीन और इज़रायल की ख़ातिर, जो ज़िंदा हैं उनकी ख़ातिर और जो मारे गए उनके नाम पर, हमास के हाथों बंधक बनाए गए लोगों की ख़ातिर और इज़रायली जेलों में बंद फ़िलिस्तीनियों की ख़ातिर, सारी इंसानियत की ख़ातिर, गाज़ा पर हमला फ़ौरन बंद होना चाहिए.

क़ब्ज़ाए गए क्षेत्रों में ‘इज़रायली बस्तियों’ के ख़िलाफ़ यूएन प्रस्ताव को भारत का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र का मसौदा प्रस्ताव बीते 9 नवंबर को भारी बहुमत से पारित किया गया. इसका शीर्षक ‘पूर्वी येरुशलम सहित क़ब्ज़ा किए गए फिलिस्तीनी क्षेत्र और सीरियाई गोलान में इज़रायली बस्तियां’ था. बीते 28 अक्टूबर को भारत ने जॉर्डन-मसौदा प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी, जिसमें शत्रुता की समाप्ति के लिए संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था.

फिलिस्तीनी आतंकवादी का कथित महिमामंडन करने के लिए आईआईटी बॉम्बे प्रोफेसर के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

प्रदर्शकारियों का आरोप है कि आईआईटी बॉम्बे के मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा और अतिथि वक्ता सुधन्वा देशपांडे ने बीते 6 नवंबर को एक बातचीत के दौरान कथित तौर पर ‘आतंकवादियों’ और सशस्त्र विद्रोह के बारे में अत्यधिक बात की थी. उन्होंने प्रोफेसर को संस्थान से हटाए जाने की भी मांग की.

मध्य प्रदेश में शिवराज का ‘बुलडोज़र’ कमज़ोरों के ख़िलाफ़ ही क्यों चला है?

विशेष रिपोर्ट: 2020 में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद से लगभग हर संगीन अपराध में न्यायिक फैसले का इंतजार किए बिना आरोपियों को सज़ा देने के लिए उनसे जुड़े निर्माण अवैध बताकर बुलडोज़र चला दिया गया.  कथित अपराध की सज़ा आरोपी के परिजनों को देने की इन मनमानी कार्रवाइयों का शिकार ज़्यादातर मुस्लिम, दलित और वंचित तबके के लोग ही रहे.

इज़रायल-फ़िलिस्तीन युद्ध: क्या है दोनों देशों के बीच संघर्ष का इतिहास

इज़रायल-फ़िलिस्तीन संघर्ष को बिना किसी धारणा और पूर्वाग्रह के समझना है, तो ज़रूरी है कि धर्म के चश्मे को उतारकर उसके ऐतिहासिक संदर्भ से समझा जाए.

गाज़ा बच्चों के लिए क़ब्रिस्तान बनता जा रहा है: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाज़ा पट्टी में तत्काल मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान करते हुए कहा है कि हर गुज़रते घंटे के साथ सामने आ रही तबाही युद्ध विराम की आवश्यकता को और अधिक जरूरी बना देती है. इस दौरान उन्होंने हमास द्वारा बंधक बनाए गए 200 से अधिक इज़रायलियों की रिहाई का आह्वान भी दोहराया.

इज़रायल-फिलिस्तीन युद्ध: जब एक वर्ग नरसंहार का सामना कर रहा हो तो तटस्थ नहीं रह सकते- विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने युद्ध से तबाह फिलिस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि जब लोगों का एक वर्ग नरसंहार जैसी आक्रामकता का सामना कर रहा हो तो कोई तटस्थ नहीं रह सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल अमेरिका के समर्थन से फिलिस्तीन को निशाना बना रहा है.

इज़रायल और फिलिस्तीन के 2000 साल के इतिहास की कहानी

वीडियो: इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष का इतिहास बहुत पुराना है. कैसे इज़रायल और फिलिस्तीन अस्तित्व में आए, दोनों देशों का 2000 साल का इतिहास क्या है, कैसे यहूदियों को पनाह देने वाले फिलिस्तीन को यहूदियों के राष्ट्र इज़रायल ने ही उजाड़ दिया, बता रहे हैं द वायर के अजय कुमार.

गाज़ा में युद्धविराम पर यूएन प्रस्ताव का मोदी सरकार द्वारा समर्थन न करने की विपक्ष ने निंदा की

संयुक्त राष्ट्र महासभा में लाए प्रस्ताव में गाज़ा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम का आह्वान करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के महत्व पर ज़ोर दिया गया था. इसमें बंधक बनाए गए सभी नागरिकों की बिना शर्त रिहाई और गाज़ा को ज़रूरी रसद सामग्री की निर्बाध आपूर्ति का आग्रह किया था. भारत प्रस्ताव पर वोटिंग में शामिल नहीं हुआ था.

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